इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सरकारी कर्मचारी की चौथी बार मैटरनिटी लीव की मांग को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव नहीं दी जा सकती.
दरअसल, सरकारी कर्मचारी शशि कुमारी ने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर, संभल (भीम नगर) के 19 जून के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें चौथे बच्चे के लिए उनकी मैटरनिटी लीव की मांग को खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ शशि कुमारी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि उन्हें 6 महीने की मैटरनिटी लीव दी जाए.
शशि कुमारी के वकील ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने अपने पहले तीन बच्चों के समय मैटरनिटी लीव नहीं ली थी. इसलिए इस बार उन्हें मैटरनिटी लीव दी जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारी के आदेश को गलत और मनमाना बताया. वहीं राज्य सरकार के वकील ने बताया कि शशि कुमारी पहले मैटरनिटी लीव ले चुकी हैं.
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वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि नियमों के मुताबिक शशि कुमारी चौथे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव की हकदार नहीं हैं. वकील ने तर्क दिया कि इस मामले में दखल की जरूरत नहीं है, यह याचिका खारिज करने योग्य है.
जस्टिस चौहान ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना और सुनवाई के बाद इस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है.
महिला सरकारी कर्मचारी को 180 दिन यानी करीब 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिल सकती है. हालांकि यह सुविधा सामान्य तौर पर दो से कम जीवित बच्चों वाली महिला कर्मचारी के लिए है यानी दो या उससे ज्यादा जीवित बच्चों के बाद अगली डिलीवरी के लिए सामान्य मैटरनिटी लीव का नियम लागू नहीं होता है.
कर्मचारी को मैटरनिटी लीव के दौरान उसके वेतन के बराबर ही लीव सैलरी मलिती है.
मैटरनिटी लीव की छुट्टी लेने सामान्य खाते से छुट्टी कम नहीं होती.
गर्भपात/मिसकैरेज की स्थिति में, बच्चों की संख्या की परवाह किए बिना, पूरी सेवा अवधि में 45 दिन तक की मैटरनिटी लीव का प्रावधान किया गया है.
2024 में सरोगेसी के मामलों के लिए भी मैटरनिटी और पैटरनिटी लीव से जुड़े प्रावधानों को जोड़ा गया है.
पुरुष सरकारी कर्मचारी को 15 दिन की पैटरनिटी लीव मिलती है.
कर्मचारी के दो से कम जीवित बच्चे होने पर उन्हें पैटरनिटी लीव मिलती है.
यह छुट्टी पत्नी की डिलीवरी से 15 दिन पहले से लेकर बच्चे के जन्म के 6 महीने बाद तक कभी भी ली जा सकती है.
इस दौरान कर्मचारी को पूरा वेतन दिया जाता है.
पैटरनिटी लीव की छुट्टी सामान्य लीव खाते से नहीं काटा जाती.