कुवैत (Kuwait) आधिकारिक तौर पर कुवैत राज्य, पश्चिमी एशिया का एक देश है. यह फारस की खाड़ी के सिरे पर पूर्वी अरब के उत्तरी किनारे पर स्थित है, उत्तर में इराक की सीमा और दक्षिण में सऊदी अरब है. कुवैत ईरान के साथ समुद्री सीमा भी साझा करता है. कुवैत की तटीय लंबाई लगभग 500 किमी है (Kuwait Geographical Location).
2022 तक, कुवैत की आबादी 4.45 मिलियन है, जिनमें से 1.45 मिलियन कुवैती नागरिक हैं जबकि शेष 3.00 मिलियन 100 से अधिक देशों के विदेशी नागरिक रहते हैं (Kuwait Population).
ऐतिहासिक रूप से, वर्तमान समय का अधिकांश कुवैत प्राचीन मेसोपोटामिया (Mesopotamia) का हिस्सा था. प्री-ऑयल कुवैत मेसोपोटामिया, फारस और भारत (India) के बीच एक रणनीतिक व्यापार बंदरगाह था. 1938 में वाणिज्यिक मात्रा में तेल भंडार की खोज की गई (Oil Reserves Mesopotamia). 1946 में पहली बार कच्चे तेल (Crude Oil) का निर्यात किया गया था. 1946 से 1982 तक, देश में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण हुआ, जो मुख्य रूप से तेल उत्पादन से होने वाली आय पर आधारित था. संयुक्त राज्य अमेरिका और विभिन्न अन्य देशों के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन द्वारा सैन्य हस्तक्षेप के बाद 26 फरवरी, 1991 को कुवैत से इराक पर कब्ज़ा समाप्त हो गया (Kuwait History).
पेट्रोल पंपों पर तेल की सप्लाई और पीएनजी कनेक्शन की रफ्तार तेज करने के साथ सरकार ने गैस बिल के नाम पर हो रही साइबर ठगी से बचने का अलर्ट जारी किया है. साथ ही, विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए कल कुवैत से कोच्चि के लिए पहली स्पेशल फ्लाइट उड़ान भरेगी.
कुवैत में कई नेताओं के कत्ल की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अब उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. पकड़े गए आरोपियों का संबंध हिज़्बुल्लाह से बताया जा रहा है. इस केस में 14 अन्य संदिग्ध फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. पढ़ें पूरी कहानी.
जंग के 26वें दिन कुवैत पर ईरान ने 20 बैलेस्टिक मिसाइल दागीं. कुवैत का दावा है कि 13 मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया, जबकि 7 खुले क्षेत्र में गिरे. इन हमलों के विरोध में कुवैत ने ईरान के राजदूत को समन किया और कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सरासर उल्लंघन कर रहा है.
ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तेल के एक टैंक को निशाना बनाया. ड्रोन हमले से तेल टैंक में आग लगी, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. आग बुझाने वाली टीमें फौरन मौके पर पहुंचीं. एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक एक साथ कई ड्रोन ने एयरपोर्ट पर हमला किया था.
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध आज 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है. पिछले 24 दिनों में ईरान में भारी तबाही देखने को मिली है. इस बीच ईरान ने एक बार फिर कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल दागे हैं. अटैक के बाद धुएं का गुबार उठता देखा गया.
मध्य-पूर्व में जारी जंग का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है. तेल कीमतें 70 से बढ़कर 110 डॉलर पार पहुंचीं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगे हुए और महंगाई का दबाव बढ़ा. ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट ने सप्लाई प्रभावित की. इसका असर ट्रांसपोर्ट, रुपया, सरकारी खर्च और आम लोगों की बचत पर पड़ रहा है.
इजरायल ने बुधवार रात ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया. बदले में ईरान ने खाड़ी के कई ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं. इन हमलों से सऊदी, यूएई, कतर और कुवैत के गैस ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है.
ईरान जंग में अमेरिका ने 16 विमान खो दिए – 12 MQ-9 Reaper ड्रोन (ईरान की मिसाइलों से), 3 F-15 फाइटर और 1 KC-135 टैंकर. ट्रंप ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में F-16 फाइटर जेट गिराने को झूठा कहा था. अब ईरान में करीब 4000 करोड़ के विमान खो चुके हैं. अब सवाल है कि ट्रंप आगे क्या करेंगे – हमले बढ़ाएंगे या पीछे हटेंगे?
