इजराइल (Israel) पश्चिम एशिया में एक देश है . इसकी सीमा उत्तर में लेबनान से, उत्तर पूर्व में सीरिया से, पूर्व में जॉर्डन से, दक्षिण में लाल सागर से, दक्षिण पश्चिम में मिस्र से, पश्चिम में भूमध्य सागर से, पूर्व में वेस्ट बैंक और दक्षिण पश्चिम में गाजा पट्टी और फिलिस्तीनी क्षेत्रों से लगती है. तेल अवीव देश का आर्थिक और तकनीकी केंद्र है, जबकि इसकी सरकार की सीट यरूशलेम की घोषित राजधानी में है, हालांकि पूर्वी यरूशलेम पर इजरायल की संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है.
अपनी स्वतंत्रता के बाद, इजराइल लगभग तुरंत ही अपने पांच पड़ोसी अरब राज्यों के साथ संघर्ष में उलझ गया, जिनकी सेनाएं फिलिस्तीन के क्षेत्र में प्रवेश करने लगीं. इजराइल और फिलिस्तीन के बीच हमेशा से विवाद रहा है (Israel Palestine Conflict).
इजराइल दक्षिणी लेवंत में स्थित है, एक क्षेत्र जिसे ऐतिहासिक रूप से कनान, इजराइल की भूमि और पवित्र भूमि के रूप में जाना जाता है. पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व की शुरुआत में, नव-असीरियन और नव-बेबीलोनियन साम्राज्यों के पतन से पहले, इजराइल और यहूदी के इजराइली साम्राज्य उभरे थे.
इजराइल की एकमात्र आधिकारिक भाषा हिब्रू है. 2018 तक, अरबी भी इजराइल राज्य की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक थी. इजराइल में पवित्र भूमि का एक बड़ा हिस्सा शामिल है, जो यहूदी धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम, सामरीवाद, ड्रुज और बहाई सहित सभी इब्राहीम धर्मों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है.
अमेरिका के बाद अब इजरायल ने भी संयुक्त राष्ट्र व्यवस्था पर बड़ा प्रहार किया है. सात यूएन एजेंसियों से तत्काल नाता तोड़ते हुए इजरायल ने उन पर पक्षपात, इजरायल-विरोधी एजेंडा और अप्रभावी नौकरशाही के आरोप लगाए हैं. यह कदम वैश्विक मंच पर बढ़ते टकराव को साफ दिखा रहा है.
ईरान में महंगाई और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी 'Gen-Z' आंदोलन ने अमेरिका और ईरान को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. 500 से अधिक मौतों के बाद ट्रंप ने ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान इसे विदेशी साजिश बता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को पकड़ने के दौरान एक रहस्यमयी 'सोनिक वेपन' का इस्तेमाल किया, जिससे सैनिकों की नाक से खून बहा, खून की उल्टी हुई. वे जमीन पर गिर गए और हिल भी नहीं पाए. वेनेजुएला के एक सैनिक के दावे के अनुसार, यह तीव्र ध्वनि तरंग ने रडार अक्षम कर दिया.
Pakistan Nuclear Doctrine पर बड़ा खुलासा. Senior journalist Najam Sethi बोले– पाक का परमाणु बम US या Israel नहीं, सिर्फ India के खिलाफ. No First Use policy से पीछे क्यों हट रहा पाकिस्तान, जानिए पूरी बात.
गाजा में इजरायल और हमास के बीच 10 अक्टूबर को सीजफायर हुआ था. ट्रंप की मध्यस्थता में पीस प्लान बना था. अभी तक इसका पहला चरण ही चल रहा है.
ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा. वहीं, सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
इजरायल के तेल अवीव शहर में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नेतन्याहू से इस्तीफे की मांग की गई. सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि नेतन्याहू इजरायल को विनाश की ओर ले जा रहे. देखें दुनिया आजतक.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अर्जेंटीना के लॉस ग्लेशियर्स नेशनल पार्क में आग लगाने के आरोप में एक इजरायली पर्यटक को हिरासत में लिया गया है. दावा है कि अर्जेंटीना अथॉरिटी ने मामले की जांच शुरू की है. इससे पहले चिली में भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है.
