महाराष्ट्र में हाल ही में लागू किए गए 'फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट' के तहत राज्य का पहला मामला पुणे में दर्ज किया गया है. पुणे सिटी पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले 22 वर्षीय युवक के खिलाफ FIR दर्ज की है. युवक पर आरोप है कि उसने अपने साथ रिलेशनशिप में रही एक नाबालिग लड़की को धर्म बदलने के लिए दबाव डालने की कोशिश की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अभी वह न्यायिक हिरासत में है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी और नाबालिग लड़की उत्तर प्रदेश के एक ही गांव के रहने वाले हैं. दोनों के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध था. इसके बाद दोनों उत्तर प्रदेश से निकलकर पहले कर्नाटक पहुंचे और बाद में पुणे आ गए.
पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान युवक ने नाबालिग लड़की से अपना धर्म बदलने के लिए कहा. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए लड़की को किस तरह प्रभावित करने की कोशिश की गई और इसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं.
सीनियर इंस्पेक्टर अमोल मोरे ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट, 2026 की धारा 3 और 9(2) के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा पीड़िता के नाबालिग होने के कारण आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं.
महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट, 2026 में जबरदस्ती, धोखाधड़ी, बल प्रयोग, धमकी, गलत जानकारी देने, अनुचित प्रभाव या किसी तरह का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने पर रोक लगाई गई है. इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है.
महाराष्ट्र सरकार ने नए धर्मांतरण विरोधी कानून का नोटिफिकेशन 31 जुलाई जारी किया गया था. यह 1 अगस्त से राज्य में लागू हो गया. कानून लागू होने के महज कुछ दिनों बाद 5 अगस्त को पुणे पुलिस ने इसके तहत पहली FIR दर्ज की. पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
मामले में आगे की जांच जारी है. जांच अधिकारी कथित धर्म परिवर्तन की कोशिश से जुड़े घटनाक्रम, उपलब्ध सबूतों और लड़की को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर अपनाए गए तरीकों की पड़ताल कर रहे हैं. पुणे में दर्ज यह FIR नए कानून के तहत महाराष्ट्र का पहला मामला है.