2007 में इमरान हाशमी की फिल्म आई थी 'आवारापन'. इस मूवी में उन्होंने ऐसी आवारगी दिखाई कि फिल्म अच्छे रिव्यू के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी. एक्शन क्राइम ड्रामा को मोहित सूरी ने बनाया था. ये वो दौर था जब सीरियल किसर इमरान का स्टारडम पीक पर था. मगर फिर भी उनकी फिल्म को बॉक्स ऑफिस डिजास्टर बनने से फैंस नहीं रोक पाए.
पिछली हार का बदला लेने लौटा शिवम पंडित?
लेकिन कुछ महीनों बाद बड़ा चमत्कार हुआ. जैसे ही इमरान की ये फिल्म टीवी पर आई, उनका 'आवारापन' फैंस के सिर चढ़कर बोलने लगा. इसके रोमांटिक और हार्टब्रेकिंग गानों ने जो लोगों को रुलाया, उनमें प्यार और दर्द के जज्बात डाले.. फिल्म और इसके सॉन्ग वायरल हो गए. बात यहां तक पहुंच गई कि एक फ्लॉप फिल्म को कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया. इसे इमरान हाशमी की सबसे बेहतरीन फिल्मों में काउंट किया जाने लगा. अब 19 साल बाद इमरान का 'आवारापन' फिर से फैंस को दिखेगा. वो शिवम पंडित बनकर लौट रहे हैं. 14 अगस्त को इमरान आवारापन 2 लेकर सिनेमाघरों में दस्तक देंगे.
ट्रेलर में पुराने हिट गानों को भुनाया गया है. फैंस को नॉस्टेल्जिया देने की भरपूर कोशिश हुई है. यूं कहें कि 19 साल पहले बॉक्स ऑफिस पर मिली हार का बदला लेने शिवम पंडित लौटा है. लेकिन क्या इस बार उस दिलजले आशिक की आवारगी बड़े पर्दे पर लोगों को भाएगी? या इतिहास खुद को फिर से दोहराएगा? सवाल बड़ा है. लेकिन एक फ्लॉप मूवी का सीक्वल बनाना भी खुद में बड़ा रिस्क है.
इसलिए आवारापन 2 से जुड़े कुछ फैक्टर्स को नजरअंदाज करना गलती होगी. ये सवाल उठना लाजमी है कि 'आवारापन 2' बनाने का फैसला कितना सही है? कहीं मेकर्स ने सीक्वल बनाकर गलती तो नहीं कर दी? इसकी सक्सेस की राह में क्या आड़े आ सकता है...जानते हैं.
नॉस्टेल्जिया काम करेगा?
फिल्मों का रीमेक और सीक्वल बनाना आम बात है. लेकिन बीते 19 सालों में लोगों का टेस्ट काफी बदल चुका है. आजकल की ऑडियंस रियल सिनेमा देखना पसंद करती है. नई जेनरेशन के लिए आवारापन मात्र पुरानी फिल्म का सीक्वल है. वो शायद इसके इमोशंस से उतनी आसानी से कनेक्ट ना कर पाएं. इस सीक्वल को हिट होने के लिए पुरानी और नई दोनों ऑडियंस से जुड़ना होगा. उम्मीद है मेकर्स ने नॉस्टेल्जिया फील कराने के अलावा कहानी में नया ट्विस्ट और आज के दौर के हिसाब से ट्रीटमेंट दिया हो.
इमरान की स्टार पावर का दिखेगा दम?
एक वक्त था जब इमरान हाशमी की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट की गारंटी मानी जाती थी. उनका स्टार पावर तगड़ा था. लेकिन आज वक्त बदल गया है. इमरान ने भी खुद पर काम किया है. वो रोमांटिक, ड्रामा से इतर सीरियस सिनेमा भी करने लगे हैं. अपने दम पर दर्शकों को सिनमाघरों में लेकर आना उनके लिए चुनौती होगी. दूसरी तरफ, इमरान की फिल्मों को लेकर ऑडियंस की उम्मीदें भी बदल चुकी हैं. अगर आवारापन 2 में उन्होंने पहले वाले रोल को मात्र एक्सटेंड किया होगा तो फैंस ठगा हुआ महसूस करेंगे.
दिशा पाटनी की कास्टिंग
आवारापन 2 में दिशा पाटनी को लिया गया है. वो खुद करियर में हिट को तरस रही हैं. उनकी मल्टीस्टारर मूवीज भले ही हिट रही हो, लेकिन अपने दम पर उन्होंने सफलता नहीं पाई है. फैंस को लगता है इमरान के अपोजिट लीड हीरोइन की कास्टिंग जबरदस्त नहीं है. दोनों की केमिस्ट्री कितनी कनेक्टिंग रहेगी, इसका भी मूवी के बिजनेस पर फर्क पड़ेगा.
सनी-इमरान का क्लैश
आवारापन 2 को बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की मूवी बंटवारा 1947 से टक्कर मिलेगी. ये क्लैश इमरान की फिल्म पर हावी हो सकता है. सनी अपने करियर की दूसरी पारी में तगड़ा काम कर रहे हैं. जनता उन्हें लेकर क्रेजी है. सनी का फैंडम इमरान पर भारी पड़ सकता है. दोनों फिल्मों को लेकर क्रिटिक्स का रिव्यू भी उनके बिजनेस को निर्धारित करेगा.
मोहित सूरी नदारद
आवारापन को मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया था. वहीं इसके सीक्वल को नितिन कक्कड़ ने बनाया है. रोमांटिक ड्रामा में मोहित जिस तरह इमोशंस दिखाते हैं, शायद दूसरा कोई डायरेक्टर वो स्क्रीन पर दिखा पाएगा. मोहित का इस सीक्वल से ना जुड़ना बड़ा रिस्क साबित हो सकता है.