संसद भवन के मकर द्वार पर सांसदों को बारिश और तेज धूप से बचाने के लिए जल्द ही पोर्च (आवरण) बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को संसद भवन के आर्किटेक्ट्स और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को इस संबंध में संभावनाएं तलाशने और विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष का मानना है कि संसद भवन के मकर द्वार पर सांसदों को अक्सर बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में वहां पोर्च बनने से सांसदों को काफी सुविधा मिलेगी और उन्हें सदन में आने-जाने के दौरान मौसम की मार से राहत मिलेगी.
दिल्ली में इन दिनों लगातार भारी बारिश हो रही है और इसी बीच संसद का मॉनसून सत्र भी जारी है. ऐसे में मकर द्वार पर पोर्च की आवश्यकता महसूस की गई है.
सूत्रों के मुताबिक, पुराने संसद भवन के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर पहले से ही पोर्च की व्यवस्था है, जिनका उपयोग सांसद करते रहे हैं. इसी तर्ज पर नए संसद भवन के मकर द्वार पर भी ऐसी सुविधा विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए आर्किटेक्ट्स और सीपीडब्ल्यूडी से तकनीकी और संरचनात्मक व्यवहार्यता रिपोर्ट मांगी गई है.
गौरतलब है कि गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का संसद भवन के बाहर बारिश में बिना छाते के खड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. हालांकि अधिकारियों ने पोर्च निर्माण की पहल को सांसदों की सुविधा से जुड़ा नियमित प्रशासनिक कदम बताया है.