एअर इंडिया भारत की प्रमुख और सबसे पुरानी एअरलाइनों में से एक है. इसकी स्थापना 1932 में उद्योगपति जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (जे. आर. डी. टाटा) ने "टाटा एअरलाइंस" के रूप में की थी. 1946 में इसका नाम बदलकर "एअर इंडिया" कर दिया गया और 1953 में इसे भारत सरकार ने राष्ट्रीयकृत कर दिया. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है (Headquarter in Delhi).
साल 2007 इंडियन एअरलाइंस और एअर इंडिया का विलय हुआ, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी बन गई. 2022 में टाटा समूह ने एअर इंडिया का अधिग्रहण किया और इसे निजी स्वामित्व में ले लिया.
एअर इंडिया अपने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से 60 से अधिक घरेलू और 30 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों तक उड़ान भरती है. यह यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और मध्य पूर्व के प्रमुख शहरों में सेवा प्रदान करती है. यह एअरलाइन 11 जुलाई 2014 को स्टार एलायंस की 27वीं सदस्य बनी थी (27th member of Star Alliance).
एअर इंडिया अपनी सहायक एअर इंडिया एक्सप्रेस के माध्यम से घरेलू और एशियाई गंतव्यों के लिए उड़ानें भी संचालित करती है. एअर इंडिया का शुभंकर महाराजा है (Air India's mascot, Maharajah) और इसके लोगो में एक उड़ता हुआ हंस है जिसके अंदर कोणार्क का पहिया है (Air India’s logo).
ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेटर डेविड वॉर्नर ने 2025 में एअर इंडिया की आलोचना की, कहा था कि विमान में चढ़ने के बाद पता चला कि फ्लाइट में कोई पायलट नहीं है. जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी भोपाल से दिल्ली जाते समय एअर इंडिया में मिली टूटी सीट पर एअरलाइन की सेवा पर सवाल उठाए थे (Air India controversies).
इन आलोचनाओं के बाद कंपनी ने 26 मार्च 2025 को शीर्ष प्रबंधन समेत सभी कर्मचारियों को अप्रैल 2025 से इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने का आदेश दिया है.
एअर इंडिया की मुश्किलें अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं. भारी घाटे के बीच एयरलाइन ने अपने प्रमोटर्स टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब $1.5 बिलियन की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है. फंडिंग की यह मांग अब सिंगापुर की संसद में भी चर्चा का मुद्दा बन गई है.
एअर इंडिया के टर्नअराउंड प्लान के बीच एयरलाइन को बड़ी पूंजी की जरूरत पड़ रही है. कंपनी ने अपने मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब $1.5 बिलियन की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है. एयरलाइन को इस रकम की तत्काल जरूरत है और फंडिंग किस्तों में भी मिल सकती है. यह मांग ऐसे समय आई है, जब एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड $2.33 बिलियन का संयुक्त घाटा दर्ज किया है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय सभी पायलटों का साल में एक बार डोप टेस्ट कराने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. DGCA इसको लेकर संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है और इसके संचालन पर पड़ने वाले असर की भी समीक्षा की जा रही है.
एअर इंडिया एकबार फिर विवादों में है. दरअसल, फुकेट-दिल्ली फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी. जिसमें कई यात्री घायल हो गए थे. विमान के पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाया गया. दावा है कि वो गांजा पीकर प्लेन चला रहा था. करीब चार सेकेंड तक फ्लाइट से पायलट ने कंट्रोल खो दिया था. इसी पर देखें सो सॉरी का ये मजेदार एपिसोड.
अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट को पक्षी टकराने के कारण रद्द कर दिया गया. विमान पुणे के लिए उड़ान भरने वाला था, लेकिन एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत उड़ान रद्द कर दी. इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतारा गया और उनका सामना लौटाया गया.
फेडरेशन ऑफ इंडिया पायलट्स ने DGCA को पत्र लिखकर पायलटों के लिए ओरल-फ्लुइड बेस्ड डोप टेस्ट शुरू करने का सुझाव दिया है. फिलहाल यूरिन-टेस्ट सिस्टम लागू है, लेकिन नए टेस्ट से जांच प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी. इससे पहले DGCA ने डोप टेस्ट को सख्त किए जाने के लिए कहा था.
