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रांची प्रोटेस्ट: छात्र बनाम सरकार... वो कौन-सी 2% डिमांड हैं, जिन पर अटका पेच

झारखंड में JSSC CGL परीक्षा और नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन 17 दिन से जारी है. राज्य सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की वार्ता के बावजूद सहमति नहीं बन सकी है. मामले की CBI जांच पर अड़े आज हजारों छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे.

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छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च करेंगे. (Photo- PTI)
छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च करेंगे. (Photo- PTI)

झारखंड में JSSC CGL परीक्षा और नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. युवाओं के आंदोलन को आज 17 दिन हो गए हैं. राज्य सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बन सकी है. अब आज पूरे राज्य से जुटे हजारों छात्र विधानसभा का घेराव करने जा रहे हैं.

छात्र संगठनों ने सभी प्रदर्शनकारियों से एकजुट रहने और अनुशासित रहने की अपील की है. तय योजना के मुताबिक, छात्र सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास जमा होंगे. वहां से सभी प्रदर्शनकारी एक साथ नई विधानसभा की ओर शांतिपूर्ण पैदल मार्च करेंगे.

इस बीच, JPSC के तीन सदस्यों- डॉ. अजिता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को इस्तीफा दे दिया है और आयोग को भंग कर दिया गया है. 10 अगस्त को डॉ. अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ भी होनी है.

5 घंटे की वार्ता बेनतीजा

रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों की विशेष कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे तक तीन दौर की मैराथन बैठक हुई. सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल थे.

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वार्ता के बाद सरकार ने दावा किया कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं. इसमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की जांच कराना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाना शामिल है. 

CBI जांच पर अटका पेच, सरकार और छात्रों के अपने तर्क

तमाम आश्वासनों के बावजूद छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच की लिखित मांग पर अड़े रहे. बैठक के बाद JMM मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में हुई थी. इसलिए राज्य सरकार के पास इसे रद्द करने या सीधे CBI जांच का आदेश देने का कानूनी अधिकार नहीं है.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, BNS धारा 163 लागू

विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. नया विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (हाई कोर्ट को छोड़कर) BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है. प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी उग्र या गैर-कानूनी प्रदर्शन में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसका असर भविष्य में सरकारी और निजी नौकरियों के पुलिस वेरिफिकेशन पर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: LIVE: आज झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे प्रदर्शनकारी छात्र... धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

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सुरक्षा व्यवस्था पर रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही 'पेलेट गन' की अफवाहों को खारिज करते हुए बताया कि पुलिस के पास 'पेंटबॉल गन' है. इसका इस्तेमाल सिर्फ आपात स्थिति में उपद्रवियों पर सॉफ्ट कलर बॉल मारकर उनकी पहचान करने के लिए किया जाएगा.

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