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Kerala Election Result 2026 Live: करुनागप्पल्ली विधानसभा सीट पर INC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Kerala Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Karunagappally Vidhan Sabha Chunav Result Live: केरल के TRAVANCORE क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Karunagappally Chunav Results Live: करुनागप्पल्ली सीट पर INC का दबदबा, 24323 मतों के विशाल अंतर से CPI को पछाड़ा
Karunagappally Election Results 2026 Live: करुनागप्पल्ली सीट पर यह क्या हो गया! CPI बड़े अंतर से पीछे
Karunagappally Election Results Live 2026: केरल के TRAVANCORE क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें केरल रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
केरल के तटीय इलाके में स्थित करुनागप्पल्ली विधानसभा क्षेत्र अपनी अलग पहचान रखता है. यह कोल्लम जिले में है और अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यहां एक ओर नगर पालिका वाला व्यस्त शहर है, तो दूसरी ओर घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके, मछुआरों के गांव, बाजार और कुछ पुराने खेती वाले क्षेत्र भी हैं. यहां के मतदाता भावनात्मक नारों या प्रतीकों से ज्यादा अपने रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दों को देखते हैं. उनके लिए रोजगार, सड़क, पानी, ड्रेनेज, अस्पताल, शिक्षा और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से मिलना सबसे जरूरी होता है. वे यह भी देखते हैं कि उनका विधायक चुनाव के बाद भी जनता के बीच रहता है या नहीं.
करुनागप्पल्ली में समय-समय पर वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच सत्ता बदलती रही है, लेकिन एक बात हमेशा समान रही है, यहां नेता की व्यक्तिगत छवि और कामकाज बहुत मायने रखता है. पार्टी का नाम जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि नेता ने जनता के लिए क्या किया.
यह इलाका समुद्र तट, शहर और ग्रामीण पंचायतों से मिलकर बना है. मछली पकड़ना यहां की बड़ी आजीविका है. साथ ही व्यापार, छोटी उद्योग इकाइयां, सेवा क्षेत्र और खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों की कमाई पर भी बहुत से परिवार निर्भर हैं. नारियल, धान और केले की खेती कुछ हिस्सों में अब भी होती है. समुद्री कटाव, तूफान और खारे पानी की समस्या भी लोगों के लिए चिंता का विषय है.
यहां हिंदू बहुसंख्यक हैं, लेकिन मुस्लिम और ईसाई समुदाय भी अच्छी संख्या में हैं. शिक्षा का स्तर ऊंचा है और लोग जागरूक हैं. किसी एक धर्म या जाति की राजनीति यहां हावी नहीं रहती. लोग काम और विकास को ज्यादा महत्व देते हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सी. आर. महेश ने बड़ी जीत हासिल की. उन्होंने सीपीआई के उम्मीदवार को लगभग 29 हजार वोटों से हराया. भाजपा को कम वोट मिले और मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच ही रहा. महेश की जीत का कारण यह माना गया कि वे लगातार जनता से जुड़े रहे, उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदगी बनाए रखी.
यहां के मुख्य मुद्दों की बत करें तो सड़कें, नालियाँ, पीने का पानी, मछुआरों के लिए सहायता, युवाओं के लिए नौकरी, अच्छी शिक्षा और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं. खाड़ी में काम करने वाले परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता भी अहम है.
करुनागप्पल्ली में वही नेता जीतता है जो जमीन से जुड़ा हो, संकट के समय जनता के साथ खड़ा दिखे और सरकारी कामों को सही ढंग से आगे बढ़ाए. यहां नारे और दिखावा कम, और काम व मौजूदगी ज़्यादा मायने रखती है.
इसीलिए कहा जाता है कि केरल के तटीय राजनीतिक परिदृश्य में करुनागप्पल्ली वह क्षेत्र है जहां भाषणों और नारों से ज्यादा नेता के काम और जनता के बीच उसकी उपस्थिति को महत्व दिया जाता है.
(K. A. Shaji)
R. Ramachandran
CPI
Bitty Sudheer
BJP
Adv. Sumayya Najeeb
SDPI
Nota
NOTA
Bhargavan S
SUCI
Madhu
ADHRMPI
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.