रांची में दो हफ्तों से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच भूख हड़ताल पर बैठे राहुल की तबीयत अचानक बिगड़ गई. राहुल उन प्रदर्शनकारियों में शामिल हैं, जो लगातार अनशन पर बैठे हुए हैं. हालत बिगड़ने के बाद मौके पर मौजूद डॉक्टर उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं. छात्रों का यह प्रदर्शन JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा है.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की तबीयत का मामला नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का नतीजा है. उन्होंने कहा कि उनकी बात सुनी जाए. छात्रों के मुताबिक उन्होंने राहुल गांधी से भी बात की है और उन्होंने उनकी मांग का समर्थन किया है. अब वे मुलाकात के लिए समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
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राहुल आमरण अनशन पर हैं. छात्र कह रहे हैं कि वह चार दिन से भूखे प्यासे हैं और इसी वजह से उनकी हालत बिगड़ी है. उनका शरीर तप रहा था. राहुल ने कई परीक्षाएं दीं, सहायक शिक्षक परीक्षा पास की, लेकिन भर्ती के बावजूद नियुक्ति नहीं मिली. छात्रों का आरोप है कि सरकार में बैकडोर से सेटिंग हुई और वे पेपर सेट करते रह गए.
प्रदर्शन में शामिल 27 साल की सविता की कहानी भी इस आंदोलन की तकलीफ दिखाती है. सविता का कहना है कि उनके पापा ने सबसे लड़कर उन्हें पढ़ाया, लेकिन अब घर कैसे जाएं. उनका कहना है कि उम्र बीत रही है, मेहनत की है, लेकिन सिस्टम धोखा दे देता है.
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छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, मेरा चेहरा ही मेरी सेहत बता रहा है. मैं बस थोड़ा सुन, सोच और बोल पा रहा हूं. बाकी अंग साथ नहीं दे रहे हैं. उन्होंने सरकार के रवैये को छात्रों के प्रति बेहद असंवेदनशील बताया. उन्होंने यह भी कहा कि वे मिलकर ऐसा सिस्टम बनाना चाहते हैं, जिसमें धांधली और पेपर लीक नामुमकिन हो.
रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है. उनकी मदद के लिए लोग ऑनलाइन और नकद दोनों तरह से पहुंच रहे हैं, लेकिन छात्र पैसा लेने से मना कर रहे हैं. स्थानीय दुकानदार भी हर संभव मदद के लिए साथ खड़े हैं. छात्रों के समर्थन में देशभर से आवाजें आ रही हैं. खराब मौसम के बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए सीजेपी ने रेनकोट भेजा है, जबकि उसका नेतृत्व आज रांची पहुंचने वाला है.