उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है. माना जा रहा है कि पार्टी राज्य में जल्द ही किसी बड़े फैसले का ऐलान कर सकती है. यूपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हटाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके साथ बैठक कर उन्हें इस फैसले की जानकारी दे दी है.
रामपुर खास से विधायक और CLP नेता आराधना मिश्रा को राज्य अध्यक्ष घोषित किए जाने की संभावना है और उनकी टीम में तीन कार्यकारी अध्यक्ष हो सकते हैं. ये तीन कार्यकारी अध्यक्ष मुस्लिम, दलित और OBC के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को दर्शाएंगे.
कार्यकारी अध्यक्षों की दौड़ में कांग्रेस नेता देवेंद्र निषाद, दानिश अली, सुशील पासी, सांसद तनुज पुनिया और सांसद राकेश राठौर शामिल हैं.
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कौन हैं आराधना मिश्रा?
आराधना मिश्रा रामपुर खास से विधायक हैं और वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी (राज्यसभा सांसद) की बेटी हैं. बता दें, आराधना मिश्रा को 'मोना' के नाम से भी जाना जाता है. तीन बार की विधायक होने के नाते माना जाता है कि उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति की अच्छी समझ है. उन्होंने अपने पिता से यह जिम्मेदारी संभाली है. उनके पिता राज्यसभा सदस्य बनने से पहले नौ बार रामपुर खास से विधायक रहे थे.
तिवारी परिवार पिछले 47 सालों से लगातार प्रतापगढ़ निर्वाचन क्षेत्र पर अपना दबदबा बनाए हुए है. आराधना दो दशकों से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी भी माना जाता है. वे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' कैंपेन में काम कर चुकी हैं.
माना जा रहा है कि दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम के राज्य प्रभारी और किसी ब्राह्मण चेहरे के राज्य प्रमुख बनने से पार्टी ब्राह्मण-दलित वोट बैंक तक पहुंच सकती है.