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राहुल या सुपरस्टार विजय? पीएम पद को लेकर कांग्रेस की सहयोगी दल से छिड़ गई रार

तमिलनाडु में सरकार गठन के चार महीने के भीतर 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर कांग्रेस और TVK के बीच घमासान छिड़ गया है. TVK द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को पीएम पद के विकल्प के रूप में प्रमोट करने से नाराज कांग्रेस ने सरकार से अलग होने तक की चेतावनी दे दी है.

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राहुल गांधी और सीएम विजय कौन होगा विपक्ष का चेहरा (Photo-ITG)
राहुल गांधी और सीएम विजय कौन होगा विपक्ष का चेहरा (Photo-ITG)

तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके गठबंधन सरकार के अभी 100 दिन ही पूरे हुए हैं कि दोनों के बीच सियासी तलवारें खिंच गई हैं. 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर खींचतान तेज हो गई है. सीएम सी जोसेफ विजय को पीएम पद के तौर पर पेश किया जाना कांग्रेस नेताओं को रास नहीं आ रहा है.

2029 के लोकसभा चुनाव में अभी ढाई साल से भी ज्यादा का वक्त बाकी है, लेकिन सियासी बिसात अभी से ही बिछाई जाने लगी है. विपक्ष की तरफ से पीएम पद का चेहरा बनने की कवायद तेज हो गई है. तमिलनाडु सीएम थलापति विजय को पीएम चेहरे के तौर पर टीवीके द्वारा प्रोजेक्ट करने को लेकर कांग्रेस ने अपनी नाराजगी को जाहिर किया है.

पीएम मोदी के सामने 2029 के चुनाव में विपक्षी चेहरा बनने को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के बीच घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस के नेता पीएम पद के लिए राहुल गांधी के चेहरे को आगे करना चाहते हैं. ऐसे में टीवीके का सीएम विजय को पीएम चेहरा बनाने का फैसला कांग्रेस को पसंद नहीं आया. कांग्रेस कोटे के मंत्रियों ने तमिलनाडु सरकार से अलग होने तक की चेतावनी दे डाली है.

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विजय को पीएम पद के तौर पर प्रमोट कर रही टीवीके

तमिलनाडु में अपने पहले ही चुनाव में सत्ता हासिल करने वाले सुपरस्टार थलापति विजय को उनकी पार्टी के नेता पीएम के रूप में देखना चाहते हैं. तमिलनाडु सरकार में मंत्री आधव अर्जुन, डी. सरथकुमार सहित टीवीके नेताओं ने हाल में यह नैरेटिव पेश करना शुरू किया कि 2029 में देश का नेतृत्व किसी दक्षिण भारतीय चेहरे को करना चाहिए.

टीवीके ने तमिलनाडु के सीएम विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में प्रमोट करना शुरू किया. बाकायदा पोस्टर और वीडियो जारी कर सियासी माहौल बनाया जा रहा है. आजतक के 'मूड ऑफ द नेशन' के सर्वे में सीएम विजय के तीसरे सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरने के बाद टीवीके समर्थकों का यह उत्साह और बढ़ गया.

पीएम पद के लिए कांग्रेस की टीवीके से छिड़ी रार

कांग्रेस नेतृत्व ने सीएम विजय को पीएम पद के लिए प्रमोट करने वाले पोस्टरों और वीडियो को लेकर नाराजगी जाहिर की है. कांग्रेस इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख के खिलाफ मान रही है. तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री व कांग्रेस नेता एस राजेश कुमार ने दो टूक कहा कि 2029 के आम चुनाव में राहुल गांधी ही पीएम पद के एकमात्र सर्वमान्य उम्मीदवार हैं.

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राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि TVK राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करती, तो सरकार में शामिल दोनों कांग्रेस मंत्री मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे. हालांकि माना जा रहा है कि यह कैंपेन टीवीके समर्थकों के एक गुट ने पार्टी नेतृत्व को प्रभावित करने के लिए चलाया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को डर है कि इससे राष्ट्रीय राजनीति के रुख को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है.

राहुल गांधी के नेतृत्व को सीधे चुनौती मान रही कांग्रेस

कांग्रेस के लिए राहुल गांधी 2029 के आम चुनाव में विपक्ष के एकमात्र सर्वमान्य और राष्ट्रीय पीएम चेहरा हैं. टीवीके नेता और समर्थक तमिलनाडु की चुनावी सफलता के बाद विजय को 'दक्षिण भारत के चेहरे' के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे हैं. पीएम पद को लेकर बहस तब शुरू हुई जब टीवीके के विधायकों और मंत्रियों ने विधानसभा में बार-बार विजय की तारीफ की.

