अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई को बेहद चिंताजनक बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का कड़ा संदेश मिलेगा और शासन व्यवस्था में सुधार होगा. आजतक ने अन्ना हजारे से एक्सक्लूसिव बात की. देखें Video.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में गहलोत सरकार के दौरान अकेले 19 पेपर लीक के मामले सामने आए थे. जोशी ने यह भी दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी स्वीकार किया था कि तमाम कोशिशों के बावजूद पेपर लीक को रोका नहीं जा सका.
छात्रों से बातचीत के मुद्दे पर जेपी नड्डा का बयान आया है. जेपी नड्डा ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं. छात्र उनके दफ्तर या सरकारी आवास पर आकर बातचीत कर सकते हैं. अधिक जानने के लिए देखें Video.
पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन के अंदर तक सियासी संग्राम छिड़ गया है. विपक्ष की पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार रजामंद है. सत्तपक्ष और विपक्ष दोनों ही तैयार हैं तो फिर मामला कहां फंसा है और क्यों चर्चा नहीं हो पा रही है?
पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. राहुल गांधी ने सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री को हटाने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई. वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पेपर लीक के मुद्दे पर सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया. लेकिन विपक्ष अभी भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर कड़ा हमला किया है.
पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी के 'त्वरित कार्रवाई' के वादे पर कांग्रेस, कॉकरोच जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं दी है. पीएम मोदी के भरोसा दिलाने के बाद भी विपक्ष अपने स्टैंड पर कायम है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है. सरकार का कहना है कि इस कदम से मामलों का जल्द निपटारा होगा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी. संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
NEET पेपर लीक, कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में पुलिस का लाठीचार्ज, और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उठा तूफान, कैसे अब बड़े सियासी टकराव में बदल गया है? एक तरफ सरकार है, उसकी दलील है, दूसरी तरफ कांग्रेस और पूरा विपक्ष है, जो छात्रों की मांग,और उनपर हुए लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर बरस रहा है. देखें दस्तक.
पेपरलीक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष की लड़ाई और तेज हो गई है. राहुल गांधी ने न आज सिर्फ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहरायी बल्कि प्रधानमंत्री से भी माफी की मांग की. उधर, सोनम वांगचुक ने जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखी चिट्ठी में सरकार के सामने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए शर्तें रख दी हैं. चिट्ठी में वांगचुक ने लिखा है कि संसद में सार्थक चर्चा हो और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार हो. देखें हल्ला बोल.
NEET-UG पेपर लीक पर जेपी नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग का मामला होने के बावजूद जवाब दूसरे मंत्री से दिलवाया गया.
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ शुरू हुआ CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन अब सिर्फ एक छात्र आंदोलन नहीं रह गया है यह ऐसा मंच बन गया है, जहां लगभग हर विपक्षी दल अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है..अपनी खोई जमीन तलाश रहा है..लेकिन इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि इस आंदोलन को अब तक जो बस ऐसे ही समझ रहे थे उसके नाम पर देशभर में आंदोलन हो रहे हैं
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ पुलिस की बदसलूकी पर अखिलेश यादव संसद में भड़क गए. संसद में वह स्पीकर ओम बिरल से उलझ गए. उन्होंने पूछा कि किया 'क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?' इसके अलावा अखिलेश ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की. देखें...
लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और कथित मारपीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
Abhijit Dipke ने Sonam Wangchuk की भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 25 दिन से बिना भोजन के रहने से सोनम की जान को खतरा है और उनसे हड़ताल खत्म करने की अपील की।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार मेरे साथ क्या बर्ताव कर रही है, उसकी मुझे एकदम चिंता नहीं है. सरकार मेरे साथ 5 गुना और बुरा व्यवहार करे लेकिन फोकस छात्रों पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस में भी सरकार के खिलाफ माहौल है.
CJP के विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ी सियासी तस्वीर सामने आई है. एनसीपी (SP) अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. मुलाकात में किस विषय पर बातचीत हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. लेकिन तस्वीरें सामने आईं हैं. देखें...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्र कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, वे सिर्फ अपने हक की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि देश में निष्पक्ष और बेहतर शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई.
CJP के आंदोलन में पिछले 24 घंटे में अचानक तीन दरार आ गए हैं. CJP ने विजेता दाहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया. वहीं बुधवार को अखिलेश यादव कांग्रेस से खफा दिखे. उन्होंने बुधवार को लोकसभा स्पीकर को साफ कहा कि क्या सरकार और कांग्रेस में समझौता हो गया है. इसके अलावा मंगलवार को AAP ने भी कांग्रेस पर हमला बोला.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद Kalyan Banerjee को पूरे मॉनसून सत्र से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने संसद में एक महिला सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद लोकसभा में शिकायत हुई।
संसद के मॉनसून सत्र में राजनीतिक तनातनी के बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी की टिप्पणी उन पर भारी पड़ गई. लोकसभा में एक महिला सांसद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई और सदन ने उन्हें पूरे सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया. इससे संसद में सियासी विवाद और तेज हो गया.