एअर इंडिया ने नए CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर का ऐलान कर दिया है. कंपनी ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम को यह जिम्मेदारी सौंपी है. वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे. एअर इंडिया बोर्ड ने दुनियाभर के कई उम्मीदवारों पर विचार करने के बाद उनके नाम पर मुहर लगाई. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब हाल ही में फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई थी.
दरअसल, एअर इंडिया बोर्ड ने नए CEO की तलाश के लिए एक विशेष समिति बनाई थी. इस समिति ने भारत और विदेश के कई अनुभवी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद टेवोल्डे गेब्रेमारियम का चयन किया गया. कंपनी का कहना है कि उनके पास एयरलाइन सेक्टर का लंबा अनुभव है. बड़े स्तर पर एयरलाइन चलाने का उनका रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है.
नए प्रमुख के पास एविएशन सेक्टर में काम करने का शानदार अनुभव है. उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप को दस साल से ज्यादा समय तक संभाला. इस दौरान एक छोटे क्षेत्रीय एयरलाइन समूह को अफ्रीका का सबसे बड़ा और फायदे में चलने वाला एयरलाइन ब्रांड बना दिया. उनके कार्यकाल में कंपनी की कमाई चार गुना से ज्यादा बढ़ी, जबकि जहाजों का बेड़ा लगभग तीन गुना हो गया.
चुनौती भरे समय में मिली जिम्मेदारी
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब हाल ही में एअर इंडिया की एक उड़ान तेज टर्बुलेंस की वजह से चर्चा में रही. 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 अचानक तेज झटकों की चपेट में आ गई थी.
कुछ ही सेकेंड में विमान करीब 300 फीट नीचे आ गया. इससे कई यात्री और क्रू मेंबर घायल हो गए. हालांकि पायलट ने स्थिति संभाल ली और विमान सुबह 11:07 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
एअर इंडिया पिछले कुछ समय से अपने नेटवर्क, सेवाओं और परिचालन में लगातार सुधार की कोशिश कर रही है. ऐसे में नए CEO के सामने यात्रियों का भरोसा मजबूत करना, सेवा की क्वालिटी बढ़ाना और कंपनी के विस्तार को नई रफ्तार देना बड़ी जिम्मेदारी होगी. अब सबकी नजर टेवोल्डे गेब्रेमारियम पर रहेगी कि वह अपने अनुभव के दम पर एअर इंडिया को कितनी तेजी से नई ऊंचाई तक ले जा पाते हैं.