केरल के तटीय इलाके में स्थित करुनागप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र अपनी अलग पहचान रखता है. यह कोल्लम जिले में है और अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यहां एक ओर नगर पालिका वाला व्यस्त शहर है, तो दूसरी ओर घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके, मछुआरों के गांव, बाजार और कुछ पुराने खेती वाले क्षेत्र भी हैं. यहां के मतदाता भावनात्मक नारों या प्रतीकों से ज्यादा अपने रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दों को देखते हैं. उनके लिए रोजगार, सड़क, पानी, ड्रेनेज, अस्पताल, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से मिलना सबसे जरूरी होता है. वे यह भी देखते हैं कि उनका विधायक चुनाव के बाद भी जनता के बीच रहता है या नहीं.
करुनागप्पल्ली में समय-समय पर वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच सत्ता बदलती रही है, लेकिन एक बात हमेशा समान रही है, यहां नेता की व्यक्तिगत छवि और कामकाज बहुत मायने रखता है. पार्टी का नाम जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि नेता ने जनता के लिए क्या किया.
यह इलाका समुद्र तट, शहर और ग्रामीण पंचायतों से मिलकर बना है. मछली पकड़ना यहां की बड़ी आजीविका है. साथ ही व्यापार, छोटी उद्योग इकाइयां, सेवा क्षेत्र और खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों की कमाई पर भी बहुत से परिवार निर्भर हैं. नारियल, धान और केले की खेती कुछ हिस्सों में अब भी होती है. समुद्री कटाव, तूफान और खारे पानी की समस्या भी लोगों के लिए चिंता का विषय है.
यहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, लेकिन मुस्लिम और ईसाई समुदाय भी अच्छी संख्या में हैं. शिक्षा का स्तर ऊंचा है और लोग जागरूक हैं. किसी एक धर्म या जाति की राजनीति यहां हावी नहीं रहती. लोग काम और विकास को ज्यादा महत्व देते हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सी. आर. महेश ने बड़ी जीत हासिल की. उन्होंने सीपीआई के उम्मीदवार को लगभग 29 हजार वोटों से हराया. भाजपा को कम वोट मिले और मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच ही रहा. महेश की जीत का कारण यह माना गया कि वे लगातार जनता से जुड़े रहे, उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदगी बनाए रखी.
यहां के मुख्य मुद्दों की बत करें तो सड़कें, नालियाँ, पीने का पानी, मछुआरों के लिए सहायता, युवाओं के लिए नौकरी, अच्छी शिक्षा और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं. खाड़ी में काम करने वाले परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता भी अहम है.
करुनागप्पल्ली में वही नेता जीतता है जो जमीन से जुड़ा हो, संकट के समय जनता के साथ खड़ा दिखे और सरकारी कामों को सही ढंग से आगे बढ़ाए. यहां नारे और दिखावा कम, और काम व मौजूदगी ज़्यादा मायने रखती है.
इसीलिए कहा जाता है कि केरल के तटीय राजनीतिक परिदृश्य में करुनागप्पल्ली वह क्षेत्र है जहां भाषणों और नारों से ज्यादा नेता के काम और जनता के बीच उसकी उपस्थिति को महत्व दिया जाता है.
(K. A. Shaji)
R. Ramachandran
CPI
Bitty Sudheer
BJP
Adv. Sumayya Najeeb
SDPI
Nota
NOTA
Bhargavan S
SUCI
Madhu
ADHRMPI
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