ओम बिरला
ओम बिरला (Om Birla) एक राजनेता और लोकसभा के 17वें स्पीकर हैं(Lok Sabha Speaker). उन्हें 19 जून 2019 को लोकसभा अध्यक्ष चुना गया था. ओम बिरला कोटा-बूंदी निर्वाचन क्षेत्र, राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में 16वीं और 17वीं लोकसभा के लिए चुने गए (Om Birla MP BJP). 26 जून 2024 को देश में पहली बार लोकसभा स्पीकर के चुनाव (Lok Sabha Speaker Election) होने जा रहा है. जिसमें एनडीए की ओर से ओम बिरला (OM Birla) को, जबकि INDIA ब्लॉक ने के सुरेश को उतारा.
16 मई 2014 को अपना संसदीय पद संभालने से पहले वे राजस्थान की विधानसभा के लिए तीन बार चुने जा चुके हैं. ओम बिरला 1987 से 1991 तक कोटा से भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के पद पर भी रहे हैं (President of Bhartiya Janta Yuva Morcha).
ओम बिरला का जन्म 23 नवंबर, 1962 को राजस्थान के कोटा में (Date of Birth) एक हिंदू मारवाड़ी परिवार में श्री कृष्ण बिड़ला और स्वर्गीय शकुंतला देवी के घर हुआ था. उनके भाई का नाम राजेश बिरला है (Om Birla Family). ओम ने अपना बचपन कोटा में ही बिताया. उन्होंने सरकारी कॉमर्स कॉलेज, राजस्थान से (Govt. Commerce College, Rajasthan) वाणिज्य में मास्टर डिग्री पूरी की. बाद में वे उच्च अध्ययन के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर चले गए (Om Birla Education).
ओम ने मार्च 1991 में पारंपरिक हिंदू रीति रिवाज से डॉ अमिता बिड़ला से शादी की. इनके दो बेटियां हैं जिनके नाम आकांक्षा और अंजलि हैं (Om Birla Wife and Daughter).
ओम बिरला की पहली राजनीतिक उपलब्धि 2003 की है, जब उन्होंने कोटा दक्षिण से शांति धारीवाल के खिलाफ अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था ( First political Achievement).
राजनीति में आने से पहले, ओम ने नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन लिमिटेड में काम किया, जहां वे कंपनी के उपाध्यक्ष के रूप में थे. ओम बिरला हमेशा समाज सेवा में लगे रहे हैं. उन्होंने संसदीय सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान असहाय और गरीबों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की (Parliamentary Secretary).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @ombirlakota है और फेसबुक पेज का नाम Om Birla है. वह इंस्टाग्राम पर om_birla यूजरनेम से एक्टिव हैं.
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संसद के मॉनसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में कई अहम विधेयकों पर चर्चा के लिए समय तय कर दिया गया. एफसीआरए संशोधन, आयकर संशोधन, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, राष्ट्रीय सम्मान और एमएसएमई से जुड़े विधेयकों पर 4 से 5 घंटे तक चर्चा होगी.
20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. तीन घंटे तक चली इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की नई पार्टी NCPI को भी बुलाया गया, लेकिन उन्हें मुख्य टीएमसी सांसदों से अलग बेंचों पर बैठने की व्यवस्था की गई है.
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं. कुछ सांसदों के अलग संसदीय समूह बनाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ी हुई है. इस मुद्दे पर संभावित बैठकों और आगे की रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, अभी तक किसी बड़े फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.