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'दुनिया के नक्शे में बने रहना चाहता है या इतिहास में दफन...', पाकिस्तान को आर्मी चीफ की वॉर्निंग

थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता रहा तो उसे फैसला करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास बनना चाहता है.

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भारतीय थलसेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी साफ-साफ पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि फिर वो गलती न करे, जिससे ऑपरेशन सिंदूर शुरू करना पड़े. (File Photo: PTI)
भारतीय थलसेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी साफ-साफ पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि फिर वो गलती न करे, जिससे ऑपरेशन सिंदूर शुरू करना पड़े. (File Photo: PTI)

भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बहुत सख्त और स्पष्ट चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता रहा और भारत के खिलाफ काम करता रहा, तो उसे फैसला करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का. यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहा है. शनिवार को मनकशॉ सेंटर में सेना संवाद कार्यक्रम में आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी नीति बदलनी होगी. 

यह बयान काफी ब्लंट और साफ था. आर्मी चीफ ने यह भी कहा कि अगर पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति फिर बनी तो भारतीय सेना उसी तरह या उससे भी मजबूत जवाब देगी. उनका यह संदेश पाकिस्तान के लिए साफ चेतावनी है कि भारत आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा.

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ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

पिछले साल 7 मई को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए. इन हमलों में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया. 

Army Chief Upendra Dwivedi

पाकिस्तान ने भी भारत पर हमले किए लेकिन भारतीय सेना ने हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष करीब 88 घंटे चला. 10 मई की शाम को दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद संघर्ष रुक गया. ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का मजबूत उदाहरण माना जाता है.

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पाकिस्तान को दोहराई गई चेतावनी

जनरल द्विवेदी का बयान पिछले साल की घटनाओं के एक साल बाद आया है. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान को फैसला करना होगा कि वह शांति और विकास का रास्ता चुनता है या आतंकवाद का समर्थन जारी रखता है. 

भारतीय सेना प्रमुख ने कहा कि भारत हमेशा शांति चाहता है, लेकिन अगर पाकिस्तान आतंकवाद फैलाता रहा तो भारत उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा. यह संदेश न सिर्फ पाकिस्तान के लिए बल्कि पूरे विश्व को भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश है.

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भारतीय थलसेना अब पूरी तरह तैयार है. आर्मी चीफ ने कहा कि अगर ऐसी स्थिति फिर बनी तो सेना पहले से भी बेहतर और तेजी से जवाब देगी. भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी क्षमता और समन्वय का प्रमाण दिया था. थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला था. देश में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है. सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.

Army Chief Upendra Dwivedi

क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के ठीक बाद आया है. इससे पाकिस्तान को साफ संदेश जाता है कि भारत भूल नहीं गया है और न ही कमजोर हुआ है. भारत का रुख अब पहले से ज्यादा सख्त है. आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश को भारत आर्थिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर जवाब देगा. 
 
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का सख्त संदेश साफ है - भारत शांति चाहता है लेकिन आतंकवाद कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान को अब फैसला करना होगा कि वह विकास और शांति का साथ देना चाहता है या फिर इतिहास के अंधेरे पन्नों में शामिल होना चाहता है. भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. देश की सुरक्षा और अखंडता बनाए रखने के लिए सेना सतर्क और मजबूत है.

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