ममता बनर्जी के बरहामपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने और मौजूदा सांसद यूसुफ पठान से इस्तीफा दिलाने की खबरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ममता ने सौरव गांगुली के जरिए यूसुफ पठान तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की थी।
बंगाल में टीएमसी की हार के बाद विपक्ष में हाहाकार मचा हुआ है. इंडिया गठबंधन सोमवार को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रहा है. इस बैठक में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच चुकी हैं. बीजेपी का कहना है कि इंडिया गठबंधन की इस बैठक का कोई असर नहीं पड़ने वाला क्योंकि ये सब लोग हताश हैं. देखें वीडियो.
अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि Sonia Gandhi और पार्टी नेतृत्व उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला कर चुके थे, लेकिन एक कथित साजिश के कारण पूरा घटनाक्रम बदल गया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पार्टी TVK की आईटी विंग ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर बड़ा हमला बोला है. पार्टी ने कहा कि स्टालिन का राजनीतिक नुकसान उनके विरोधी नहीं, बल्कि उनके अपने करीबी लोग करेंगे. बयान में डीएमके पर परिवारवाद और सत्ता को सीमित रखने का आरोप भी लगाया गया.
आजतक के स्पेशल कार्यक्रम 'बहस बाजीगर' में इस बार का विषय है- क्या घुसपैठियों को BJP ने चुनावी हथियार बना लिया है? इसी सवाल को लेकर तमाम पार्टियों के प्रवक्ताओं में जबरदस्त वार-पलटवार देखने को मिला. सभी प्रवक्ताओं ने तर्कों से एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. देखें बहस बाजीगर.
बिहार में 18 जून को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव से NDA के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। BJP और JDU ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, लेकिन बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश का नाम सूची में नहीं होने से उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
बंगाल में बगावत के बाद अब TMC की पार्लियामेंट्री रैंक में भी फूट की चर्चाओं ने हलचल बढ़ा दी है. इसी बीच पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी का तय कार्यक्रम से एक दिन पहले दिल्ली पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है. इसे INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले डैमेज कंट्रोल से जोड़कर देखा जा रहा है.
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एक राजनीतिक विवाद में घिर गए, जब एक अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि उन्होंने ममता बनर्जी की ओर से सांसद यूसुफ पठान को लोकसभा सीट छोड़ने का संदेश दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सीट खाली होने पर ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ सकती थीं.
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. एआईएडीएमके के चार पूर्व मंत्री ने टीवीके का दामन थाम लिया है. इसके अलावा डीएमके के पूर्व विधायक जे. करुणानिधि भी पार्टी में शामिल हुए हैं.
कर्नाटक की पारंपरिक कलबुर्गी रोटी अपनी खास पहचान और पौष्टिक गुणों के कारण चर्चा में है. ज्वार से तैयार होने वाली यह रोटी स्वाद और सेहत का अनोखा मेल मानी जाती है. फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर यह व्यंजन संतुलित आहार का हिस्सा बनता जा रहा है. स्थानीय रसोई से निकलकर अब यह रोटी देशभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्यसभा चुनाव के लिए पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार घोषित किया है. इसके साथ ही महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है. अब राज्यसभा की दो सीटों पर कांग्रेस और जेएमएम के एक-एक उम्मीदवार मैदान में होंगे.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा जुटे हैं. कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच विशेष प्रतीकात्मक मास्क भी बांटे जा रहे हैं, जो आंदोलन की पहचान का हिस्सा बने हुए हैं. आयोजकों का कहना है कि यह विरोध दर्ज कराने का एक रचनात्मक तरीका है. प्रदर्शन स्थल पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है और पूरे आयोजन पर लोगों की नजर बनी हुई है.
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी कार्यक्रम में शामिल हुए और शिक्षा तथा परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी. प्रदर्शन के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई गई. पुलिस की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा और पूरे घटनाक्रम पर राजधानी की नजर बनी रही.
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद कार्यक्रम को लेकर तैयारियां और चर्चाएं बढ़ गई हैं. प्रदर्शन का नेतृत्व अभिजीत दिपके कर रहे हैं, जिन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है.
नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके दिल्ली पहुंच गए हैं. राजधानी में कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. दूसरी ओर प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है. प्रदर्शन को लेकर छात्र समुदाय और विभिन्न समूहों में उत्सुकता बनी हुई है, जबकि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है.
दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके राजधानी पहुंच चुके हैं और उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है. दूसरी ओर प्रशासन ने भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है तथा राजधानी में पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है.
जेड प्लस सुरक्षा वापस लेने के बाद अब लालू यादव और राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा पूरी तरह से वापस कर दी है. एक दिन पहले ही लालू परिवार की सुरक्षा में बदलाव किया गया था, जिसके बाद अब लालू और राबड़ी ने अपनी सुरक्षा लौटा दी है.
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला. अपने संबोधन में उन्होंने साल 2017 से पहले की सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि उस समय गरीबों को उनका हक नहीं मिल पाता था.
उत्तर प्रदेश का चुनाव भले अभी दूर है, लेकिन जातीय समीकरणों पर दांव अभी से चले जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी के लिए बीजेपी का ब्राह्मण कार्ड सामने आया है. उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और मंत्री मनोज पांडे जैसे बीजेपी के बड़े ब्राह्मण चेहरों ने साफ कह दिया है कि योगी आदित्यनाथ ही मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे. योगी पर BJP के ब्राह्मण नेताओं का इतना साफ संदेश इसलिए बेहद अहम है, क्योंकि जहां विपक्ष लंबे समय से योगी सरकार के खिलाफ ब्राह्मण दांव चलने की कोशिश करता रहा है. देखें हल्ला बोल.
आज का दंगल देश में आपदा और अवसर की सियासत पर है. क्योंकि एक दिन बाद यानी 8 जून को इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई है. खबर है कि 15 विपक्षी दलों को राहुल-खड़गे की ओर से न्योता गया है. नीट पेपरलीक से लेकर सीबीएसई पेपर जांच धांधली और तेल-गैस की महंगाई से लेकर आर्थिक मंदी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट करके आगामी मानसून सत्र में सरकार को घेरने का प्लान है. देखें दंगल.
बीजेपी छोड़ने के बाद आखिरकार अन्नामलाई ने चुप्पी तोड़ दी है। जिस नेता को कभी तमिलनाडु में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था, वही अब पार्टी से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक राह पर निकल पड़ा है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि अन्नामलाई ने बीजेपी क्यों छोड़ी... बड़ा सवाल यह है कि क्या तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक ताकत जन्म लेने वाली है?