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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला...गृह सचिव और कैबिनेट सेक्रेटरी का कार्यकाल एक साल बढ़ा

केंद्र सरकार ने गृह सचिव गोविंद मोहन और कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता और अनुभव को बनाए रखने के लिए लिया गया है. दोनों अधिकारी देश के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों को संभाल रहे हैं.

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 केंद्र सरकार ने गृह सचिव और कैबिनेट सचिव का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है. (फोटो-ITG)
केंद्र सरकार ने गृह सचिव और कैबिनेट सचिव का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है. (फोटो-ITG)

केंद्र सरकार ने देश के दो सबसे बड़े प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है. दरअसल, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने देश के गृह सचिव गोविंद मोहन और कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. सरकार के इस फैसले का मकसद प्रशासनिक कामों में निरंतरता बनाए रखना है.

गौरतलब है, गोविंद मोहन साल 1989 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. उन्हें गृह मंत्रालय में गृह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2026 के बाद से एक साल यानी 22 अगस्त 2027 तक बढ़ा दिया गया है. वे आगे भी इस पद पर बने रहेंगे. गोविंद मोहन देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, बॉर्डर मैनेजमेंट और राज्यों के साथ तालमेल बिठाने जैसे अहम मामलों को संभाल रहे हैं.

कैबिनेट सेक्रेटरी टी.वी. सोमनाथन का भी बढ़ा कार्यकाल
डॉ. टी.वी. सोमनाथन देश के सबसे वरिष्ठ और टॉप ब्यूरोक्रेट हैं. वे 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. कैबिनेट सचिव के रूप में उनका कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है. देश की अलग-अलग मंत्रालयों की नीतियों में तालमेल रखने और सरकार के जरूरी एजेंडे को लागू करने में उनकी भूमिका बहुत अहम है.

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दरअसल, सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य वजह प्रशासनिक अनुभव और निरंतरता को बनाए रखना है. इस समय देश में कई अहम आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर काम चल रहा है. इन बड़े कामों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुभवी अधिकारियों का अपने पद पर बने रहना बहुत जरूरी माना गया है.

इन दोनों अधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सरकार ने नियमों में कुछ जरूरी छूट भी दी है. यह फैसला फंडामेंटल रूल्स (FR) 56 (d) और ऑल इंडिया सर्विस रूल्स, 1958 के नियमों के तहत लिया गया है. सरकार के इस फैसले से साफ है कि प्रशासन के शीर्ष स्तर पर अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया जा रहा है, ताकि विकास और सुरक्षा के काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ते रहें.

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