ईरानी विदेश मंत्री ने हाल ही में हुई हिंसा के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि ईरान के अंदर उत्पन्न हिंसा के पीछे बाहरी ताकतें भी हैं. खासतौर पर नजरबंद युवराज रेजा पहलवी का नाम सामने आता है. वे इंटरनेट के माध्यम से वीडियो साझा करते हैं, जिनके कारण तेहरान में उनके समर्थक सड़क पर प्रदर्शन करते हैं. इस तरह का माहौल वहां की स्थिति को और जटिल बना रहा है.
गाजा युद्ध और 7 अक्टूबर 2023 के हमले को लेकर इजराइल के भीतर गुस्सा खुलकर सड़कों पर दिखने लगा है. राजधानी तेल अवीव में हजारों लोग प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए.
ईरान में 12 दिनों से जारी प्रदर्शन रजा पहलवी के आह्वान पर जोर पकड़ रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए, कई मस्जिदों और इमारतों को आग लगाई गई. सरकार ने इंटरनेट बंद कर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की, लेकिन जनता का गुस्सा कम नहीं हुआ है.
ईरान में जारी प्रदर्शनों में ईरान के खामेनेई शासन को हटाने की मांग की जा रही है. इन प्रदर्शनों में लोगों के मारे जाने के लेकर ट्रंप लगातार ईरानी शासन को धमकी दे रहे हैं. अब इजरायल ने भी संकेत दिए हैं कि अगर अमेरिका हस्तक्षेप करता है तो इजरायल साथ देगा.
वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद से डोनाल्ड ट्रंप के पुराने सभी बयानों को खोद-खोदकर निकाला जा रहा है. अब यह मानना पड़ेगा कि 2025 में उन्होंने जो कहा वह सिर्फ सनक नहीं थी. बल्कि, दुनिया को अपने ढंग से हांकने का उनका इरादा किसी भी हद तक जा सकता है.
MEA द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और इजरायल के नागरिकों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की. पीएम मोदी ने भी बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी.
मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक पहल सामने आई है. कई महीनों के अंतराल के बाद इजरायल और सीरिया के बीच बातचीत एक बार फिर शुरू हो गई है, जिसमें अमेरिका की सक्रिय भूमिका रही है.
3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष सेना ने ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को काराकस के फोर्ट तिउना से पकड़ लिया. 150 से अधिक विमानों की मदद से हवाई हमलों के बाद डेल्टा फोर्स ने छापा मारा. मादुरो को नार्को-टेररिज्म के आरोप में न्यूयॉर्क ले जाया गया.
ईरान की कमजोर होती अर्थव्यवस्था और रियाल की गिरावट के कारण देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जो ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं. इन प्रदर्शनों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा हुई जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हुई. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सरकार की जिम्मेदारी स्वीकार की है और सुधार की बात कही है.
भारत की DAC ने इजरायल से करीब 1000 स्पाइस-1000 प्रिसिजन गाइडेंस किट्स की खरीद को मंजूरी दी. यह 100-125 किमी रेंज वाला स्टैंड-ऑफ ग्लाइड बम एंटी-जैमिंग और 3 मीटर सटीकता वाला है. इस बम से IAF की दुश्मन के इलाके में गहरे तक स्ट्राइक करने की क्षमता बढ़ेगी.
इजरायली राजनयिक यानिव रेवाच ने बताया कि उनके लिए RSS मुख्यालय का दौरा बेहद महत्वपूर्ण था. एक दिन पहले उन्होंने रेशमबाग स्थित स्मृति मंदिर परिसर का दौरा किया था, जहां RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की स्मृति स्थल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाया तो अमेरिका उसे पूरी तरह तबाह कर देगा. अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी पलटवार करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो उसे पछतावा होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2026 में इजरायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान इजरायल प्राइज दिया जाएगा. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ट्रंप के इजरायल समर्थन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. दशकों पुरानी परंपरा तोड़कर पहली बार किसी गैर-नागरिक को यह सम्मान दिया जा रहा है.