सौरव दास एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा-आधारित राजनीतिक अभियान सीजेपी (Cockroach Janta Party,CJP) के मुख्य प्रवक्ता (Chief Spokesperson) हैं. वे नई दिल्ली में रहकर शासन, न्यायपालिका, कानून, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और सार्वजनिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहते हैं.
पत्रकार के रूप में सौरव दास स्वतंत्र रूप से काम करते हैं. उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों, न्यायिक प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े मामलों पर रहता है. वे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर अपनी राय भी सार्वजनिक मंचों और डिजिटल माध्यमों के जरिए शेयर करते हैं.
सौरव दास एक किताब पर भी काम कर रहे हैं, जिसका शीर्षक Complicit Silence: The Court's Role in India's Quiet Suffering बताया गया है. यह पुस्तक न्यायपालिका और समाज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित है.
Cockroach Janta Party (CJP) में सौरव दास संगठन के मुख्य प्रवक्ता की भूमिका निभाते हैं. इस पद पर रहते हुए वे संगठन की ओर से मीडिया, आम जनता और विभिन्न सरकारी संस्थानों के सामने आधिकारिक पक्ष रखते हैं. आंदोलन से जुड़े मुद्दों और मांगों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा है.
आंदोलन के दौरान सौरव दास ने सरकार और प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत में हिस्सा लिया. इसके अलावा, आंदोलन के दौरान मीडिया से बातचीत, प्रेस ब्रीफिंग और सार्वजनिक बयान जारी करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली. संगठन की ओर से आधिकारिक जानकारी साझा करना और आंदोलन की गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाना उनकी प्रमुख भूमिकाओं में शामिल रहा.
राहुल गांधी ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने कोई अपराध नहीं है. अभिजीत दिपके ने राहुल गांधी के पोस्ट पर जवाब देते हुए उनका धन्यवाद किया.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के 14 सदस्यों ने प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा. अजिंक्य शिंदे को 5 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया गया, साथ ही छह महीने तक अशांति न फैलाने की शर्त लगाई गई.
Anti CEC Protest Live Updates: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला गरमा गया है. पार्टी के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. जबकि अजिंक्य शिंदे को पांच हजार का बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया.
CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और इसे गलत बताया है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना गुनाह नहीं है.
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के मामले में CJP नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में CJP नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की है. शिकायत के मुताबिक, नेता JDU दफ्तर के पास स्थित गेट को फांदकर प्रदर्शन स्थल में घुसे थे. इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की.
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के लीड मेंबर्स सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है. दोनों जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए.
CJP के सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के पास हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों कुछ अन्य लोगों के साथ JDU कार्यालय परिसर की तरफ से गेट पार कर जंतर-मंतर की ओर पहुंचे थे।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके से पुलिस ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और सीजेपी से जुड़े सौरव दास एवं आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है. सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में लागू धारा 163 के नियमों का उल्लंघन करने के चलते यह कार्रवाई की गई. प्रदर्शनकारी हाथ में तिरंगा लेकर नारेबाजी करते हुए जंतर-मंतर के पिछले हिस्से से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे.
सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. जानकारी के मुताबिक वे अपने कुछ दोस्तों के साथ जंतर-मंतर आए थे. इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया.
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सुप्रीम कोर्ट से बाहर निकल गए हैं. इससे पहले राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होकर आधिकारिक रूप से रजिस्टर हुई थी. INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च किया था, जिसमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए थे.
इस बार जंतर-ंमंतर पर सीजेपी का प्रोटेस्ट जुलाई में हुए पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन से अलग था. दिल्ली में पुलिस पहले से ज्यादा मुस्तैद थी और प्रदर्शनकारियों को प्रोटेस्ट साइट पर जमा ही नहीं होने दिया गया. पेपर लीक के खिलाफ जिस तरह का जनसमर्थन सीजेपी को मिला था, इस बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वैसा माहौल बनाने में सीजेपी नाकाम रही है.
एयरपोर्ट पर हिरासत से रिहा होने के बाद CJP नेताओं ने ऐलान किया है कि वे सोमवार को संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख मांगेंगे. नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे में अनुमति नहीं मिली, तो नया विरोध प्रदर्शन बुलाया जाएगा.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई.
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा को समर्थन देने का आरोप लगाया. वहीं, सौरव दास ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उनके फोन जब्त किए गए, लेकिन जब्ती की रसीद नहीं दी गई. पार्टी ने फोन से छेड़छाड़, वकीलों से संपर्क रोकने और प्रदर्शनकारियों की छवि खराब करने के आरोप भी लगाए हैं.
दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए सीजेपी के तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट से सशर्त रिहाई मिल गई है. पुलिस ने इन नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था. कोर्ट ने इन सभी नेताओं से 50,000 रुपये का निजी मुचलका और सुरिटी बॉन्ड भरवाकर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया. रिहाई के लिए लगाई गई मुख्य शर्त यह है कि इन नेताओं को अगले एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखनी होगी और अच्छा आचरण बनाए रखना होगा.
दिल्ली में रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेशी हुई. इसके बाद अदालत ने तीनों को रिहा कर दिया है. CJP ने तीनों लीडर्स की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि 'कॉकरोच कभी नहीं मरते.'
अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है और कहा कि उन्होंने अभिजीत को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, केवल हिरासत में रखा गया है.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने रविवार को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक रोजाना जंतर-मंतर तक मार्च किया जाएगा. CJP के इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में शनिवार को परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही.
मुंबई से दिल्ली पहुंचे CJP संयोजक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को प्लेन के अंदर से हिरासत में लिए जाने के बाद भी लोकेशन न बताने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है. पार्टी ने नेताओं को परिजनों व वकीलों से दूर रखने पर सवाल उठाते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है.
10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन की प्लानिंग से लेकर दिल्ली पुलिस के एक्शन तक, हर कदम पर नजर रही. टॉप लीडरशिप, अहम लोकेशन और मिनट-दर-मिनट बदलते घटनाक्रम ने इस पूरे पॉलिटिकल प्रोटेस्ट को खास बना दिया. पढ़ें कहां क्या हुआ और किस मोड़ पर पूरा घटनाक्रम बदल गया?