गुजरात के जूनागढ़ शहर से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां के व्यस्त मधुरम इलाके में पुलिस एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह महिला बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर न केवल अलग-अलग नामों से रह रही थी, बल्कि उसने अपने ठिकाने भी लगातार बदले थे. फिलहाल, स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से महिला से पूछताछ कर रही हैं.
दरअसल, जूनागढ़ पुलिस को मधुरम क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला के लंबे समय से निवास करने की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के पुख्ता होने पर पुलिस ने तुरंत दबिश दी. शुरुआती पूछताछ में 12 अक्टूबर को महिला ने अपनी पहचान 'मिथिला रॉय' के रूप में बताई थी. हालांकि, पुलिस को जब उसके दस्तावेजों और हरकतों पर शक हुआ, तो गहराई से छानबीन की गई. अगले ही दिन दस्तावेजों की तकनीकी जांच में उसकी असली पहचान बांग्लादेश के नारायणगंज निवासी 'खालिदा बेगम' के रूप में उजागर हुई.
कई शहरों में बदले नाम और ठिकाने
जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि खालिदा बेगम नामक यह महिला सिर्फ जूनागढ़ तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह महाराष्ट्र के नालासोपारा, गुजरात के सूरत और जूनागढ़ में अलग-अलग फर्जी नामों के सहारे रह चुकी है. जूनागढ़ शहर में भी वह पिछले कुछ समय के दौरान 3 से 4 बार अलग-अलग पहचान के साथ आ चुकी थी.
पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से अलग-अलग नामों से बने कई आधार कार्ड, लगभग चार अलग-अलग सिम कार्ड समेत कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं. वहीं, Flipkart & Amazon से की गई ऑनलाइन खरीदारी की रसीदें मिलीं, जिनसे उसके पतों और डिलीवरी लोकेशंस का सुराग मिला है.
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, यह महिला पिछले करीब तीन वर्षों से अवैध रूप से भारत में निवास कर रही है.
पुलिस अधिकारी का बयान और आगे की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी प्रेमल झा ने मीडिया को जानकारी दी कि संदिग्ध महिला को फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से 'सखी वन स्टॉप सेंटर' में रखा गया है. सुरक्षा और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से उससे गहन पूछताछ कर रही हैं.
जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि महिला अवैध रूप से भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुई थी, उसके इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग मददगार थे, और अलग-अलग फर्जी पहचान बनाकर रहने के पीछे उसका असली मकसद क्या था.