अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो चुका है और जंग फिर से शुरू हो चुका है. अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों पर अटैक के कारण ईरान पर हमला किया गया, जिसके जवाबी कार्रवाई में ईरान ने मिडिल ईस्ट में कई अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया. दोनों तरफ से हुए ये हमले अब एक नया रूप ले रही है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी फोर्स ने कहा है कि उसने पिछले 48 घंटों में ईरान के 170 जगहों पर अटैक किया है. अमेरिका की ओर से इस नए अपडेट से दुनिया में तनाव और बढ़ गया है. आशंका जताई जा रही है कि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है.
कतर, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश भी फिर से तनाव बढ़ने से डरे हुए हैं, क्योंकि पिछली बार ईरान ने इनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया था. इसके अलावा, ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बलॉक कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो फिर से तेल की कीमतें ऊपर की ओर जा सकती हैं और शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है.
आज एशियाई बाजारों क्या हाल रहा?
एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला असर दिखाई दिया. भारतीय बाजार में निफ्टी 80 अंक चढ़कर और सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद हुआ. निफ्टी 24000 के नीचे क्लोज हुआ है, जिसका मतलब है कि एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल टूट चुका है. ऐसे में एक डर बना हुआ है. वहीं जापानी शेयर बाजार में भी आज तेजी देखने को मिली है, जो 1.38 फीसदी चढ़कर बंद हुआ. इसके अलावा, चीन और हांगकांग के स्टॉक मार्केट में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.
यह मिला-जुला असर तब दिखाई दिया है, जब बुधवार को भारत समेत पूरे एशियाई बाजार में भारी तबाही आई थी. सिर्फ भारतीय बाजार से निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा साफ हो गए थे. हालांकि, आज थोड़ी खरीदारी के कारण 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई है. लेकिन आखिरी घंटे में तेजी से बढ़त कम होने के कारण शुक्रवार को मुनाफावसूली का डर बना हुआ है. गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट का संकेत दे रहा है.
अमेरिकी शेयर बाजार का हाल
बुधवार की रात अमेरिकी बाजार में भी भारी तबाही हुई थी. डाऊ जोन्स 1 फीसदी से ज्यादा गिरा था और Dow Future आज भी फ्लैट शुरूआत का संकेत दे रहा है. यानी कि यह डर बना हुआ है कि अगर अमेरिका, ईरान को लेकर कोई भी तनाव की जानकारी देता है तो अमेरिकी बाजार में आज भी एक बड़ी गिरावट दिख सकती है, क्योंकि महंगाई बढ़ने और तेल की कीमतों के ऊपर जाने का खतरा एक बार फिर बढ़ जाएगा.
अभी कच्चे तेल की कीमत
जंग के बीच, कच्चे तेल के दाम तेजी से ऊपर आए हैं. Brent Crude Oil तेजी से चढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. इंटरनेशनल कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को भी 1 फीसदी की तेजी देखी जा रही है और यह 78.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इसके अलावा, WTI क्रूड ऑयल 0.60 फीसदी चढ़कर 73.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. मार्केट जानकारों का कहना है कि तेल के दाम में ऐसी तेजी, यह संकेत दे रहा है कि अभी शेयर बाजार में गिरावट की आशंका बनी हुई है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)