रांची
रांची (Ranchi) जिला भारत के झारखंड राज्य का सबसे अधिक आबादी वाला जिला है और झारखंडउ की राजधानी भी है (Capital of Jharkhand). साथ ही जिला मुख्यालय भी है. इस जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं और 1 लोकसभा क्षेत्र है (Ranchi Constituencies).
रांची छोटा नागपुर पठार के दक्षिणी भाग पर स्थित है जो दक्कन पठार के पूर्वी किनारा बनाता है. रांची के आसपास कई बड़े और छोटे झरने हैं. सबसे लोकप्रिय हैं दसम फॉल्स, हुंडरू फॉल्स, जोन्हा फॉल्स, हिरनी फॉल्स और पंचघाग फॉल्स. सुवर्णरेखा नदी और उसकी सहायक नदियां स्थानीय नदी प्रणाली बनाती हैं. कांके, रूक्का और हटिया में बांध इन चैनलों पर बनाए गए हैं ताकि बहुसंख्यक आबादी की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके (Ranchi Rivers and Lake).
इसका कुल क्षेत्रफल 5,097 है (Ranchi Total Area). 2011 की जनगणना के अनुसार रांची जिले की जनसंख्या 2,914,253 है (Ranchi Population). जिले का जनसंख्या घनत्व 572 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है (Ranchi Density). 2001-2011 के दशक में इसकी जनसंख्या वृद्धि दर 23.9% थी (Ranchi Population Growth). रांची में प्रत्येक 1000 पुरुषों पर 950 महिलाओं का लिंगानुपात है (Ranchi Sex Ratio) और साक्षरता दर 77.13% है (Ranchi Literacy). जिले की 30.23% आबादी सादरी और 28.08% हिंदी बोलती है (Ranchi Languages).
JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की गई है. वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में SIT ने JSSC-CGL मामले में 37 संदिग्धों से पूछताछ की है.
हाई कोर्ट से मिली राहत के बाद झारखंड के चयनित अफसरों का दर्द छलक पड़ा. दो महीने से रांची में ड्यूटी कर रहे फूड सेफ्टी ऑफिसर सौरभ सिंह ने सवाल उठाया कि बिना किसी जांच के सभी पर गाज गिराना कहां का न्याय है? जानिए, कैसे एक अदालती फैसले ने 366 से अधिक अधिकारियों की नौकरी बचा ली.
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया था. कोर्ट के इस आदेश के बाद JPSC परीक्षाओं को लेकर स्थिति बदल गई है. आइए जानते हैं कोर्ट के इस फैसले से कितने लोगों की सरकारी नौकरी बचेगी?
झारखंड सरकार ने छात्र संगठनों के आंदोलन और जांच रिपोर्ट के बाद 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. सफल अभ्यर्थियों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं दाखिल की हैं.
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग परीक्षाओं में हुई धांधली की CBI जांच कराने की है. छात्रों का आरोप है कि हेमंत सोरेन सरकार मामले की निष्पक्ष जांच से पीछे हट रही है और सीबीआई को मामला सौंपने से बच रही है. अब अभ्यर्थियों ने सरकार की मंशा परखने के लिए एक नया और कड़ा विकल्प सामने रख दिया है. पढ़िए- अनशनकारियों से पूरी बातचीत...
बरसों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद और माता-पिता के त्याग के बाद जब नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलता है, तब लगता है कि मंजिल मिल गई. लेकिन सिस्टम की एक गलती से सब कुछ शून्य पर पहुंच जाए, तो युवाओं के दर्द का अंदाजा लगाना मुश्किल है. आज नौकरी जाने के बाद हजारों युवा फिर से सड़क पर आ गए हैं, देखना होगा कि सरकार इन अभ्यर्थियों को न्याय कैसे दिला पाती है!
झारखंड में राज्य सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद रांची में छात्रों का आंदोलन 26वें दिन भी जारी रहा. छात्र नेता रवींद्र पासवान ने सरकार के नोटिफिकेशन पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में कराने की मांग की है.
