हेमंत सोरेन (Hemant Soren) 4 जुलाई 2024 से झारखंड के मुख्यमंत्री (CM of Jharkhand) हैं. सोरेन एक बार फिर झारखंड की कमान संभाल लिया है. 28 नवंबर 2024 को रांची में उन्होंने शपथ ग्रहण की. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और शरद पवारसहित कई दिग्गज शामिल थे. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार हेमंत सोरेन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस तरह वे चौधी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बनें.
सोरेन ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के गमलियाल हेम्ब्रोम को 39,791 मतों के अंतर से हराकर बरहेट सीट बरकरार रखी है. जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें हासिल करके जीत हासिल की है, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को 24 सीटें मिलीं.
इससे पहले, उन्होंने जुलाई 2013 से दिसंबर 2014 तक झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था. दरअसल सोरेन को जमीन घोटाले के आरोप में 31 जनवरी 2024 को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. इस इस्तीफे के बाद चंपई सोरन झारखंड के नए सीएम बने थे (Assembly Election 2024).
सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा राजनीतिक दल के अध्यक्ष भी हैं (President of Jharkhand Mukti Morcha).
सोरेन का जन्म जन्म 10 अगस्त 1975 को (Soren Date of Birth) तत्कालीन बिहार के रामगढ़ जिले के नेमारा में रूपी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के घर हुआ था (Father Shibu Soren). हेमंत के दो भाई और एक बहन है. उन्होंने पटना हाई स्कूल, पटना, से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है. चुनाव आयोग के समक्ष दायर हलफनामे के अनुसार, हेमंत ने बीआईटी मेसरा, रांची में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, लेकिन कोर्स पूरा नहीं किया (Soren Education).
वे 24 जून 2009 से 4 जनवरी 2010 तक राज्य सभा के सदस्य रहे. उन्होंने 23 दिसंबर 2009 को विधान सभा के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. बाद में, वे 11 सितंबर 2010 को झारखंड के डिप्टी सीएम (Deputy CM of Jharkhand) बने और 8 जनवरी 2013 तक इस पद पर रहे. सोरेन ने कांग्रेस और राजद के समर्थन से 15 जुलाई 2013 को झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्हें दिसंबर 2019 में फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया.
सोरेन की शादी कल्पना सोरेन से हुई है (Married to Kalpana Soren) और उनके दो बेटे हैं (Soren Sons). उनका एक छोटा भाई, बसंत सोरेन और एक बहन, अंजलि है (Soren Siblings). वह उन्नीसवीं सदी के आदिवासी योद्धा बिरसा मुंडा (Birsa Munda) के प्रबल अनुयायी हैं और उनके साहस और वीरता से प्रेरणा लेते हैं.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @HemantSorenJMM है. उनके फेसबुक पेज का नाम Hemant Soren है और वे इंस्टाग्राम पर hemantsorenjmm यूजरनेम से एक्टिव हैं.
JMM के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि पार्टी के सभी 34 विधायकों ने गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डाला. वह खुद पार्टी एजेंट के रूप में पूरे मतदान के दौरान मतदान केंद्र में मौजूद थे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे.
झारखंड की राजनीति राज्यसभा चुनाव के बाद झटके झेल रही है. सरकार में शामिल दो घटक दलों आरजेडी और सीपीआईएमल ने तीसरे पार्टनर कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है और कहा है कि राज्यसभा चुनाव में हार की पूरी कहानी कांग्रेस प्रभारी के राजू ने ही रची है.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में एक जेएमएम और एक सीट बीजेपी समर्थित निर्दलीय परिमल नथवानी जीतने में सफल रहे और कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है. इसके साथ सवाल खड़े हो गए कि इंडिया गठबंधन का नंबर गेम मजबूत होने के बावजूद सियासी केमिस्ट्री क्यों नहीं दिखी.
NDA समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी का जीतना कांग्रेस के लिए झटका माना जा रहा है. इस चुनाव में INDIA ब्लॉक के विधायकों की ओर से क्रॉस वोटिंग की खबर आई है. झारखंड में असली मुकाबला NDA समर्थित कैंडिडेट परिमल नाथवानी और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के बीच ही था.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके लिए आज मतदान है. वोटिंग से पहले जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन ने दोनों राज्यसभा सीट के जीत का दावा किया है तो बीजेपी के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को जीत का किसका सहारा है?