कुैवत से इस वक्त की बड़ी खबर.. कुवैत की दो रिफाइनरी पर ईरान ने किया हमला.. कुवैत की मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी और मीना अल अहमदी पर ड्रोन से किया हमला.. अटैक के बाद रिफाइनरी में लगी आग... ड्रोन से हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई है.
ईरान ने गल्फ देशों के तेल और गैस रिफाइनरी पर भयानक हमला किया है. बदले की आग में दहक रहे ईरान ने कुवैत की दूसरी तेल रिफाइनरी पर अटैक किया है. ईरान ने कुवैत की मीना अब्दुल्लाह रिफाइनरी पर हमला किया है.
पश्चिम एशिया की लड़ाई तेल के मैदान पर आ गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वर्चस्व की जंग में तेल और गैस का भंडार तबाह हो जाएगा. इधर लारीजानी की मौत के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर की धमकी आई है. ऐसे में क्या अब ये जंग और भीषण होती जा रही है. देखें 9 बज गए.
ईरान-इज़रायल युद्ध अब ऑयल वॉर बन गया है. ऊर्जा ठिकानों पर हमले, होर्मुज़ स्ट्रेट बाधित, तेल क़ीमतों में उछाल से ग्लोबल सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है.
ईरान-इजरायल युद्ध के तीसरे हफ्ते में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान हुआ है. करीब 200 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, 13 की मौत हुई और एक दर्जन MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हो गए.
मिडिल ईस्ट जंग के 14वें दिन ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका-इज़रायल को चेतावनी दी. खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल-ड्रोन हमले जारी हैं, जबकि तेल कीमतें और विस्थापन बढ़ते जा रहे हैं.
ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार अल-उदैरि हेलीकॉप्टर बेस समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया. हमले के बाद कुछ इलाकों में आग लगने की खबरें आईं.यह हमला क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच हुआ है, लेकिन अभी तक अमेरिका की ओर से नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच खाड़ी देशों के लिए पानी का संकट बड़ा खतरा बनकर उभर सकता है. कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे देश पीने के पानी के लिए बड़े पैमाने पर डीसैलिनेशन प्लांट पर निर्भर हैं. अगर इन प्लांट्स पर मिसाइल या ड्रोन हमले हुए तो खाड़ी के कई बड़े शहरों में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है.
कुवैत में ईरान ने एक बहुमंजिला इलाके में ड्रोन अटैक किया है. हमले के बाद इमारत में भीषण आग लग गई जिसके बाद कुवैत में चारों ओर सायरन की आवाज गूंजने लगी. कुवैत की मिलिट्री ने कहा कि ऐसे हमलों का जवाब दिया जा रहा है.
Kuwait Rise Global Tenion: मिडिल ईस्ट में जंग ने दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है और अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान से युद्ध ने ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के हालात पैदा कर दिए हैं. इसका असर पाकिस्तान समेत दुनियाभर के तमाम देशों पर दिखता नजर आ रहा है.
ईरानी हमलों के बीच कुवैत के गृह मंत्रालय के दो अधिकारी शहीद हो गए. दोनों अधिकारी भूमि सीमा सुरक्षा सामान्य विभाग में तैनात थे. कुवैत के गृह मंत्रालय ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सुरक्षा बलों को मातृभूमि की रक्षा के लिए पूरी बहादुरी के साथ डटे रहने का भरोसा दिया.
मध्य-पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों पर ईरान का पलटवार जारी है. सायरन से कुवैत सिटी का इलाका गूंज उठा. ईरान से मिसाइलों की बारिश के बाद सायरन बज उठे. कुवैत की सुरक्षा प्रणाली ने हमलों को नाकाम किया। देखें दुनिया आजतक.
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इज़रायल-ईरान संघर्ष का असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा है. मिसाइल हमलों, तेल रिफाइनरी और टैंकरों पर हमलों से पूरे इकोसिस्टम के चरमराने का ख़तरा बढ़ गया है.