झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC (Jharkhand Public Service Commission) राज्य में सरकारी सेवाओं के लिए योग्य उम्मीदवारों के चयन की महत्वपूर्ण संस्था है. यह एक संवैधानिक आयोग है, जिसका गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत किया गया है. झारखंड राज्य बनने के बाद राज्यपाल द्वारा आयोग का गठन किया गया था.
झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर हुआ था. नए राज्य के लिए अलग लोक सेवा आयोग की जरूरत थी, ताकि राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में अधिकारियों और अन्य निर्धारित पदों पर नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया संचालित की जा सके. JPSC का मुख्यालय रांची में है.
झारखंड लोक सेवा आयोग का सबसे प्रमुख काम सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करना है. आयोग लिखित परीक्षा के साथ जरूरत के अनुसार इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया के अन्य चरण आयोजित करता है. इसके बाद योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार कर संबंधित सरकारी सेवाओं के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है.
JPSC की ओर से अलग-अलग विभागों और पदों के लिए समय-समय पर भर्ती विज्ञापन जारी किए जाते हैं. इनमें झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के अलावा वन विभाग, चिकित्सा, अभियंत्रण, शिक्षा, विधि और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े पद शामिल हो सकते हैं. आयोग की वेबसाइट पर भर्ती से जुड़े विज्ञापन, परीक्षा कार्यक्रम, सिलेबस, परिणाम, प्रेस रिलीज और अन्य जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए JPSC की परीक्षाएं काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. खासकर झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के जरिए राज्य प्रशासन से जुड़े विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाता है. अलग-अलग भर्ती के लिए योग्यता, परीक्षा पैटर्न, आयु सीमा और अन्य शर्तें संबंधित विज्ञापन में दी जाती हैं.
JPSC समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित करता है. आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में भी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के साथ वन रेंज ऑफिसर, असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, ड्रग इंस्पेक्टर और अन्य पदों से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध हैं.
JPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए सबसे जरूरी है कि वे भर्ती से जुड़ी जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से ही देखें. आवेदन की तारीख, परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड, सिलेबस, आंसर की और रिजल्ट जैसी जानकारियां समय-समय पर आयोग की ओर से जारी की जाती हैं.
इस तरह झारखंड लोक सेवा आयोग राज्य की सरकारी सेवाओं में भर्ती की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले हजारों उम्मीदवारों के लिए इसकी परीक्षाएं महत्वपूर्ण भूमिका रखती हैं.
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में अनियमितता के आरोप में CID की SIT ने चार सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. जांच टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल अन्य संभावित लोगों की पहचान कर रही है.
झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने वाले आदेश पर स्टे दिया है. आंदोलन के प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वो अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी मूल मांगें आज भी कायम हैं. वहीं JPSC और JSSC रिफॉर्म मंच के छात्रों ने शुक्रवार को 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का ऐलान किया है.
JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की गई है. वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में SIT ने JSSC-CGL मामले में 37 संदिग्धों से पूछताछ की है.
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया था. कोर्ट के इस आदेश के बाद JPSC परीक्षाओं को लेकर स्थिति बदल गई है. आइए जानते हैं कोर्ट के इस फैसले से कितने लोगों की सरकारी नौकरी बचेगी?
बरसों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद और माता-पिता के त्याग के बाद जब नौकरी का नियुक्ति पत्र मिलता है, तब लगता है कि मंजिल मिल गई. लेकिन सिस्टम की एक गलती से सब कुछ शून्य पर पहुंच जाए, तो युवाओं के दर्द का अंदाजा लगाना मुश्किल है. आज नौकरी जाने के बाद हजारों युवा फिर से सड़क पर आ गए हैं, देखना होगा कि सरकार इन अभ्यर्थियों को न्याय कैसे दिला पाती है!
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. सरकार के मुताबिक इन परीक्षाओं में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं. रद्द परीक्षाओं में जेपीएससी और टीडीपीएल से जुड़ी भर्तियां शामिल हैं. सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, सतर्कता प्रकोष्ठ और भर्ती सुधारों की दिशा में कदम उठाने की भी घोषणा की है. सीजीएल परीक्षा पहले ही रद्द की जा चुकी है.