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान होगा. एक सीट पर जेएमएम उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार को मतदान है. जेएमएम और कांग्रेस से एक-एक उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं तो बीजेपी ने खुद चुनाव मैदान में उतरने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी पर दांव खेला है. इसके चलते झारखंड में क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा है.
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में कांग्रेस को जीत सुनिश्चित करने के लिए 12 वोट की जरूरत है. पार्टी के पास अपने 16 विधायक ही हैं. ऐसे में ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने नंबर जुटाने की कोशिशें तेज कर दी हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की विशेष अदालत से बड़ा झटका लगा है. अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए माना कि मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. अब सोरेन के सामने राहत के लिए उच्च अदालतों का दरवाजा खटखटाने का ऑप्शन बचा है.
झारखंड में खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों के लिए सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. सोमवार को सत्ताधारी गठबंधन की ओर से जेएमएम के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रवीण झा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान विधानसभा परिसर में भारी राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली.
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है. सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अपनी एक सीट आसानी से जीतने की स्थिति में है, जबकि दूसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा और बेहद कड़ा मुकाबला होना तय माना जा रहा है.
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित महिला को इलाज के बहाने जेल से बाहर ले जाकर मामले से जुड़े जैविक और फॉरेंसिक साक्ष्य खत्म करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही कुछ अहम गवाहों का तबादला किए जाने का भी दावा किया गया है.
यह बीमारी इतनी गंभीर है कि झारखंड में इसका इलाज संभव नहीं था. डॉक्टरों ने बच्ची की जान बचाने के लिए एक विशेष इंजेक्शन की सलाह दी, जिसकी एक खुराक की कीमत 15 करोड़ रुपये है.
झारखंड में सरकारी कर्मचारियों को महीने की 11 तारीख बीत जाने के बाद भी वेतन नहीं मिलने पर राजनीति गर्मा गई है. बीजेपी ने राज्य की वित्तीय स्थिति की तुलना हिमाचल प्रदेश से करते हुए सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है.
JMM ने असम विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने का फैसला कर लिया है. पार्टी 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बीजेपी को सीधी चुनौती देने की तैयारी में है. पहले चर्चाएं थी कि कांग्रेस और JMM साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, दोनों पार्टियों के बीच सहमति नहीं बनी.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालात से चिंतित. PM और विदेश मंत्री से झारखंड से फंसे लोगों की सकुशल घर वापसी की मांग की. कांग्रेस नेता से भी उनके मोहल्ले के गल्फ में रहने वाले लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं.
झारखंड के 48 नगर निकाय चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि शहरी इलाके में बीजेपी अपना दबदबा पहले की तरह बनाए रखती है या फिर सीएम हेमंत सोरेन का जादू चलता है. राज्य के 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत के अध्यक्ष और पार्षद चुने जाने हैं?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन के निधन पर गहरा शोक जताया. वीर की मंगलवार को कुल्लू, हिमाचल प्रदेश में अचानक बीमारी से मौत हो गई. चंपई सोरेन ने बताया कि 24 फरवरी को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका. सीएम ने परिवार को दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की.
एयर एंबुलेंस क्रैश को लेकर हेमंत सोरेन का कहना है कि यह घटना अत्यंत दर्दनाक है जिसमें छह से सात लोगों की मृत्यु हुई है. अचानक मौसम ने विपरीत परिस्थितियां पैदा कीं, जिससे हादसा हुआ. इस विषय में सभी पहलुओं की जांच डीवीसीए द्वारा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े भाई की तरह है जिसका दायित्व है कि वह सभी राज्यों पर विशेष ध्यान दे. यह सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है बल्कि देश भर के सभी राज्यों का विकास सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है.
हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत के गरीब और पिछड़े राज्यों में नवजात बच्चों को उचित समर्थन देना बेहद आवश्यक है. नवजातों की देखभाल और समर्थन के लिए सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. ऐसे प्रदेशों में जहां संसाधन सीमित हैं, वहां नवजातों को प्राथमिकता देना जरूरी है ताकि उनकी स्वास्थ्य और विकास की सही दिशा में मदद की जा सके.