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Kuttanad Election Results 2026 Live: कुट्टनाड विधानसभा सीट पर KC ने फहराया जीत का परचम, जानें विजयी उम्मीदवार Reji Cheriyan को मिली कितनी बड़ी जीत
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कुट्टनाड समुद्र तल से नीचे बसा हुआ है. यहां राजनीति कोई सपना या भावनात्मक मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे-सीधे जिंदगी से जुड़ा सवाल है. यहां सरकार सिर्फ कागजों में नहीं, समाजिक ढांचा में महसूस की जा सकती है. अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा कुट्टनाड केरल के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है. चारों ओर पानी है. वही पानी जीवन भी देता है और संकट भी बनता है. इसलिए यहां विचारधारा से ज्यादा यह देखा जाता है कि फसल बची या नहीं, जमीन टिकी रही या नहीं और नुकसान के बाद सरकार ने कितनी जल्दी मदद की.
कुट्टनाड दुनिया के उन गिने-चुने इलाकों में है जहां समुद्र तल से नीचे खेती होती है. धान के खेतों को मिट्टी के बांध, नहरें और पंप बचाते हैं. जरा-सी चूक पूरी फसल बर्बाद कर सकती है. बाढ़, खारा पानी और मौसम की मार यहां खेती को बहुत जोखिम भरा बना चुकी है. इसलिए यहां की राजनीति कामकाज और व्यवस्था पर टिकी होती है, भाषणों पर नहीं.
यहां के समाज में छोटे किसान, खेत मजदूर, मछुआरे, कोयर उद्योग से जुड़े लोग, ताड़ी निकालने वाले, दलित, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय रहते हैं. सबकी जिंदगी एक-दूसरे पर और पानी के नियंत्रण पर निर्भर है. बाढ़ आने पर धर्म या जाति पीछे छूट जाती है, और पेट तथा रोजगार सबसे बड़ा सवाल बन जाता है.
कुट्टनाड का इतिहास कम्युनिस्ट आंदोलन से गहराई से जुड़ा है. यहीं से मजदूरों और किसानों ने जमीन, मजदूरी और अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष किया. यूनियन, सहकारी समितियां और किसान संगठन आज भी यहां की राजनीति की रीढ़ हैं. इसलिए यहां नेता को उसके भाषण से नहीं, बल्कि इस बात से परखा जाता है कि वह बांधों की मरम्मत, फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य, बाढ़ राहत और सरकारी दफ्तरों में काम कितनी ईमानदारी से करवा पाता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में भी यही सोच दिखी. एलडीएफ के उम्मीदवार थॉमस के. थॉमस ने जीत दर्ज की, क्योंकि लोगों ने बाढ़, कोरोना और फसल नुकसान के समय सरकार की कार्यप्रणाली को ज्यादा भरोसेमंद माना. यहां नाटकीय राजनीति या भावनात्मक मुद्दों की जगह स्थिर और काम करने वाली व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाती है.
आज भी कुट्टनाड जलवायु परिवर्तन, बढ़ती लागत और युवाओं के पलायन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. इसलिए लोगों की उम्मीदें सरकार से और बढ़ गई हैं. वे ऐसे प्रतिनिधि चाहते हैं जो फाइलों, योजनाओं और अफसरशाही को समझते हों और संकट के समय मैदान में मौजूद रहें.
कुट्टनाड में वोट भावनाओं से नहीं, अनुभव और भरोसे से पड़ता है. यहां लोग नारे नहीं, समाधान देखते हैं. जिस तरह यह इलाका पानी को संभालकर जीता है, उसी तरह सोच-समझकर अपने नेता चुनता है. यहां चुनाव उत्सव नहीं, बल्कि जीवन को सुरक्षित रखने का एक जरूरी फैसला होते हैं.
(K. A. Shaji)
Adv. Jacob Abraham
KEC
Thampi Mettuthara
BDJS
Dr. Vinu
DSJP
Nota
NOTA
Biju Xavier
SUCI
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.