रांची के कोकर बाजार इलाके में मंगलवार शाम एक पेट्रोल पंप पर धमाका हुआ, जिसमें अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि मध्यम तीव्रता के इस धमाके से फ्यूल स्टेशन का ऑफिस क्षतिग्रस्त हुआ है. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को वजह बताया जा रहा है.
CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं और एजेंसी पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रही है.
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस नाटक को रचा है. मरांडी ने कहा कि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे टाल रही है.
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जुलाई से शुरू हुई लड़ाई के पहले चरण की जीत का ऐलान किया है. उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर मुख्यमंत्री और जनता का धन्यवाद करते हुए सरकार से भविष्य में पेपर लीक न होने की गारंटी मांगी है.
झारखंड में एक बड़े फैसले ने करीब 3000 परिवारों की दुनिया बदल दी है. TDPL एजेंसी द्वारा 2014 से आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. इसमें JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं. जिन लोगों ने इन परीक्षाओं के जरिए नौकरी पाई थी, वे अब अचानक बेरोजगार हो गए हैं. रांची में छात्र आंदोलन के दबाव में लिया गया यह फैसला अब सिक्के के दूसरे पहलू को भी सामने ला रहा है.
झारखंड सरकार की ओर से टीडीपीएल के जरिये हुई भर्ती परीक्षाएं रद्द किए जाने का ऐलान होने के बाद छात्र अब सीबीआई जांच की मांग पर अड़ गए हैं.
झारखंड सरकार द्वारा TDPL के जरिए हुई सभी भर्ती परीक्षाओं के नतीजे रद्द करने के बाद छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी, लेकिन आंदोलन अभी जारी है। छात्र अब मामले की CBI जांच और इसकी आधिकारिक अधिसूचना की मांग पर अड़े हैं।
JSSC-CGL रद्द होने के बाद वो अभ्यर्थी सामने आ गए हैं जो पहले इस परीक्षा को पास कर चुके थे. उनका कहना है कि हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे तो फिर ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि आप जांच करवाइए. जांच में जो गड़बड़ मिलेगा, उसे हटाइए न, हम लोग आपसे सहमत हैं.
झारखंड में JSSC CGL समेत TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. सीएम हेमंत सोरेन ने इसका ऐलान किया है. जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी.
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर जुलाई के आखिर से चल रहा छात्र आंदोलन 24वें दिन समाप्त चुका है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में शुरू हुए इस धरने में भूख हड़ताल, 10 अगस्त का विधानसभा मार्च और उस पर लाठीचार्ज, फिर 9 और 17 अगस्त की सरकारी घोषणाएं शामिल हैं. सरकार ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा, बैकलॉग परीक्षाएं और अब जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा भी रद्द कर दी है. टीडीपीएल से जुड़ी सभी परीक्षाओं की सीआईडी जांच होगी.
रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बड़ी जीत हुई है. सोमवार को प्रोटेस्ट के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया. इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की भी व्यापक जांच की जाएगी. इससे पहले छात्रों ने 20 अगस्त को सीएम हाउस के घेराव की चेतावनी दी थी. देखें 10 तक.
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों ने मंत्रालय भवन के बाहर प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों ने सरकार से फैसला वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे.
छात्रों के आंदोलन के आगे झारखंड सरकार झुक गई है. सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL एग्जाम को रद्द कर दिया है. साथ ही TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाएं कैंसिल कर दी गईं. सीएम सोरेन ने 2014 से हुई सभी परीक्षाओं की CID जांच का भी ऐलान किया. इस ऐलान के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में जमकर खुशी मनाई. देखें वीडियो.
झारखंड सरकार की भ्रष्ट परीक्षा प्रणाली और पंचायत सचिव भर्ती में 9 साल की नाइंसाफी के खिलाफ बोकारो की हबीबा का सत्याग्रह जारी है. 13 दिनों की भूख हड़ताल से हबीबा का 8 किलो वजन कम हो चुका है, लेकिन उनका हौसला अटूट है. रांची के स्टेडियम में डटीं हबीबा ने साफ कर दिया है कि बिना जंग जीते वे घर नहीं लौटेंगी.