एअर इंडिया के दो पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 300 से 400 पायलटों का टेस्ट किया जा चुका है. टेस्टिंग प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
वाराणसी एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट से मुंबई जा रहे आजमगढ़ के एक यात्री की पिस्टल से अचानक गोली चल गई. इस घटना में स्टाफ के दो लोगों को गोली लगी है, जिसमें एक महिला भी शामिल है. हादसे के तुरंत बाद घायलों को इलाज के लिए हरहुआ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दिल्ली से फुकेट आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में नए खुलासे हुए हैं. तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम अचानक फेल हो गए, जिससे विमान नियंत्रण खो बैठा. चार सेकंड तक पायलटों का नियंत्रण नहीं रहा और विमान 300 फीट नीचे गिरा. हालांकि, सिस्टम फिर से सक्रिय हो गए और विमान सुरक्षित दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर गया.
एअर इंडिया के पायलट के डोप टेस्ट ने सवाल उठाए हैं कि आखिर शरीर में नशे का पता कैसे चलता है? कितने तरह की जांच होती है, सैंपल कैसे लिया जाता है. टेस्ट पॉजिटिव आने पर क्या होता है?
एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट को लेकर एयरबस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 4 सेकंड तक विमान के अहम फ्लाइट कंट्रोल्स ने काम नहीं किया. इसी दौरान तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हुए और पायलट का नोज-डाउन इनपुट भी तुरंत असर नहीं कर सका. सिस्टम ठीक होने के बाद विमान तेजी से नीचे आया और करीब 300 फीट की गिरावट दर्ज हुई.
गांजा पीकर एयर इंडिया का प्लेन चलाने के आरोपों के बीच बड़ी खबर सामने आई है. एयरबस ने शुरुआती जांच में फ्लाइट में तकनीकी खराबी की बात मानी है. एयरबस के मुताबिक करीब चार सेकेंड के लिए फ्लाइट से पायलट ने कंट्रोल खो दिया था. जांच के दौरान फ्लाइट नंबर AI2379 का EFDR डाटा डिकोड किया गया. देखें वीडियो.
एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को अचानक 300 फीट की ऊंचाई गिरावट और टर्बुलेंस की घटना हुई थी, जिसमें 20 यात्री और चार केबिन क्रू घायल हुए थे.
सोचिए कि आप पूरी FAMILY के साथ एक FLIGHT से जा रहे हों... और अचानक से हवा में विमान जोर जोर से हिलने लगे... आप सीट से गिर जाएं... आपके आस पास के लोग घायल हो जाएं... ऊपर CABIN में रखे सामान नीचे गिरने लगें.. तो आप क्या करेंगे.. आप कुछ नहीं कर सकते.. सिर्फ ऊपर वाले को याद करेंगे. देखें विशेष.
फुकेट दिल्ली एअर इंडिया फ्लाइट के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने DGCA को पायलटों के डोप टेस्ट ढांचे की समीक्षा करने और वैश्विक प्रोटोकॉल का अध्ययन कर नए नियम बनाने के निर्देश दिए हैं.
कोलकाता एयरपोर्ट पर एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को अचानक तकनीकी खराबी के कारण रद्द कर दिया गया. बोर्डिंग पूरी होने के बाद फ्लाइट कैंसिल होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली. यात्रियों का आरोप है कि उन्हें सही समय पर जानकारी नहीं दी गई जिसके बाद उन्होंने एयरपोर्ट पर जमकर हंगामा किया.
एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. 4 अगस्त को हुई इस फ्लाइट में अचानक 300 फीट नीचे आने से कम से कम 17 यात्री और क्रू मेंबर घायल हुए थे.
एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के पायलट का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद AAIB ने विमान दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है.
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई गिरने के दौरान कई तकनीकी गड़बड़ियां सामने आईं. सूत्रों के मुताबिक ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने के साथ तीन हाइड्रॉलिक फेलियर भी हुए. घटना में 17 लोग घायल हुए. अब AAIB और DGCA जांच कर रहे हैं और Airbus और फ्रांस की BEA भी मदद करेगी.
4 अगस्त को एअर इंडिया की AI 2379 फुकेट-दिल्ली फ्लाइट टर्बुलेंस के कारण करीब 300 फीट नीचे आ गई थी. अब इस घटना के बाद फ्लाइट के दोनों पायलटों का डोप टेस्ट कराया गया है.
एअर इंडिया के नए CEO की नियुक्ति से जुड़ा एक दिलचस्प खुलासा सामने आया है. टाटा ग्रुप की कमान संभालने से पहले टेवोल्डे गेब्रेमारियम पाकिस्तान इंटरनेशनल एअरलाइंस (PIA) के प्रमुख बनने की कतार में थे. सिक्योरिटी क्लीयरेंस के इंतजार के बीच तस्वीर बदली और बाजी एअर इंडिया ने मार ली.