scorecardresearch
 
Advertisement

तिरुवनंतपुरम विधानसभा चुनाव 2026 (Thiruvananthapuram Assembly Election 2026)

  • अदूर
  • अलाप्पुझा
  • अलाथूर
  • अलुवा
  • अम्बालापुझा
  • अंगमाली
  • अरनमुला
  • अरूर
  • अरुविक्कारा
  • अट्टिंगल
  • अझिकोड
  • बालुसेरी
  • बेपोर
  • चदयामंगलम
  • चालक्कुडी
  • चंगनास्सेरी
  • चथन्नूर
  • चावरा
  • चेलाक्कारा
  • चेंगन्नूर
  • चेर्थला
  • चिरायिनकीझु
  • चित्तूर
  • देवीकुलम
  • धर्मादम
  • एलाथुर
  • एरानाड
  • एर्नाकुलम
  • एराविपुरम
  • एट्टूमनूर
  • गुरुवायूर
  • हरिपद
  • इडुक्की
  • इरिक्कूर
  • इरिंजालक्कुडा
  • कडुथुरुथी
  • कैपामंगलम
  • कलमस्सेरी
  • कल्लियासेरी
  • कलपेट्टा
  • कन्हानगड़
  • कंजिराप्पल्ली
  • कन्नूर
  • करुनागप्पल्ली
  • कासरगोड
  • कट्टकडा
  • कायमकुलम
  • कजहक्कूट्टम
  • कोच्चि
  • कोडुंगल्लूर
  • कोडुवल्ली
  • कोल्लम
  • कोंडोट्टी
  • कोंगड
  • कोन्नी
  • कोठामंगलम
  • कोट्टक्कल
  • कोट्टाराक्कारा
  • कोट्टायम
  • कोवलम
  • कोझिकोड उत्तर
  • कोझिकोड दक्षिण
  • कुंडारा
  • कुन्नमंगलम
  • कुन्नमकुलम
  • कुन्नाथुनाड
  • कुन्नाथुर
  • कुथुपरम्बा
  • कुट्टनाड
  • कुट्टियाडी
  • मालमपुझा
  • मलप्पुरम
  • मनालूर
  • मनंतवाडी
  • मंजेरी
  • मंजेश्वर
  • मनकड़ा
  • मन्नारकाड
  • मट्टनूर
  • मावेलीकारा
  • मुवत्तुपुझा
  • नादापुरम
  • नट्टिका
  • नेदुमंगड
  • नेमोम
  • नेनमारा
  • नेय्याट्टिनकारा
  • नीलांबुर
  • ओल्लूर
  • ओट्टापलम
  • पाला
  • पलक्कड़
  • परसाला
  • परावूर
  • पठानपुरम
  • पट्टांबि
  • पय्यन्नूर
  • पीरुमाडे
  • पेराम्बरा
  • पेरावूर
  • पेरिन्थलमन्ना
  • पेरुम्बावूर
  • पिरावोम
  • पोन्नानी
  • पूंजर
  • पुनालुर
  • पुथुक्कड़
  • पुथुप्पल्ली
  • क्विलैंडी
  • रन्नी
  • शोरनूर
  • सुल्तान बाथरी
  • तालिपरम्बा
  • तनूर
  • तरुर
  • थालास्सेरी
  • थावनूर
  • तिरुवल्ला
  • तिरुवंबाडी
  • तिरुवनंतपुरम
  • थोडुपुझा
  • थ्रिक्काकरा
  • त्रिपुनिथुरा
  • त्रिशूर
  • थ्रीथला
  • तिरुर
  • तिरुरंगडी
  • त्रिकरीपुर
  • उडमा
  • उडुम्बंचोला
  • वडकारा
  • वैकोम
  • वल्लिक्कुन्नू
  • वामनपुरम
  • वर्कला
  • वट्टियोरकावु
  • वेंगारा
  • वाइपेन
  • वडक्कनचेरी
  • वांडूर
तिरुवनंतपुरम विधानसभा चुनाव 2026 (Thiruvananthapuram Assembly Election 2026)

तिरुवनंतपुरम एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां लोग सत्ता और सरकार को दूर से नहीं, बल्कि रोज अपनी जिंदगी में महसूस करते हैं. यह राजधानी का क्षेत्र है, जहां सड़कें, नालियां, कचरा प्रबंधन, पानी की सप्लाई, सार्वजनिक परिवहन, बाजार, सरकारी दफ्तर और पुलिस व्यवस्था सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं. यहां शासन केवल नीति या घोषणा नहीं, बल्कि हर घंटे अनुभव की जाने वाली चीज है.

इस सीट के मतदाता सामाजिक रूप से विविध और राजनीतिक रूप से सजग हैं. यहां सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक, व्यापारी और असंगठित क्षेत्र के कामगार, छात्र, प्रोफेशनल्स, तटीय इलाकों के परिवार और अपार्टमेंट में रहने वाले लोग सभी एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र में रहते हैं.यहां विचारधारा मायने रखती है, लेकिन उससे ज्यादा अहम होता है कि मोहल्ले में सेवाएं कैसी हैं, इलाके की छवि क्या है और नेता भरोसेमंद है या नहीं.

यहां की घनी बसावट, सरकारी दफ्तर, अस्पताल, विश्वविद्यालय, बाजार और रिहायशी इलाके आस-पास ही हैं. इसका मतलब यह है कि राजनीति भी “छोटी” और तुरंत प्रतिक्रिया वाली हो जाती है. अगर कहीं सड़क जलमग्न हुई, कचरा जमा हुआ या ट्रैफिक जाम लगा, तो वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन जाता है. यह इलाका शहर का प्रशासनिक और प्रतीकात्मक केंद्र है. यहां के मतदाता नेताओं से तेज कार्रवाई, अफसरशाही तक सीधी पहुंच और तुरंत समस्या समाधान की उम्मीद करते हैं. यहां केवल योजनाओं की घोषणा से काम नहीं चलता, बल्कि काम होते दिखना चाहिए.

राजधानी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की कमी तुरंत राजनीतिक मुद्दा बन जाती है. बारिश में जलभराव, ट्रैफिक जाम, टूटी सड़कें, कचरा प्रबंधन और पीने के पानी की समस्या यहां लगातार शासन की परीक्षा लेती हैं. राजधानी में वादों और हकीकत का फर्क बहुत साफ दिखता है.

यहां प्रतिनिधियों का मूल्यांकन भाषणों से नहीं, बल्कि काम से होता है. सड़क बनी या नहीं, नाली साफ हुई या नहीं, सेवा बहाल हुई या नहीं, यही यहां की असली राजनीति है. किसी संकट के समय नेता की मौजूदगी बेहद जरूरी मानी जाती है.

तिरुवनंतपुरम में हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय साथ रहते हैं. यहां जाति के साथ-साथ वर्ग, पेशा और सरकारी सुविधाओं तक पहुंच भी राजनीति को प्रभावित करती है. इस क्षेत्र में तटीय इलाका भी शामिल है, जहां मछुआरा समुदाय रहता है. उन्हें आजीविका की अनिश्चितता, समुद्री कटाव और बार-बार विस्थापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

मछुआरा समुदाय अब तटीय सुरक्षा, घरों की सुरक्षा और रोजगार को राजनीतिक एजेंडा बना रहा है. जलवायु परिवर्तन और समुद्री कटाव अब शहरी राजनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं. यह क्षेत्र ऐसे नेतृत्व की अपेक्षा करता है जो सुलभ हो, प्रशासनिक रूप से सक्षम हो और हर समय मौजूद दिखे. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, व्यापारी संगठन, तटीय समितियां और वार्ड स्तर के नेटवर्क असंतोष को बहुत तेजी से फैला देते हैं.

यहां चुनाव केवल विचारधारा पर नहीं लड़े जाते, बल्कि इस बात पर लड़े जाते हैं कि शहर की रोजमर्रा की जिंदगी कौन बेहतर संभाल सकता है. कई बार उम्मीदवार की व्यक्तिगत विश्वसनीयता पार्टी से ज्यादा अहम हो जाती है.

तिरुवनंतपुरम में राजनीति हमेशा प्रतिस्पर्धात्मक रही है. लेफ्ट के पास मजबूत संगठन है, कांग्रेस के पास पारंपरिक नेटवर्क और मध्यम वर्ग का समर्थन है, जबकि भाजपा ने कुछ वार्डों में स्थायी वोट बैंक बना लिया है. इसी वजह से यह सीट साफ तौर पर त्रिकोणीय मुकाबले वाली बन चुकी है.

2021 के विधानसभा चुनाव में इस संतुलन की झलक दिखी. एलडीएफ उम्मीदवार और जनाधिपत्य केरल कांग्रेस के नेता एंटनी राजू ने 48,748 वोट (38.01%) हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस के वी. एस. शिवकुमार को 7,089 वोटों से हराया. भाजपा के जी. कृष्णकुमार को 34,996 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. 

हाल ही में एंटनी राजू को एक पुराने आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया. इस फैसले के चलते वे अगला चुनाव लड़ने के पात्र नहीं रह गए हैं. राजधानी में एलडीएफ के सबसे प्रमुख चेहरे के तौर पर उनकी भूमिका खत्म होना बड़ा झटका माना जा रहा है. राजू की अयोग्यता ने एलडीएफ की राजधानी रणनीति को हिला दिया है. वे कई वर्षों से तिरुवनंतपुरम में गठबंधन का शहरी चेहरा थे. उनके जाने से नेतृत्व, भरोसे और उत्तराधिकार पर नए सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर ऐसे समय में जब नागरिक असंतोष बढ़ रहा है.

विपक्षी दलों के लिए यह मामला जवाबदेही और प्रतिनिधित्व का बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है.

व्यापारिक इलाके, बाजार और घनी आबादी वाले वार्ड राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील हैं. तटीय इलाकों में कटाव और पुनर्वास मुख्य मुद्दा है, जबकि अपार्टमेंट क्षेत्रों में ट्रैफिक, सुरक्षा और सेवाओं की गुणवत्ता अहम है. ये छोटे इलाके अब “स्विंग जोन” की तरह व्यवहार करने लगे हैं. 

तिरुवनंतपुरम में चुनाव तीन सवालों पर तय होते हैं- शहर की रोजमर्रा की व्यवस्था कौन संभाल सकता है, विविध शहरी और तटीय हितों का सही प्रतिनिधि कौन है और गठबंधन राजनीति को बिना भरोसा खोए कौन चला सकता है?

भाजपा की स्थायी मौजूदगी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाए रखती है. एलडीएफ में नेतृत्व परिवर्तन और कांग्रेस की वापसी की कोशिश के बीच, मामूली मत परिवर्तन भी नतीजा बदल सकता है.

तिरुवनंतपुरम  सीट उन नेताओं को चुनती है जो दिखाई देते हैं, जनता की सुनते हैं और काम करते हैं. संगठन जरूरी है, लेकिन भरोसा उससे भी ज्यादा अहम है.मतदाता दक्षता, उपलब्धता और भरोसे को प्राथमिकता देता है और हर नेता को लगातार कसौटी पर रखता है.

(ए के शाजी)

और पढ़ें
छोटा करें
Advertisement
Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

तिरुवनंतपुरम विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Adv.antony Raju

img
JKC
वोट48,748
विजेता पार्टी का वोट %38 %
जीत अंतर %5.5 %

तिरुवनंतपुरम विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • V .s .sivakumar

    INC

    41,659
  • Krishnakumar G

    BJP

    34,996
  • Nota

    NOTA

    1,054
  • Abhilash Vadakkan

    IND

    436
  • A .saboora

    SUCI

    366
  • Raju Antony

    IND

    289
  • Chala Mohanan D

    IND

    245
  • Antony Raju S/o Raju

    IND

    190
  • Sivakumar. K S/o Kumara Swamy

    IND

    164
  • Krishnakumar T .s S/o Sankarankutty

    IND

    89
Advertisement

केरल विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

तिरुवनंतपुरम विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में तिरुवनंतपुरम में JKC का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के तिरुवनंतपुरम चुनाव में Adv.Antony Raju को कितने वोट मिले थे?

2021 में तिरुवनंतपुरम सीट पर उपविजेता कौन था?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले तिरुवनंतपुरम विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

केरल विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

Advertisement
Advertisement