पश्चिम बंगाल में मस्जिदों और मंदिरों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मामले को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है. एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई और इमामों को थाने बुलाए जाने पर तीखा गुस्सा जाहिर किया है. वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पूरी कार्रवाई का बचाव किया है.
सिद्दीकुल्ला चौधरी बोले-इमाम कोई चोर-उचक्के नहीं हैं
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के विरोध में सबसे मुखर होकर आवाज उठाने वाले सिद्दीकुल्ला चौधरी ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
सिद्दीकुल्ला चौधरी ने न्यायमूर्ति भगवती प्रसाद बनर्जी के 1 अप्रैल 1996 के पुराने आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि कानून में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए डेसिबल तय है, लेकिन कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि माइक को पूरी तरह से उतार दिया जाए.
उन्होंने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि थानों में इमामों को बुलाकर डराया-धमकाया जा रहा है. उन्होंने सवाल किया, 'क्या इमाम साहब कोई चोर-उचक्के हैं? क्या पुलिस कभी रामकृष्ण मिशन या भारत सेवाश्रम संघ के महाराज को इस तरह थाने बुलाती है?' उन्होंने कहा कि अगर बात करनी है तो डीएम या एसपी सम्मान के साथ डीएम ऑफिस में बात करें, थानों में बुलाकर इमामों के पद की गरिमा को ठेस न पहुंचाई जाए.
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सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि 50 सालों से मस्जिदों में अजान के लिए माइक का इस्तेमाल हो रहा है, जिसका उद्देश्य सिर्फ नमाजियों को समय की सूचना देना है. यह सरकार के खिलाफ कोई कदम नहीं है, लेकिन पुलिस की ओर से जबरदस्ती माइक उतरवाना मुस्लिम समाज और इमामों का अपमान है.
CM बोले- अदालत के आदेश का हो रहा पालन
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस पूरे विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अदालत के निर्देशों के तहत की जा रही है.
सीएम ने कहा कि कोर्ट का साफ आदेश है कि मस्जिदों और मंदिरों दोनों के लाउडस्पीकर की आवाज उनके अपने परिसर के अंदर ही रहनी चाहिए, वह बाहर नहीं जानी चाहिए. इसी निर्देश के तहत पुलिस को कदम उठाने के लिए कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों साझा करते हुए बताया कि पुलिस के निर्देश के बाद अब तक कुल 5,299 लाउडस्पीकर उतारे जा चुके हैं. सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की तरफ से कोई जबरदस्ती नहीं की गई है, बल्कि मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों ने पुलिस को पूरा सहयोग दिया है. कोऑपरेशन के चलते मस्जिदों से 4,203 और मंदिरों से 1,096 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं.
राज्य में लाउडस्पीकर के इस मुद्दे पर जहां एक तरफ धार्मिक संगठनों और नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है, वहीं सरकार इसे न्यायिक आदेशों का पालन बता रही है.
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