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ईरान जंग में US ने खोए 16 विमान, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर झूठे दावे करने वाले ट्रंप अब क्या कहेंगे?

ईरान जंग में अमेरिका ने 16 विमान खो दिए – 12 MQ-9 Reaper ड्रोन (ईरान की मिसाइलों से), 3 F-15 फाइटर और 1 KC-135 टैंकर. ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में F-16 फाइटर जेट गिराने को झूठा कहा था. अब ईरान में करीब 4000 करोड़ के विमान खो चुके हैं. अब सवाल है कि ट्रंप आगे क्या करेंगे – हमले बढ़ाएंगे या पीछे हटेंगे?

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ये है अमेरिकी वायुसेना एफ-15 स्ट्राइक ईगर फाइटर जेट. (File Photo: Getty)
ये है अमेरिकी वायुसेना एफ-15 स्ट्राइक ईगर फाइटर जेट. (File Photo: Getty)

अमेरिका और ईरान के बीच 2026 की जंग में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान हुआ है. अब तक अमेरिका ने कम से कम 16 मिलिट्री एयरक्राफ्ट खो दिए हैं. इसमें 12 ड्रोन और 4 विमान शामिल हैं. एक F35 फाइटर जेट भी क्षतिग्रस्त हुआ है. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में जब भारत ने एफ-16 विमान को मार गिराया था, तो अमेरिका सरकार ने मना कर दिया था. लेकिन अब तो डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा नुकसान झेला है. अब वो क्या कहेंगे? 

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कौन-कौन से विमान खोए और कैसे?

सबसे ज्यादा नुकसान ड्रोन का हुआ. अमेरिका के सभी 12 खोए हुए ड्रोन MQ-9 Reaper आर्म्ड ड्रोन थे. ये ड्रोन ईरान और दूसरे दुश्मनों के खिलाफ वेस्ट एशिया में बार-बार इस्तेमाल किए जाते हैं. रीपर ड्रोन में हेलफायर मिसाइलें लगी होती हैं, ये 27 घंटे तक लगातार उड़ सकता है. दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकता है.

ईरान की एयर डिफेंस और मिसाइलों ने इन 12 ड्रोन को नीचे गिरा दिया. हर रीपर ड्रोन की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये है. ये ड्रोन ईरान के मिसाइल साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कैंप पर हमले के लिए भेजे गए थे.

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 US Aircraft Losses in Iran war

तीन F-15 फाइटर जेट्स कुवैत की एयर फोर्स ने गलती से फ्रेंडली फायर में गिरा दिए. ये तीनों जेट्स ईरान पर मिशन पर थे. कुवैत ने उन्हें दुश्मन समझकर मिसाइल दाग दी. F-15 अमेरिका का पुराना लेकिन बहुत ताकतवर फाइटर जेट है. इसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें और बम ले जा सकते हैं. तीनों पायलट्स की मौत हो गई.

चौथा विमान KC-135 Stratotanker था. ये एयर रिफ्यूलिंग टैंकर है जो हवा में दूसरे विमानों को ईंधन भरता है. इराक के ऊपर रिफ्यूलिंग के दौरान ये दुर्घटना में गिर गया. इसमें 6 क्रू मेंबर्स थे – सभी की मौत हो गई. KC-135 बहुत जरूरी है क्योंकि बिना इसके F-15, F-35 जैसे जेट्स लंबे मिशन नहीं कर पाते.

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ट्रंप का किया वादा पूरा होता नहीं दिख रहा

ट्रंप ने कहा था कि ये जंग सिंदूर की तरह जल्दी और साफ-सुथरी होगी – ईरान कुछ दिनों में घुटनों पर आ जाएगा, अमेरिका का कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने वादा किया था कि अमेरिकी एयर पावर इतनी मजबूत है कि ईरान कुछ नहीं कर पाएगा.

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 US Aircraft Losses in Iran war

लेकिन अब 16 विमान खोने (12 Reaper ड्रोन + 3 F-15 + 1 KC-135) और 6 क्रू की मौत के बाद ये वादे पूरी तरह झूठे साबित हो गए. ईरान को ट्रंप ने क्विक विन बताया था, लेकिन हकीकत में ये अब लंबी और महंगी जंग बन गई है. रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप ने गलत प्लानिंग की.

ट्रंप अब क्या करेंगे?

अमेरिका में दो राय हैं. कुछ कहते हैं कि ट्रंप अब और ज्यादा हमले करेंगे – F-35, B-2 बॉम्बर जैसे नए और मजबूत विमान भेजेंगे. लेकिन दूसरे एक्सपर्ट कहते हैं कि इतना बड़ा नुकसान देखकर ट्रंप पीछे हट सकते हैं. यूएन के जरिए बातचीत शुरू करेंगे. अभी तक ट्रंप ने कोई नया बयान नहीं दिया, लेकिन व्हाइट हाउस कह रहा है कि ऑपरेशन जारी रहेगा. ट्रंप और हमले बढ़ाते हैं तो ईरान भी और जवाब दे सकता है. 

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कुल नुकसान और आगे का खतरा

16 विमान खोने से अमेरिका को करीब 500 मिलियन डॉलर (4000 करोड़ रुपये) का सीधा नुकसान हुआ. ड्रोन तो आसानी से नए बनाए जा सकते हैं, लेकिन F-15 और KC-135 जैसे विमान और उनके पायलट्स को ट्रेनिंग में सालों लगते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर जंग लंबी चली तो अमेरिका को और ज्यादा विमान और सैनिक खोने पड़ सकते हैं. अब देखना है कि ट्रंप क्या फैसला लेते हैं – जंग तेज करेंगे या शांति की राह चुनेंगे. 

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