बाद में यह मामला सदन से बाहर भी फैल गया और सार्वजनिक जगहों पर उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर दिखाने वाले पोस्टर लगने लगे, जिसके चलते कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि 2029 में पीएम पद के लिए विपक्ष का चेहरा सिर्फ राहुल गांधी हैं.

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मानिकम टैगोर का कहना है कि TVK के नेता अभी भी 'फैन क्लब माइंडसेट' से बाहर नहीं आ पाए हैं और अब उन्हें राष्ट्रीय राजनीति की बारीकियों को समझना चाहिए.

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कांग्रेस-टीवीके गठबंधन में कहीं न पड़ जाए दरार

तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के विधायकों का समर्थन टीवीके के लिए महत्वपूर्ण रहा है. कांग्रेस नेताओं में खासकर प्रदेश अध्यक्ष मानिकम टैगोर और सांसद कार्ति चिदंबरम का मानना है कि TVK के नेता जमीनी हकीकत को समझने के बजाय अभी भी अपने 'फैन क्लब माइंडसेट' से काम कर रहे हैं और राष्ट्रीय राजनीति के आंकड़ों की अनदेखी कर रहे हैं.

कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल है और वह क्षेत्रीय सहयोगियों को केंद्र के नेतृत्व पर हावी नहीं होने देना चाहती. टीवीके भले ही तमिलनाडु में सत्ता में हो, लेकिन केंद्र की राजनीति में विजय का नाम आगे बढ़ाने से राष्ट्रीय गठबंधन के अंदर राहुल गांधी की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं. कांग्रेस का मानना है कि सरकार बनने के महज कुछ महीने बिताने के बाद ही विजय के समर्थकों द्वारा उन्हें लाल किले पर झंडा फहराने और पीएम पद का दावेदार बताने की बयानबाजी ठीक नहीं है.

तमिलनाडु की विधानसभा में बहुमत के लिहाज से कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन TVK सरकार के लिए बेहद अहम है. इसी समीकरण के तहत TVK ने कांग्रेस को सरकार में दो कैबिनेट पद दिए थे. हालांकि, TVK राज्य में अपनी सफलता के दम पर अब राष्ट्रीय राजनीति में 'दक्षिण का चेहरा' बनने की आकांक्षा रख रही है. कांग्रेस को विजय के मुख्यमंत्री बनने से नहीं, बल्कि TVK द्वारा उन्हें राहुल गांधी के विकल्प के रूप में 'राष्ट्रीय पीएम चेहरा' बनाकर पेश करने से परेशानी है.

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कांग्रेस किसी भी कीमत पर केंद्र में अपने सबसे बड़े नेता राहुल गांधी के सियासी कद को कमजोर नहीं होने देना चाहती. ऐसे में अगर दोनों दलों के बीच यह वैचारिक और राजनीतिक गतिरोध जल्द नहीं सुलझा, तो तमिलनाडु की गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं.

डीएमके ने विजय की दावेदारी पर कसा तंज
कांग्रेस किसी भी कीमत पर केंद्र में अपने सबसे बड़े नेता राहुल गांधी के सियासी कद को कमजोर नहीं होने देना चाहती. ऐसे में अगर दोनों दलों के बीच यह वैचारिक और राजनीतिक गतिरोध जल्द नहीं सुलझा, तो तमिलनाडु की गठबंधन सरकार पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. ऐसे में डीएमके ने टीवीके के साथ-साथ कांग्रेस पर भी तंज कसा . 

डीएमके के राष्ट्रीय सचिव आरएस भारती ने कहा कि अगर पार्टी के सदस्य बोलेंगे तो वे यह भी कहेंगे कि वह संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बनने वाले हैं. उनकी कल्पना की कोई सीमा नहीं है. उन्हें जो सोचना है सोचने दीजिए. उन्होंने विजय को प्रधानमंत्री चेहरे के रूप में पेश करने के निहितार्थों पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई कहता है कि वह प्रधानमंत्री बनेगा, वे पहले ही तय कर लेते हैं कि राहुल गांधी को नहीं बनने देंगे. 

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डीएमके नेता ने कहा कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में थोड़ी भी आत्मसम्मान है, तो वे खुलकर सामने आएं और कहें कि उन्होंने तय कर लिया है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे, नहीं, नहीं, वे प्रधानमंत्री बनेंगे, और ये लोग उनकी पूजा करते रहें. वहीं, एमडीएमके प्रमुख वाइको, जो विजय के सहयोगी भी हैं, ने इस धारणा का खंडन करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में राहुल गांधी का कोई विकल्प नहीं है.
 

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