scorecardresearch
 

फुकेत-दिल्ली फ्लाइट हादसा: सरकार ने एयर इंडिया के CEO को किया समन

एयर इंडिया के आउटगोइंग सीईओ कैंपबेल विल्सन को AI2379 फ्लाइट में हुई घटना को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुख्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया. बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, सचिव और AAIB तथा DGCA के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

Advertisement
X
24 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट टर्बुलेंस की चपेट में आई और करीब 300 फीट नीचे चली गई थी. ( Photo- ITG)
24 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट टर्बुलेंस की चपेट में आई और करीब 300 फीट नीचे चली गई थी. ( Photo- ITG)

एयर इंडिया के आउटगोइंग सीईओ कैंपबेल विल्सन को मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुख्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया था. एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में हुई घटना के कुछ दिनों बाद सरकार ने एयरलाइन से जुड़े सुरक्षा और संचालन संबंधी मुद्दों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई थी. बैठक में नागरिक उड्डयन सचिव, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी बैठक में शामिल हुए. बैठक अब खत्म हो चुकी है.

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में एयर इंडिया से जुड़े बड़े मुद्दों के साथ 4 अगस्त को हुई फुकेट-दिल्ली उड़ान की घटना पर भी चर्चा हुई, जिसमें 17 यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए थे. सूत्रों के अनुसार, कैंपबेल विल्सन से AI2379 घटना को लेकर सवाल किए गए.

दरअसल, 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379, जो एयरबस A320 थी, उड़ान के दौरान अचानक करीब 300 फीट नीचे चली गई थी. विमान में 137 यात्री, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे, और आठ क्रू सदस्य सवार थे. एयर इंडिया ने शुरुआत में इसे टर्बुलेंस से जुड़ी घटना बताया था, लेकिन बाद में DGCA ने इसे 'गंभीर घटना' के तौर पर वर्गीकृत करते हुए जांच AAIB को सौंप दी. विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर सुरक्षित कर लिया गया है.

Advertisement

अस्पताल ले जाया गया था

लैंडिंग के बाद 13 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया था. एयर इंडिया ने बाद में बताया कि पांच यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, जबकि अन्य का इलाज और निगरानी जारी थी. एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित लोगों को जरूरी मदद दे रही है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है.

घटना की जांच के दौरान विमान में तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्ट भी सामने आई है, जिनमें ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट और हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़ी समस्या शामिल है. हालांकि, इन रिपोर्ट्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच में विमान के सिस्टम, फ्लाइट डेटा और कॉकपिट रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है.

दोनों पायलटों के उतरने के बाद अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग भी की गई थी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, पायलट-इन-कमांड की शुरुआती स्क्रीनिंग रिपोर्ट की पुष्टि के लिए लैब टेस्ट कराया जा रहा है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है. DGCA ने जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है.

जांच जारी है 

AAIB ने एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान की घटना की जांच पहले ही शुरू कर दी है. अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के तहत एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA भी AAIB की जांच में सहयोग कर सकती है. यह घटनाक्रम एयर इंडिया के लिए ऐसे समय आया है, जब टाटा समूह की एयरलाइन पर AI2379 घटना, परिचालन संबंधी परेशानियों, विमानों की कमी और पिछले साल हुए अहमदाबाद-लंदन हादसे के बाद नियामकीय निगरानी बढ़ी हुई है. एयर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन भी होने वाला है. कैंपबेल विल्सन 30 सितंबर को अपना नोटिस पीरियड पूरा करेंगे, जिसके बाद पूर्व इथियोपियन एयरलाइंस प्रमुख टेवोल्डे गेब्रेमरियम के सीईओ की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement