1949 से शहीदों और देश के सम्मान की रक्षा के लिए हमारी सीमाओं पर लड़ने वाले सैनिकों के सम्मान में हर साल 7 दिसम्बर को 'सशस्त्र सेना झंडा दिवस' मनाया जाता है. वहीं इससे पहले रक्षा मंत्रालय 1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक 'आर्म्ड फोर्सेस वीक' मना रहा है.
इस मौके पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक वीडियो के जरिए देशवासियों से कहा है कि सभी पूर्व सैनिकों के सम्मान में आर्म्ड फोर्सेस फ्लैग बैच पहने और वेलफेयर फंड में योगदान दें. उन्होंने कहा हम भारत के नागरिक हैं और गर्व के साथ सभी को फ्लैग पहनना चाहिए. साथ ही जितना हो सके फंड में योगदान दें.
Thank those who protect the honour of the nation this . Wear Armed Forces Flag with pride between 1-7 Dec. To contribute to the welfare of ex-servicemen & their families and get a printable version of the flag go to Jai Hind!
— Raksha Mantri (@DefenceMinIndia)
बता दें 'आर्म्ड फोर्सेस डे फंड' से मिलने वाली रकम वेलफेयर फंड में जाती है. वहीं इस दौरान जितनी भी रकम जमा होगी वह युद्ध में शहीदों की विधवा, दिव्यांग हुए सैनिक और उनके परिवार-बच्चों के कल्याण के लिए खर्च की जाती है.
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने देशवासियों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए 'आर्म्ड फोर्सेस वीक' में बैच लगाने और वेलफेयर फंड में योगदान देने की अपील की है. सभी देशवासी 7 दिसंबर 2017 तक तीनों सेवाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले झंडों को अपनी वेशभूषा पर धारण कर गर्व की भावना प्रदर्शित कर सकते हैं.
क्यों मनाया जाता सशस्त्र सेना झंडा दिवस
'सशस्त्र सेना झंडा दिवस' देश की सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने के दिन के रूप में मनाया जाता है. ये उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन है जो देश की तरफ आंख उठाकर देखने वालों की ओर से लोहा लेते हुए शहीद हो गए. साथ ही सेना में रहकर ना केवल सीमाओं की रक्षा की बल्कि आतंकवादियों और उग्रवादियों से मुकाबला कर शांति स्थापित कर अपनी जान देश के लिए न्यौछावर कर दी. झंडा दिवस 7 दिसंबर, 1949 से भारतीय सेना द्वारा हर साल मनाया जाता है.