कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को आरोप लगाया कि पुडुचेरी में उनके परिवार को पुलिस ने डराया-धमकाया है. सौरव दास ने पुदुचेरी पुलिस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पुदुचेरी पुलिस, यह उत्पीड़न क्यों? यह आदेश किसने और किस मकसद से दिया?
पुदुचेरी पुलिस ने सौरव दास के आरोपों से इनकार किया है. एक सीनियर अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि पुलिस सौरव दास के रिश्तेदारों के घर गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह एक "रूटीन प्रक्रिया" थी.
सौरव दास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दो घंटे पहले पुदुचेरी पुलिस उनके परिवार के घर पहुंची और उनके रिश्तेदारों से तरह-तरह के सवाल-जवाब किए.
दास ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, "पुदुचेरी पुलिस, यह उत्पीड़न क्यों? यह किसके कहने पर और किस मकसद से किया गया? क्या यही कानूनी प्रक्रिया है? पुदुचेरी में BJP सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा-धमका रही है? यह पुदुचेरी सरकार का तरीका नहीं है. यह केंद्र सरकार के कहने पर किया जा रहा है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर मुझे डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है, तो यह काम नहीं करने वाला है. इससे मैं डरने वाला नहीं हूं. इससे एक बेहतर सिस्टम बनाने का हमारा संकल्प और मजबूत होता है. ऐसा सिस्टम जहां पुलिस गुंडों की तरह व्यवहार करने के बजाय कानून का पालन करे."
एक और पोस्ट में दास ने कहा कि सिर्फ़ दो दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पुदुचेरी में थे, जहां उन्होंने पुडुचेरी के गृह मंत्री और उप-राज्यपाल से मुलाक़ात की थी.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट में पूछा, "क्या डराने-धमकाने का यह तरीका उनकी मुलाक़ात में तय किया गया था?"
सौरव दास के आरोपों पर पुदुचुरी पुलिस ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अहम दिनों से पहले, अहम रास्तों के आस-पास रहने वाले लोगों से संपर्क किया जाता है और सुरक्षा के लिहाज़ से कुछ सवाल पूछे जाते हैं. पुलिस ने लोगों को परेशान करने और डराने-धमकाने के आरोपों को खारिज कर दिया.
सौरव दास नई दिल्ली के स्वतंत्र खोजी पत्रकार हैं और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक हैं. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है. हाल के CJP आंदोलन के दौरान वे इसके प्रमुख चेहरों के रूप में उभरे. CJP आंदोलन के बाद ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था.