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'मैं जहां भी हूं, खुश हूं...', शामली धर्म परिवर्तन केस में आयुष मलिक का नया वीडियो वायरल, पिता से जताई नाराजगी

शामली के चर्चित धर्म परिवर्तन मामले में आयुष मलिक का एक नया वीडियो हिल स्टेशन से सामने आया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी वीडियो में उसने अपनी मर्जी से रहने, खुश होने और पिता देवराज मलिक द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई व किडनैपिंग के दावों को खारिज किया है.

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मुस्लिम लड़की के लिए आयुष मलिक ने इस्लाम अपनाने का किया था दावा (Photo: ITG)
मुस्लिम लड़की के लिए आयुष मलिक ने इस्लाम अपनाने का किया था दावा (Photo: ITG)

उत्तर प्रदेश के शामली में धर्म परिवर्तन मामले में नया मोड़ आ गया है. हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने वाले आयुष मलिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद हिल स्टेशन से एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है. उसने पांच-छह दिन पहले अपनी मां से बातचीत का हवाला देकर किडनैपिंग के आरोपों को गलत बताया है. आयुष ने अपनी मर्जी से रहने, ठीक होने और किसी भी तरह के विवाद से दूर रहने की बात कही है. उसने अपने पिता देवराज मलिक की ओर से की जा रही मुकदमेबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी परेशानी पर वह खुद पुलिस और न्यायपालिका की मदद लेगा.

किडनैपिंग के आरोपों को आयुष ने किया खारिज

वायरल वीडियो में आयुष मलिक ने कहा कि उसकी पांच-छह दिन पहले अपनी मां से बातचीत हो चुकी है. ऐसे में किडनैपिंग की बात समझ से परे है. उसने स्पष्ट किया कि वह अपनी मर्जी से रह रहा है और खुश है. इस मामले को लेकर उसने अपने वकीलों से भी बात की है.

पिता की मुकदमेबाजी से दूरी बनाने का ऐलान

आयुष ने अपने पिता देवराज मलिक द्वारा दर्ज मुकदमों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है. उसने कहा कि उसके पिता किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं या कोई उनके खिलाफ हो, वह इस कानूनी लड़ाई में नहीं पड़ना चाहते. उसने पिता के कदमों से अपनी असहमति जताई.

शांति से जीने की इच्छा और संपत्ति पर जवाब

आयुष ने संकेत दिया कि उसके पिता की बातों से अलग-अलग शहरों में दंगे जैसी स्थिति बन सकती है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संपत्ति के सवाल पर उसने कहा कि प्रॉपर्टी उसके पिता की है और उन्हीं की रहेगी. भविष्य में दिक्कत होने पर वह खुद पुलिस के पास जाएगा.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने की बताई वजह

हाईकोर्ट जाने की वजह बताते हुए आयुष ने कहा कि वह किसी के खिलाफ लगातार दर्ज मुकदमों को रोकना चाहता था. 16 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आयुष और उसके पिता का पक्ष सुनकर उसे अपनी इच्छा से कहीं भी आने-जाने और रहने की स्वतंत्रता दी थी.

पिता की कार्रवाई पर फिर साधा निशाना

वीडियो के अंत में आयुष ने कहा कि स्थिति अभी भी वैसी ही बनी हुई है और एफआईआर कराने की कोशिशें जारी हैं. वह इन सब से दूर शांति से रहना चाहता है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद आए इस नए वीडियो से यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है.

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