CID ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं और एजेंसी पूरे नेटवर्क की तहकीकात कर रही है.
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरियों में भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए इस नाटक को रचा है. मरांडी ने कहा कि छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इसे टाल रही है.
रांची में छात्र नेता देवेंद्र मेहतो ने 16 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी। झारखंड सरकार ने TDPL से जुड़ी JPSC CGL समेत सभी परीक्षाएं, परिणाम और चयन रद्द करने का फैसला लिया है। मेहतो ने सरकार से पेपर लीक, धांधली और पैरवी रोकने के लिए पारदर्शी व मजबूत भर्ती व्यवस्था की गारंटी मांगी।
झारखंड सरकार द्वारा TDPL के जरिए हुई सभी भर्ती परीक्षाओं के नतीजे रद्द करने के बाद छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी, लेकिन आंदोलन अभी जारी है। छात्र अब मामले की CBI जांच और इसकी आधिकारिक अधिसूचना की मांग पर अड़े हैं।
रांची में JSSC-CGL और TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन से छात्रों को आंदोलन की प्रेरणा मिली।
झारखंड में JPSC पेपर लीक को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल के बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने छात्रों से खुद मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करने की सलाह दी। राहुल ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतंत्र का अहम अधिकार बताते हुए छात्रों की मांगों को जायज बताया और उनका समर्थन किया।
झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चिट्ठी लिखी है. 14 अगस्त को लिखी यह चिट्ठी अब सामने आई है. इसमें राहुल गांधी ने सीएम सोरेन को सलाह दी है कि प्रोटेस्टर्स से खुद मिलिए.
झारखंड सरकार 14वीं JPSC रद्द करने पर तो मान गई, लेकिन JSSC-CGL पर ब्रेक लगा दिया है. सरकार का तर्क है कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट की निगरानी में हुई है और सेलेक्टेड कैंडिडेट्स की जॉइनिंग हो चुकी है, ऐसे में इसे एकतरफा रद्द करना मुमकिन नहीं. वहीं, छात्र CBI जांच और 'TDPL' एजेंसी के सिंडिकेट पर सवाल उठाकर सीधौ-सीधी जंग के मूड में हैं! समझिए पूरा मामला...
झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच जरूरी है. उन्होंने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार जांच से भाग रही है, क्योंकि जांच सत्ता के शीर्ष तक पहुंच सकती है.
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान आठ लोगों के नाम सामने आए हैं. इनमें TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी, JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते सहित कई नाम शामिल हैं.
राहुल क्रांति, जो झारखंड के शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए 10 बड़े आंदोलनों में जीत हासिल कर चुके हैं, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लगातार लड़ रहे हैं. हाल ही में ICU में भर्ती होने के बावजूद, वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखे हुए हैं. राहुल ने JSSC और JPSC जैसे महत्वपूर्ण मामलों में सरकार को कोर्ट में हराया है और भ्रष्ट परीक्षा तंत्र के खिलाफ आवाज उठाई है. पढ़ें- इनकी कहानी.
झारखंड में चल रहे आंदोलन के बीच सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान जारी है. राज्य के मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी पर छात्रों को भड़काने और राजनीति करने का आरोप लगाया है. वहीं बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सरकार के आरोपों का पलटवार किया है और छात्रों के समर्थन में CBI जांच की मांग दोहराई है.
Ranchi Students Assembly March Live Updates: JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा का घेराव किया. छात्र दिनभर विधानसभा के बाहर जमे रहे. शाम को उन्हें वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया.
झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी कि जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें CID ने गिरफ्तार किया है. JPSC परीक्षा में धांधली के आरोपों में रडार में आने के बाद एल खियांग्ते ने 22 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था. इससे बाद CID ने उनसे लंबी पूछताछ की थी.
रांची में छात्रों ने विधानसभा मार्च के दौरान 7 में से 6 बैरिकेड तोड़ दिए और आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गए. पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन छात्र डटे रहे. प्रदर्शनकारियों ने सीएम हेमंत सोरेन से मांगें पूरी करने की अपील की, वहीं अनशनरत छात्र को कंधे पर उठाकर मार्च में शामिल किया गया.