scorecardresearch
 

बारिश के मौसम में खाने-पीने में न करें ये गलतियां, AIIMS की डाइटिशियन ने बताए फूड सेफ्टी के जरूरी नियम

मानसून के मौसम में बढ़ती नमी के कारण बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं, जिससे खाने से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है AIIMS दिल्ली की डायटिशियन मोनिता गहलोत ने बताया कि इस मौसम में कैसा भोजन करना चाहिए.

Advertisement
X
मानसून में खानपान का रखें ध्यान  ( Photo-ITG)
मानसून में खानपान का रखें ध्यान ( Photo-ITG)

देश के कई इलाकों में बारिश पड़ रही है. दिल्ली- एनसीआर में भी मानसून की दस्तक हो गई है. बारिश का यह मौसम गर्मी से तो राहत देता है, लेकिन इस मौसम में नमी बढ़ने से कई तरह के बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं. इससे खाने से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है  इस मौसम में खाना बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें. खाना कैसे स्टोर रखें और क्या गलतियां न करें कि बीमारियां से बचे रहें. यह सब आपके लिए जानना जरूरी है. 

आजतक. इन ने इस बारे में  AIIMS दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड ह्यूमन न्यूट्रिशन की डायटिशियन मोनिता गहलोत  से बातचीत की है. डायटिशियन मोनिता कहती हैं कि इस मौसम संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में खाने- पीने में कुछ गलतियां सेहत बिगड़ सकती है. इसलिए कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इस मौसम में हमेशा ताजा और गर्म भोजन ही करें. लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा या बासी भोजन खाने से बचे. विशेष रूप से जल्दी खराब होने वाले खाने की चीजों को ज्यादा समय तक बाहर न रखें. 
 
स्ट्रीट फूड खाते समय सावधानी बरतें 
 
मानसून के दौरान स्ट्रीट फूड खाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है. यह जरूर देखें कि जहां आप भोजन कर रहे हैं वहां इसको बनाने में किस गुणवत्ता के पानी, कच्ची सामग्री और साफ- सफाई का ध्यान रखा गया है या नहीं. इसके अलावा, कई स्ट्रीट फूड वाले  रेडी-टू-ईट चीजें लंबे समय तक खुले में या कमरे के तापमान पर रखे रहते हैं,  ऐसे चीजों में बढ़ी हुई नमी, अनुकूल तापमान और लंबे समय तक खुले में रहने के कारण बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है. इसलिए जिस जगह खाने की क्वालिटी अच्छी न हो और इसको बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए तो ऐसी जगह भोजन न करें. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: यह भी पढ़ें: दिल्ली हेल्थ सिस्टम में CPA घोटाले की जांच तेज, पहली गिरफ्तारी के बाद कई अधिकारी रडार पर
 
 दूध और डेयरी प्रोडक्ट का ध्यान रखें 

डायटिशियन मोनिता कहती हैं कि हमेशा Pasteurized दूध और साफ तरीके से तैयार दुध के प्रोडक्ट का ही यूज करें. कच्चे दूध की पीने से बचें.  दूध, पनीर, दही  को हमेशा रेफ्रिजरेटर में रखें. इनका सेवन तय समय के हिसाब से ही कर लें और ज्यादा दिन फ्रिज में न रखें. इस बात का भी ध्यान रखें कि मांस, चिकन, मछली, सीफूड और अंडों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. अधपका या कच्चा मांसाहारी भोजन संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है. 
 
हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह पकाएं 
 
हरी पत्तेदार सब्जियां पोषण का अच्छा सोर्स होती हैं, इसलिए इन्हें छोड़ने की जरूरत नहीं है. खराब, मुरझाई, सड़ी हुई या कीड़ों से प्रभावित पत्तियों को अलग कर दें. बाकी पत्तियों को बहते पानी से अच्छी तरह धोकर और अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें. इस मौसम में ध्यान रखें कि उबला हुआ, फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं. बाढ़ या जलभराव वाले इलाकों में पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि ऐसे समय में जल स्रोत दूषित होने का खतरा अधिक रहता है.

यह भी पढ़ें: 11 दिन की लिक्विड डाइट और... अनुराग कश्यप ने हार्ट अटैक के बाद ऐसे कम किया 27 किलो वजन, चौंका देगी वेट लॉस जर्नी
 
फल और सब्जियों की सही सफाई करें
 
फल, सब्जियों और अन्य खाने की दूसरी चीजों को  पानी से अच्छी तरह धोएं. अगर उन्हें रेफ्रिजरेटर में रखना हो, तो ज्यादा नमी हटाकर रखें. जो फल और सलाद कच्चे खाए जाते हैं, उन्हें पहले से काटकर न रखें. इनको जरूरत के समय ही काटें और तुरंत खा लें. इस बात का ध्यान भी रखें कि  कच्चे और पके भोजन के लिए अलग चाकू और कटिंग बोर्ड का उपयोग करें. कच्चे मांस, मछली और अंडों को हमेशा तैयार-खाने वाले (Ready-to-eat) खाने की चीजों से अलग रखें, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचा जा सके. 
 
बचे हुए खाने को सही स्टोर करें  
 
बचा हुआ खाना लंबे समय तक बाहर न रखें. उसे जल्द से जल्द साफ एवं ढके हुए बर्तन में रेफ्रिजरेटर में रख दें. केवल दोबारा गर्म करने से खाना हमेशा सुरक्षित नहीं हो जाता, क्योंकि कुछ बैक्टीरिया के टॉक्सिन गर्म करने से खत्म नहीं होते. इसलिए बचे हुए भोजन का समय पर रेफ्रिजरेशन सबसे महत्वपूर्ण है. इस मौसम में रसोई को साफ रखा भी जरूरी है. रसोई की सतह, सिंक, बर्तन, चाकू, कटिंग बोर्ड और रेफ्रिजरेटर की नियमित सफाई करें.  रेफ्रिजरेटर में जरूरत से अधिक सामान न भरें. 
 
खाना बनाने से पहले हाथ साबुन से जरूर धोएं
 
खाना बनाने और खाने से पहले और शौचालय के यूज के बाद साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं. अगर कोई खाने की चीज दिखने में खराब लग रही है या उसमें से बदबू आ रही है तो उसको न खाएं. हमेशा साफ पानी पीएं और हो सके तो पानी को उबालकर पीना बेहतर है. कच्चे और पके भोजन के लिए अलग चाकू और कटिंग बोर्ड का उपयोग करें. कच्चे मांस, मछली और अंडों को हमेशा रेडी- टू- ईट फूड से अलग रखें, ताकि क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचा जा सके.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement