INC
KEC(M)
TTP
नोटा
NOTA
IND
Ranni Vidhan Sabha Election Results Live: रन्नी विधानसभा का रिजल्ट घोषित, INC ने KEC(M) को हराया
Ranni Chunav Results 2026 Live: रन्नी विधानसभा सीट पर यह क्या हो गया!
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Ranni Vidhan Sabha Chunav Result 2026 Live: रन्नी में INC और KEC(M) के बीच नजदीकी मुकाबला! जानिए किसे मिले कितने वोट
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Ranni Chunav Results 2026 Live: रन्नी विधानसभा सीट पर यह क्या हो गया!
रन्नी केरल का एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां राजनीति नारेबाजी से ज्यादा रोजमर्रा की जिंदगी की जद्दोजहद से तय होती है. केरल के मध्य पहाड़ी क्षेत्र के जंगलों की सीमा पर स्थित यह इलाका भूगोल, जंगली जानवरों और सरकारी नियमों के साथ रोज समझौता करते हुए जीता है. यहां चुनाव किसी विचारधारा या जातीय भावनाओं से नहीं, बल्कि इस बात से प्रभावित होते हैं कि जनप्रतिनिधि लोगों की जमीन, खेती, सुरक्षा, मुआवजे और सरकारी दफ्तरों के चक्कर जैसे व्यावहारिक मुद्दों को कितनी कुशलता से सुलझा पाते हैं.
रन्नी पथनमथिट्टा जिले में है जो पथनमथिट्टा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यहा के लोग खेती, बागान क्षेत्र,जंगल, रबर की खेती, और पर्यटन पर आधारित हैं. यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से रबर की खेती, छोटे किसानों, बाग़ान मजदूरों और जंगल से जुड़े रोजगार पर टिकी है. पंबा नदी खेती के लिए जीवनरेखा है, लेकिन बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी साथ लाती है, इसलिए आपदा प्रबंधन यहां राजनीति का बड़ा मुद्दा है.
हाथियों और जंगली सूअरों द्वारा फसल और घरों को नुकसान, कभी-कभी जान का खतरा भी, लोगों की सबसे बड़ी चिंता है. सड़कों, वन विभाग की अनुमति, बाड़बंदी और मुआवजे की प्रक्रिया पर नेताओं की सक्रियता को लोग बहुत ध्यान से देखते हैं.
सामाजिक रूप से यहां हिंदू समुदायों (खासकर नायर और इझावा), ईसाई (विशेष रूप से सीरियन क्रिश्चियन), अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग रहते हैं. इझावा समुदाय वेलफेयर योजनाओं के कारण वामपंथ की ओर झुका है, जबकि ईसाई समुदाय जमीन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर व्यावहारिक रुख रखता है. यह क्षेत्र पहले कांग्रेस समर्थक रहा है, लेकिन शासन अच्छा दिखे तो रुख बदल भी सकता है.
जंगल किनारे रहने वाले एससी-एसटी लोग घर, जमीन के पट्टे और पेंशन जैसी योजनाओं से प्रभावित होते हैं. यहां नेता की विचारधारा से ज्यादा उसकी पहुंच, आपदा के समय मौजूदगी और अधिकारियों से काम निकलवाने की क्षमता मायने रखती है.
2021 के विधानसभा चुनाव में केरल कांग्रेस (एम) के वाम मोर्चे में आने के बाद एलडीएफ के उम्मीदवार प्रमोद नारायण ने बहुत कम अंतर से जीत हासिल की.
हाथी-सूअर के हमले, मुआवजे में देरी और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी थी, लेकिन वेलफेयर योजनाओं, घर, पेंशन और कोरोना राहत ने वाम मोर्चे को समर्थन दिलाए रखा. रन्नी में वही नेता जीतता है जो जंगल और पर्यावरण नियमों के बीच लोगों की आजीविका की रक्षा कर सके, मुआवजा दिला सके, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा राहत में सक्रिय हो. रन्नी ऐसी सीट है जहां शोर से ज्यादा काम, भाषण से ज्यादा समाधान और वादों से ज्यादा मौजूदगी पर वोट मिलता है.
(K. A. Shaji)
Rinku Cherian
INC
K. Padmakumar
BDJS
Adv. Anumol N.
BSP
Asharaf Pezhumkattil
SDPI
Benny Puthenparampil (thomas Mathew)
IND
Nota
NOTA
Jomon Kochethu
RJD
Aji B. Ranni
IND
Adv. Manju K. Nair (kottarathil)
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.