उत्तर प्रदेश के बांदा में बुधवार सुबह से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया. शहर से लेकर गांवों तक कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, जबकि कई घरों में भी बारिश का पानी घुस गया. इससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों ने सफाई व्यवस्था और जलनिकासी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका और पंचायतों की ओर से नियमित सफाई और नालों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली तेज बारिश में ही व्यवस्था की पोल खुल गई.
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कई सड़कें स्विमिंग पूल जैसी दिखाई दे रही हैं. जगह-जगह दो से तीन फीट तक पानी जमा है. नाले चोक होने के कारण बारिश का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच गया, जिससे लोगों के घरों में भी पानी भर गया.
जलभराव से लोगों की बढ़ीं मुश्किलें
जलभराव के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई लोग पानी से भरी सड़कों पर जान जोखिम में डालकर निकलते दिखाई दिए. वहीं, पानी में फंसने से कई वाहन खराब हो गए और लोगों को उन्हें धक्का लगाकर निकालना पड़ा.
स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान हालात नहीं बदलते. उनका आरोप है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से हर बार यही स्थिति पैदा होती है.
लोगों का कहना है कि शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव ने हालात खराब कर दिए हैं. कई गलियां और संपर्क मार्ग पानी में डूबे हुए हैं. ऐसे में आम लोगों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया प्रशासन
बारिश के बाद जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ. नगर पालिका और पंचायतों को तत्काल जलनिकासी और सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने बताया कि सुबह से हो रही बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई है. उन्होंने कहा कि नगर पालिका और ग्राम पंचायतों को तत्काल पानी निकालने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं.
डीएम ने कहा कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. जहां से भी शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत टीम भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा. फिलहाल प्रशासन जलभराव वाले इलाकों में राहत कार्य तेज करने का दावा कर रहा है.