अमेरिका-ईरान के बीच फिर तनाव बढ़ गया है. (Photo- ITG) US-Israel-Iran War Live Updates: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. हॉर्मुज स्ट्रेट में तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि इन हमलों का मकसद हॉर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि ये कार्रवाई जहाजों पर हुए हमलों का "बदला" है.
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी हमलों को आक्रामक कार्रवाई बताते हुए कड़े जवाब की चेतावनी दी है. बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजाए गए हैं, जबकि हॉर्मुज स्ट्रेट से लगे बंदर अब्बास, बुशेहर, चाबहार, जास्क और अबू मूसा द्वीप समेत कई शहरों में धमाकों की खबरें हैं.
इसी बीच ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा है. पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए इस लाइव ब्लॉग के साथ बने रहें.
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "हमला करोगे तो जवाब मिलेगा." गालिबाफ ने कहा कि धमकी देना और वादे तोड़ना अब बिना कीमत चुकाए संभव नहीं है. उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जहाजों की आवाजाही सिर्फ "ईरान की व्यवस्था के तहत होगी, अमेरिका की धमकियों से नहीं." उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, "बेकार की कोशिश मत करो, नहीं तो और गहरे फंस जाओगे."
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि इस समय मिडिल ईस्ट के अलग-अलग समुद्री इलाकों में अमेरिकी नौसेना के 20 से ज्यादा युद्धपोत गश्त कर रहे हैं. CENTCOM के मुताबिक, इनका मकसद क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है. उसने यह भी बताया कि पिछले महीने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों ने अरब सागर में एक साथ ऑपरेशन किया था. CENTCOM ने कहा कि यह अभ्यास अमेरिका की सैन्य ताकत और जबरदस्त मारक क्षमता का प्रदर्शन था.
अमेरिका की तरफ से ईरान पर नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है. रॉयटर्स के मुताबिक, बाजार को अब नहीं लग रहा कि अमेरिका-ईरान तनाव जल्द खत्म होगा या होर्मुज स्ट्रेट जल्दी खुल पाएगा. ब्रेंट क्रूड की कीमत 78 सेंट यानी करीब 1 फीसदी बढ़कर 78.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 74 सेंट यानी 1.01 फीसदी चढ़कर 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर समझौते की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ समझौता भरोसे नहीं बल्कि "वादा निभाने के बदले वादा निभाने" के सिद्धांत पर आधारित था.
बकाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े समझौते का उल्लंघन किया और ईरान पर हमले कर समझौते की पूरी व्यवस्था को तोड़ा. उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "अपराधी और हत्यारा" बताते हुए कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा.
अमेरिका की तरफ से ईरान पर हुए हमलों के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है. कतर में लोगों से घरों में रहने, कांच की खिड़कियों से दूर रहने और अगली जानकारी तक बाहर नहीं निकलने की अपील की गई थी.
हालांकि, कुछ देर बाद नया अलर्ट जारी कर कहा गया कि खतरा टल गया है और लोग सामान्य जीवन शुरू कर सकते हैं. वहीं कुवैत ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ ड्रोन और मिसाइलों को रोक दिया. बहरीन ने भी लोगों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया. खाड़ी देशों को आशंका है कि अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जबकि इन देशों का कहना है कि वे इस जंग का हिस्सा नहीं हैं.
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि अमेरिका की क्रूज मिसाइल ने उत्तरी गोलिस्तान प्रांत के अककला में आक टेका खान ब्रिज के इलाके को निशाना बनाया. फारस न्यूज एजेंसी के मुताबिक, IRGC की गोलिस्तान यूनिट ने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. साथ ही IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले का "करारा जवाब दिया जाएगा."
कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ ने कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम इस समय "दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन हमलों" को इंटरसेप्ट कर रहे हैं. सेना के मुताबिक, देश में सुनाई दे रहे धमाकों की आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई का नतीजा हैं. वहीं सरकारी समाचार एजेंसी KUNA ने बताया कि पूरे देश में अलार्म बज रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कतर ने सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. कतर के गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश में "सुरक्षा खतरा ज्यादा है". मंत्रालय ने सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों या सुरक्षित जगहों पर रहें और बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें. यह अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं.
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता ने देश के लोगों को अमेरिका से डरना नहीं सिखाया है. अमेरिकी हमलों के बीच रेजाई ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "Wait for the hard slap from Iranians" यानी "ईरानियों की तरफ से एक करारा जवाब/थप्पड़ का इंतजार करो." उनका यह बयान साफ संकेत देता है कि ईरान अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने की तैयारी में है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज या अमेरिकी हितों को निशाना बनाता है तो अमेरिका उसका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि आगे भी यही नीति लागू रहेगी. वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि व्हाइट हाउस के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना है. वेंस का दावा है कि ईरान ने समझौते की शर्तों का सिर्फ एक हफ्ते तक पालन किया और फिर दोबारा हमला शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने नाकेबंदी हटाने के बदले ईरान से गोलीबारी रोकने को कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसलिए सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी.