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Kerala Election Result 2026 Live: मावेलीकारा विधानसभा सीट पर CPM ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Kerala Election Results 2026 Live: केरल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
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अलप्पुझा जिले में स्थित मावेलिकारा, मावेलिकारा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह न पूरी तरह शहरी है और न ग्रामीण. यह केवल कृषि-प्रधान, बल्कि यहां शिक्षा संस्थान, सहकारी संस्थाएं, पुस्तकालय, सरकारी दफ्तर और स्थानीय समितियां मजबूत हैं. यही संस्थान लोगों के जीवन में राजनीति और शासन को जोड़ते हैं. मावेलिकारा सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं है, बल्कि केरल की राजनीति में एक अहम संदर्भ बिंदु मानी जाती है. यहां के मतदाताओं का व्यवहार लंबे समय से सुधार आंदोलनों की स्मृति, वामपंथी राजनीति से जुड़ाव और सामाजिक न्याय की सोच से प्रभावित रहा है. यहां चुनाव लोगों को मनाने से ज्यादा पहले से बने विश्वास, निरंतरता और सरकार के कामकाज के अनुभव की पुष्टि होते हैं.
यहां की अर्थव्यवस्था खेती (धान, नारियल), छोटे व्यापार, सरकारी नौकरी, शिक्षा से जुड़े काम और विदेश से आने वाली कमाई पर आधारित है. लोगों की मुख्य चिंताएं महंगाई, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार की सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं की समय पर उपलब्धता हैं. बाढ़ जैसी प्राकृतिक समस्याओं ने भी सरकार से तेज और प्रभावी काम की उम्मीद बढ़ा दी है.
सामाजिक रूप से मावेलिकारा में एझावा समुदाय सबसे बड़ा और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, जिसका सुधार आंदोलनों और वाम राजनीति से गहरा रिश्ता रहा है. अनुसूचित जातियों की भी यहां बड़ी और निर्णायक मौजूदगी है, जो कल्याणकारी योजनाओं, आवास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देती है. मुस्लिम और ईसाई समुदाय संख्या में कम हैं, लेकिन शिक्षा और व्यापार से जुड़े होने के कारण स्थिर और संगठित मतदाता माने जाते हैं. यहां की खास बात यह है कि अलग-अलग समुदायों के बीच कल्याणकारी योजनाओं और संस्थागत सुविधाओं के आधार पर एक मजबूत राजनीतिक गठजोड़ बना रहता है.
मावेलिकारा के मतदाता भूमि सुधार, शिक्षा और सामाजिक समानता जैसे पुराने सुधार आंदोलनों की याद को आज भी महत्व देते हैं. वे विचारधारा के साथ-साथ सरकार के कामकाज को भी कसौटी पर कसते हैं. पेंशन, स्वास्थ्य, स्कूल और बुनियादी ढांचे जैसी सुविधाएं यहां वोट देने के फैसले में बड़ी भूमिका निभाती हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के उम्मीदवार एम. एस. अरुण कुमार ने बड़ी जीत हासिल की. उन्होंने करीब 47.6% वोट लेकर कांग्रेस नीत यूडीएफ उम्मीदवार को लगभग 25 हजार वोटों के अंतर से हराया. भाजपा को भी करीब 20% वोट मिले, लेकिन वह मुख्य मुकाबले को प्रभावित नहीं कर सकी. यह नतीजा दिखाता है कि यहां वामपंथ का आधार मजबूत और संगठित है.
बीते वर्षों में जहां मुकाबला कड़ा रहा है, वहीं हाल के चुनावों में मावेलिकारा में वामपंथ की स्थिति और मजबूत हुई है. कल्याणकारी योजनाओं, संगठन की पकड़ और जमीनी स्तर पर काम के कारण यहां निरंतरता को प्राथमिकता मिलती है. मतदाता नए चेहरों या बड़े वादों से ज्यादा भरोसेमंद काम और उपलब्धता को महत्व देते हैं.
मावेलिकारा एक ऐसा क्षेत्र है जहां इतिहास, सामाजिक सुधार की परंपरा और सरकार के कामकाज का अनुभव मिलकर चुनावी नतीजों को तय करते हैं. यहां लोग उसी राजनीतिक ताकत को चुनते हैं जो सम्मान, कल्याण और सुशासन की भावना को बनाए रखे.
(K. A. Shaji)
K K Shaju
INC
K Sanju
BJP
Nota
NOTA
Suresh Nooranad
APoI
K Sasikumar
SUCI
B Subhash
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.