कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास के घर पर कुछ यूट्यूबर्स और मीडियाकर्मियों की ओर से कथित तौर पर अंदर घुसकर वीडियो बनाने का मामला सामने आया है. सौरभ दास ने इसे अपने और अपने परिवार के लिए एक गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है. इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी बढ़ गई है. विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए सौरभ दास ने बताया कि कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया चैनलों ने उनके घर के अंदर के विजुअल्स दिखाए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन वीडियो के कारण कोई असामाजिक तत्व उनके घर पर हमला करता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर वे यूट्यूबर्स और उनके ट्रोल हैंडलर्स जिम्मेदार होंगे.
सौरभ दास ने दावा किया कि उनके घर के बाहर रात से ही लोग कैंप कर रहे थे. सुबह 15 से 20 लोग उनके घर पर आ धमके. उन्होंने आरोप लगाया कि इन हरकतों से वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. वर्तमान में सौरभ दास महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की दो दिवसीय रणनीति बैठक में शामिल होने गए हुए हैं.
आशुतोष रांका ने अभिजीत अय्यर-मित्रा पर लगाए गंभीर आरोप
इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अभिजीत अय्यर-मित्रा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि एक पॉडकास्ट में सौरभ दास के खिलाफ लगातार झूठे और भ्रामक दावे किए गए, जिसके बाद यह उपद्रव शुरू हुआ.
आशुतोष ने बताया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब देने की मांग की है.
इस पूरे विवाद के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा कि वे इस मामले को संसद के आगामी सत्र यानी राज्यसभा में जोर-शोर से उठाएंगे. वहीं आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मोदी जी का असली चेहरा है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्र प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें पीटा गया, धमकाया गया और उनके घरों पर गुंडे भेजे गए.
गौरतलब है यह सारा विवाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले 36 दिनों के लंबे छात्र आंदोलन के बाद गरमाया है, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. वर्तमान में CJP के नेता महाराष्ट्र में अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक कर रहे हैं.
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पहले ही साफ कर दिया है कि उनका संगठन राजनीतिक दल की बजाय एक 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में काम करेगा. आने वाले दिनों में झारखंड के छात्र आंदोलनों में भी अपनी सक्रियता बढ़ाएगा.
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