रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. इस बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी खुद आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया.
मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला और युवाओं के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया. विरोध स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बाबूलाल मरांडी ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, 'मुझे सुबह जानकारी मिली कि पुलिस देर रात करीब डेढ़-दो बजे यहां आई थी. सिटी एसपी, एसएसपी और डीसी खुद मौके पर पहुंचे थे. अधिकारियों की मंशा बच्चों को हटाने और बल प्रयोग करके इस आंदोलन को कमजोर करने की थी.'
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों से ये तर्क दे रहा है कि JPSC का काम हो गया है, इसलिए अब उन्हें यहां बैठने और प्रदर्शन करने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन सच्चाई ये है कि JPSC का काम बिल्कुल भी नहीं हुआ है.
'परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं, CBI जांच जरूरी'
सरकार के परीक्षा रद्द किए जाने के कदम पर बाबूलाल मरांडी ने कहा, 'सरकार कह रही है कि हमने परीक्षा रद्द कर दी है. लेकिन परीक्षा रद्द कर देना किसी समस्या का समाधान नहीं है. असली समाधान तो यह पता लगाना है कि आखिर परीक्षा रद्द क्यों करनी पड़ी? गड़बड़ी कहां हुई?'
मरांडी ने आगे कहा कि छात्रों की सिर्फ इतनी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए.
'जांच की आंच सत्ता के शीर्ष तक पहुंचेगी'
विपक्ष के नेता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, 'आखिर सरकार सीबीआई जांच कराने से क्यों भाग रही है? सरकार को अच्छी तरह पता है कि जिस दिन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू होगी, उस दिन जांच की आंच सत्ता के शीर्ष तक पहुंचेगी. यही वजह है कि सरकार जांच कराने के बजाय छात्रों के इस जायज आंदोलन को दबाने और कुचलने में लगी हुई है.'