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शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार... देश की मौजूदा सियासत पर क्या है Gen-Z की राय

सी-वोटर के सर्वे में 18 से 35 वर्ष के युवाओं की राजनीतिक प्राथमिकताओं का विश्लेषण किया गया है. सर्वे में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना गया, जबकि महंगाई को भी कई युवाओं ने प्राथमिकता दी.

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दिल्ली से लेकर रांची और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सी-वोटर ने बड़ा सर्वे किया है (Photo: PTI)
दिल्ली से लेकर रांची और देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सी-वोटर ने बड़ा सर्वे किया है (Photo: PTI)

बीते दो महीनों में देश ने युवाओं, खासतौर पर जेन-Z के रुख को देखा. आंदोलन के जरिये उनका आक्रोश भी नजर आया और उनका नजरिया भी. ऐसे में जब कई राज्य सत्ता परिवर्तन और चुनाव के मुहाने पर खड़े हैं तो न्यू यूथ जो कि नया वोटर भी है, उसकी भूमिका भी अहम हो जाती है. 

चुनावी माहौल में इसी बदलते मिजाज को समझने के लिए सी-वोटर ने अपने सर्वे में Gen-Z की राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है.  सर्वे में 18 से 35 साल से कम उम्र के 1,270 लोगों को शामिल किया गया. 

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NDA वोटर्स में 56.7 फीसदी और विपक्ष समर्थकों में 51.7 फीसदी ने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा माना, जबकि अन्य दलों के समर्थकों में यह आंकड़ा 45.8 फीसदी रहा. वहीं महंगाई को कुल 13.1 फीसदी युवा वोटर्स ने सबसे अहम मुद्दा बताया. विपक्ष समर्थकों में 15.1 फीसदी और अन्य दलों के समर्थकों में 18.9 फीसदी ने महंगाई को प्राथमिकता दी, जबकि NDA समर्थकों में यह आंकड़ा 9.2 फीसदी रहा. सड़क, बिजली और पानी को कुल 8.2 फीसदी युवाओं ने सबसे अहम चुनावी मुद्दा माना. इसमें विपक्ष समर्थक वोटर्स का आंकड़ा 12.8 फीसदी और NDA समर्थकों का 6.7 फीसदी रहा.

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मुद्दे पर फोकस्ड होकर वोट करेंगे Gen-Z वोटर्स

सी-वोटर सर्वे में सामने आया है कि, Gen-Z नेता या पार्टी के बजाय मुद्दों पर फोकस्ड है. सर्वे में कुल 33.3 फीसदी यूथ ने कहा कि वह मुद्दे पर फोकस्ड रहते हैं और इसी आधार पर वोटिंग करते हैं. NDA समर्थक युवाओं में 30.5 फीसदी ने मुद्दों को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्ष समर्थकों में यह आंकड़ा 33.3 फीसदी और अन्य दलों के समर्थकों में 41.5 फीसदी रहा.

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वहीं कुल 7.8 फीसदी युवाओं ने वोटिंग के फैसले के पीछे 'अन्य' कारण बताए. इनमें NDA समर्थक 7.4 फीसदी, विपक्ष समर्थक 7 फीसदी और अन्य दलों के समर्थक 11.2 फीसदी रहे. इस सवाल पर कुल 17.3 फीसदी युवा कोई स्पष्ट राय नहीं दे सके. NDA और विपक्ष समर्थकों में ऐसे युवाओं की हिस्सेदारी समान रूप से 15.3 फीसदी रही, जबकि अन्य दलों के समर्थकों में यह आंकड़ा 28.7 फीसदी रहा.

सोशल मीडिया किस तरह डालता है असर?

49.3 फीसदी युवाओं ने माना कि सोशल मीडिया उनकी राजनीतिक राय को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाता है, जबकि 24.6 फीसदी ने इससे इनकार किया. NDA समर्थक युवाओं में 53.2 फीसदी ने सोशल मीडिया की भूमिका को माना है. जबकि विपक्ष समर्थकों में यह आंकड़ा 48.3 फीसदी और अन्य दलों के समर्थकों में 40.7 फीसदी रहा.

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वहीं NDA के 24.5 फीसदी, विपक्ष के 26.7 फीसदी और अन्य दलों के 19 फीसदी समर्थकों ने कहा कि सोशल मीडिया उनकी सियासी राय बनाने में कोई खास रोल नहीं निभा रहा है. इस सवाल पर कुल 26.1 फीसदी युवा कोई स्पष्ट राय नहीं दे सके, जिनमें NDA के 22.2 फीसदी, विपक्ष के 25 फीसदी और अन्य दलों के 40.2 फीसदी समर्थक शामिल हैं.

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