INC
CPI
BJP
नोटा
NOTA
BSP
IND
IND
SUCI
Vaikom (Sc) Vidhan Sabha Chunav Result: वैकोम सीट पर K Binimon ने लहराया जीत का परचम
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वैकोम केवल केरल के चुनावी नक्शे पर दर्ज एक विधानसभा सीट नहीं है. यह केरल की राजनीति में एक नैतिक प्रतीक के रूप में जाना जाता है. वैकोम सत्याग्रह से जुड़ा यह मंदिर नगर आज भी सामाजिक न्याय और समानता के संघर्ष की विरासत को अपने साथ लेकर चलता है. यहां इतिहास केवल भाषणों में याद नहीं किया जाता, बल्कि वह आज की राजनीति को दिशा देता है, अतिरेक को रोकता है और संतुलित राजनीति को बढ़ावा देता है.
कोट्टायम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा वैकोम, केरल के मध्य भूभाग की सामाजिक संरचना में स्थित है. यहां की राजनीति न तो अचानक आए आर्थिक बदलावों से पैदा हुई है और न ही किसी आक्रामक आंदोलन से. यह लंबे समय से चली आ रही सामाजिक सहमति, संस्थागत व्यवस्था और सुधारवादी सोच पर आधारित है. यहां चुनाव किसी बड़े उलटफेर का संकेत नहीं होते, बल्कि जनता का सोचा-समझा फैसला होते हैं.
वैकोम की भौगोलिक बनावट राजनीति में भी संतुलन पैदा करती है. बैकवाटर, नहरें और धान के खेत इस क्षेत्र की पहचान हैं. यहां मंदिर केंद्रित कस्बे और अर्ध-शहरी इलाके हैं. कृषि, मछली पालन, कोयर उद्योग, छोटे व्यापार और सेवाएं यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य आधार हैं.
वैकोम शहर तीर्थ, शिक्षा और व्यापार का केंद्र है, जिससे यहां एक जागरूक मध्यम वर्ग और सक्रिय युवा वर्ग विकसित हुआ है. हालांकि, यहां की राजनीतिक अपेक्षाएं सीमित और व्यावहारिक हैं. लोग दिखावे और नाटकीय राजनीति के बजाय सुलभ, भरोसेमंद और गंभीर नेतृत्व को प्राथमिकता देते हैं.
वैकोम में एझावा समुदाय एक प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक समूह है. श्री नारायण गुरु की सुधारवादी परंपरा और जाति-विरोधी आंदोलनों की स्मृति ने उनकी राजनीतिक सोच को गहराई से प्रभावित किया है. वे स्थिरता, कल्याणकारी नीतियों और सम्मानजनक संवाद को महत्व देते हैं. एसएनडीपी जैसे संगठन प्रभावशाली हैं, लेकिन पहचान की राजनीति संतुलन के साथ की जाती है.
नायर समुदाय भूमि स्वामित्व, पेशेवर नेटवर्क और सांस्कृतिक संस्थानों के माध्यम से प्रभाव बनाए रखता है. उनका मतदान व्यवहार व्यावहारिक होता है और वे विचारधारा से ज्यादा गठबंधन की ताकत और शासन की विश्वसनीयता देखते हैं.
ईसाई समुदाय संख्या में कम है, लेकिन शिक्षा, व्यापार और सेवा क्षेत्र में सक्रिय है. उनका राजनीतिक झुकाव उम्मीदवार की क्षमता और विकास कार्यों पर आधारित होता है.मुस्लिम समुदाय व्यापार और छोटे व्यवसायों में सक्रिय भूमिका निभाता है. पारंपरिक रूप से वे यूडीएफ की ओर झुकाव रखते हैं, लेकिन अब उनका समर्थन स्थानीय नेतृत्व और गठबंधन की स्पष्टता पर निर्भर करता है.
अनुसूचित जातियां वैकोम की राजनीतिक चेतना में एक नैतिक स्थान रखती हैं. उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं, सम्मान और प्रशासन तक आसान पहुंच ज्यादा मायने रखती है.
वैकोम लंबे समय से वामपंथी दलों का मजबूत गढ़ रहा है. सीपीआई और सीपीएम ने यहां संगठनात्मक मजबूती, ट्रेड यूनियनों, सहकारी संस्थाओं और कल्याणकारी राजनीति के जरिए भरोसा बनाया है. यहां करिश्माई राजनीति नहीं, बल्कि निरंतर उपस्थिति और भरोसेमंद प्रशासन को महत्व मिलता है.
2021 के विधानसभा चुनाव में वैकोम ने एक बार फिर निरंतरता को चुना. सीपीआई की सी. के. आशा ने 71,388 वोट हासिल कर कांग्रेस की पी. आर. सोना को हराया, जिन्हें 42,266 वोट मिले. 29,122 वोटों का अंतर इस बात का संकेत था कि जनता शासन से संतुष्ट थी और प्रयोग के मूड में नहीं थी.
इस क्षेत्र के मतदाताओं के मुद्दों में धान की खेती और मछली पालन की स्थिरता, सहकारी संस्थाओं की पारदर्शिता, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाएं,
रोजगार और युवाओं का पलायन, पर्यावरण संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण प्रमुख हैं.
वैकोम धीरे-धीरे बदलाव स्वीकार करता है. यहां के लोग बड़े राजनीतिक बदलावों को स्थानीय अनुभव के आधार पर परखते हैं. विचारधारा जरूरी है, लेकिन प्रदर्शन और उपस्थिति उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. आज जब केरल की राजनीति में तीखे बयान और उथल-पुथल बढ़ रही है, वैकोम संतुलन और परिपक्वता की मिसाल बना हुआ है. यह क्षेत्र दिखाता है कि शांत और जिम्मेदार राजनीति भी प्रभावशाली हो सकती है.
(K. A. Shaji)
Dr.p.r Sona
INC
Ajitha Sabu
BDJS
Akhiljith Kallara
BSP
Nota
NOTA
Bindu
BHUDRP
Kuttan Kattachira
IND
T.k Sabu
SUCI
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.