
महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलाधार बारिश के कारण बांदिया नदी में भीषण बाढ़ आ गई है. इस बाढ़ के कारण दक्षिण गडचिरोली के कोठी-कोरणार पुल का बड़ा हिस्सा गिरकर पानी में बह गया.
खास बात ये है कि इस पुल का उद्घाटन महज तीन साल पहले ही तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ था. पहले ही बड़े बाढ़ में पुल के ढहने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
इस घटना के चलते गडचिरोली से छत्तीसगढ़ के बीच का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है. इस पुल के निर्माण के लिए साल 2019 में 4 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था और ठेकेदार मिथिलेश मिश्रा को ये काम सौंपा गया था. बाद में पुल की लंबाई बढ़ाए जाने के कारण 2022-2023 के दौरान इसका निर्माण पूरा हुआ.

देवेंद्र फडणवीस ने किया था उद्घाटन
15 अगस्त 2023 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों और तत्कालीन खाद्य और औषधि प्रशासन मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम की प्रमुख मौजूदगी में इस पुल का 'क्रांतिवीर बाबुराव शेडमाके पुल' के रूप में उद्घाटन किया गया था.
उद्घाटन के महज तीन के भीतर ही पुल का बाढ़ में बह जाना लोक निर्माण विभाग की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, तकनीकी निगरानी और ठेका प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है. करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस पुल के इतने कम समय में ही ध्वस्त हो जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और आजाद समाज पार्टी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है. इन दलों ने मांग की है कि इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता, तत्कालीन कार्यकारी अभियंता, दूसरे जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए.