चावरा विधानसभा क्षेत्र केरल के कोल्लम जिले के मध्य तट पर स्थित है और कोल्लम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह इलाका समुद्र तट, मछुआरों की बस्तियों, औद्योगिक क्षेत्रों और शहर के घनी आबादी वाले वार्डों का मिश्रण है. यहां के लोग राजनीति को केवल विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दों के आधार पर परखते हैं. नौकरी, उद्योगों की स्थिति, मछली पकड़ने से जुड़ी समस्याएं, सड़क-पानी-साफ-सफाई जैसी सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का सही समय पर मिलना-यही सब चुनावी सोच को तय करते हैं.
यहां हिंदू, ईसाई और मुस्लिम समुदाय साथ रहते हैं और लंबे समय से मजदूर संगठनों, सहकारी समितियों और मछुआरा संघों की मजबूत भूमिका रही है. इसी कारण राजनीति में साम्प्रदायिकता से ज्यादा रोजगार, सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दे हावी रहते हैं. लोग अपने विधायक से नजदीकी संपर्क, भरोसा और काम करके दिखाने की उम्मीद रखते हैं.
2021 के विधानसभा चुनाव में यहां मुकाबला बहुत करीबी रहा. वामपंथी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. सुजीत विजयनपिल्लै ने आरएसपी के शिबू बेबी जॉन को सिर्फ 1096 वोटों से हराया. यह नतीजा दिखाता है कि चावरा में पार्टी से ज्यादा व्यक्ति की छवि और कामकाज अहम होता है.
चावरा में मछुआरों की समस्याएं, उद्योगों में रोजगार की सुरक्षा, पर्यावरण नियमों का पालन, शहर की बुनियादी सुविधाएं और आपदा के समय सरकार की मदद, ये सभी बातें वोटरों के लिए बहुत मायने रखती हैं. लोग ऐसे नेता को पसंद करते हैं जो हमेशा उपलब्ध रहे, उनकी बात सुने और जमीन पर काम करके दिखाए. इसलिए चावरा की राजनीति में परंपरा और प्रदर्शन दोनों का मेल दिखाई देता है, और अंततः वही जीतता है जो लोगों की रोजमर्रा की जिदगी को बेहतर बनाने में सफल होता है.
(K. A. Shaji)
Shibu Baby John
RSP
Vivek Gopan
BJP
Johnson Kandachira
IND
Sujithmon
IND
Nota
NOTA
Viji Ratheesh
IND
केरल विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान है, लेकिन ईरान के साथ अमेरिया और इजरायल की चल रही जंग खत्म होने नहीं हो रही है. इसका असर केरल के चुनाव में भी पड़ता दिख रहा है, क्योंकि गल्फ देशों में रहने वाले मलयाली वोटर्स इस बार मतदान के लिए नहीं आ पा रहे हैं.
केरल चुनाव के बीच पीएम मोदी 4 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम और तिरुवल्ला में जनसभा और रोड शो करेंगे. NDA शक्ति प्रदर्शन के जरिए वोटरों तक पहुंच बनाने की रणनीति अपनाएगा.
कोच्चि से कोल्लम तक की इस ग्राउंड रिपोर्ट में चुनावी माहौल, वोटरों की उलझन और राजनीतिक जोश साफ दिखता है. रास्ते में LDF और UDF के घोषणापत्र, रैली में कांग्रेस समर्थकों का भरोसा और प्रियंका गांधी का भाषण इस चुनाव की तस्वीर पेश करते हैं. हालांकि इंटरव्यू का मौका आखिरी पल में छूट गया, लेकिन यही फील्ड रिपोर्टिंग की असली चुनौती भी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के बीजेपी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कांग्रेस और वाम दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बीजेपी-एनडीए के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता बदलाव चाहती है. पीएम मोदी ने कांग्रेस को माओवादी मुस्लिम लीग कांग्रेस बताया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान हालात का फायदा उठाकर कोई दुस्साहस करता है, तो भारत का जवाब अभूतपूर्व और निर्णायक होगा. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने सेना के साहस की सरहाना की.
केरलम में जबरदस्त चुनावी माहौल के बीच राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक साथ निशाना साधा है. कांग्रेस नेता ने विजयन के ट्रंप की तरह मोदी के प्रभाव में होने का आरोप लगाया है. ध्यान रहे, निजी हमलों का रिजल्ट और रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है.
पश्चिम बंगाल, असम और केरल सहित पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन किस्मत दांव पर राजस्थान के नेताओं की लगी है. बंगाल में भूपेंद्र यादव की अग्निपरीक्षा तो असम में जितेंद्र सिंह और केरलम में सचिन पायलट व नीरज डांगी का इम्तिहान है. ऐसे में देखना है कि कौन सफल होता है?
राहुल गांधी का कहना है कि केरलम में उनको महिला मुख्यमंत्री बनने का इंतजार है. हकीकत देखें तो पूरे राज्य में चुनाव मैदान में महज 10 फीसदी महिलाएं हैं - और कांग्रेस ने भी 92 उम्मीदवारों में सिर्फ 9 विधानसभा सीटों पर ही महिला कैंडिडेट खड़े किए हैं.
केरल विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य मतदान से 10 दिन पहले ही चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है. निर्वाचन आयोग की पहल पर 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए घर से वोट डालने की सुविधा सोमवार को शुरू की गई. पहले ही दिन हजारों मतदाताओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया.
केरल में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि भारत की विदेश और आर्थिक नीतियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रभाव में चल रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र रूप से तेल खरीदने की क्षमता पर असर हुआ है.