लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Lt Gen Upendra Dwivedi) सेना के जनरल अधिकारी हैं. वे 46वें उप सेना प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. 11 जून 2024 को भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को अगला सेना प्रमुख नियुक्त किया है (New Army Chief of India).
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी जन्म 1 जुलाई 1964 को हुआ था. उनकी शादी सुनीता द्विवेदी से हुई है. सुनीता द्विवेदी भोपाल में विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए आरुषि संस्थान से जुड़ी हुई हैं. उनकी दो बेटियां हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के नए प्रमुख नियुक्त किए गए हैं. वह 30 जून, 2026 को रिटायर हो रहे जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे. चार दशकों के करियर वाले जनरल सेठ आर्मर्ड कॉर्प्स से जुड़े सैन्य अधिकारी हैं.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ड्रोन के इस्तेमाल पर जोर दिया है. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ड्रोन आज की जरूरत है. हर जवान को ड्रोन उड़ाना आना चाहिए. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि एकेडमी में इसकी ट्रेनिंग भी हो रही है. देखें वीडियो.
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सेनाएं ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं. एनडीए पासिंग आउट परेड में उन्होंने 2025 के ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्र की दृढ़ इच्छाशक्ति का बेंचमार्क बताया.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ड्रोन के इस्तेमाल के लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें इसपर जोर दिया देते हुए एक क्रायक्रम में कहा कि- ड्रोन आज की जरूरत है और हर जवान को ड्रोन उड़ाना आना चाहिए. आगे उन्होनें कहा कि आज के जंग में ड्रोन एक जरूरत है.
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में गहरा वार किया और फिर जानबूझकर रुक गया. इसे स्मार्ट पावर की नई नीति बताया. साथ ही पाकिस्तान को आतंकवाद रोकने की चेतावनी दी.
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता रहा तो उसे फैसला करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास बनना चाहता है.
IG Defence ने FPV कामिकाजे ड्रोन्स का रोजाना उत्पादन बढ़ाकर 200 ड्रोन्स प्रतिदिन कर दिया है. ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए इन ड्रोन्स की क्षमता और बढ़ाई जा रही है. यह भारतीय सेना की बढ़ती ड्रोन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
Army day 2027: CM मोहन यादव ने ऐलान किया है कि साल 2027 का राष्ट्रीय 'सेना दिवस' समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा. यह पहली बार होगा जब झीलों की नगरी भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गवाह बनेगी.
भारत का अग्नि मिसाइल सिस्टम स्वदेशी परमाणु डिटरेंस की मजबूत ढाल है. अग्नि-5 की MIRV तकनीक से एक मिसाइल कई लक्ष्यों पर सटीक हमला कर सकती है. रेंज 5000+ किमी और स्पीड 29635 km/hr है. पूरी तरह मोबाइल है. अगर पाकिस्तान या चीन युद्ध शुरू करें, तो यह सेकंड स्ट्राइक से दुश्मन के प्रमुख ठिकानों को तबाह कर सकता है.
रॉकेट फोर्स ऐसे एडवांस्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड हथियारों को मैनेज करता है जो गाइडेड सिस्टम से दुश्मन के बेस, जहाजों या एयरक्राफ्ट जैसे दूर के टारगेट पर सटीक निशाना लगाते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि काफी दूर से ही दुश्मन के एयरबेस, अड्डे या कमांड सेंटर को ध्वस्त किया जा सकता है. रॉकेट फोर्स दुश्मन के खिलाफ एक मजबूत प्रतिरोध का काम करता है.
जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में ड्रोन देखे जाने की घटनाओं के बीच भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कहा कि LoC पर ड्रोन गतिविधि स्वीकार्य नहीं है. राजौरी, सांबा और पुंछ में ड्रोन दिखने के बाद सेना हाई अलर्ट पर है और काउंटर ऑपरेशन जारी हैं.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई कार्रवाई की तो इसे करारा जवाब मिलेगा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में आठ आतंकी ट्रेनिंग कैंप अब भी सक्रिय हैं, जिनपर भारतीय सेना की नजर बनी हुई है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर भारतीय सेना तुरंत कार्रवाई करेगी। यह बयान पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। यह स्थिति देश की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए सेना की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि को भारत स्वीकार नहीं करेगा. विदेश मंत्रालय ने भी पहले ही इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर दिया है. ये बयान भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसानों के बावजूद सख्त चेतावनी दी है. पाकिस्तान के ड्रोन हमलों और सीमा पार आतंकवादी अड्डों पर नियंत्रण की स्थिति पर चर्चा की गई है. इसके साथ ही ईरान में जारी प्रदर्शन और वहां की बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिका की प्रतिक्रिया, और यूक्रेन पर रूस के हमले का भी विस्तार से वर्णन है.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और उन्होंने आठ सक्रिय आतंकी कैंप्स की जानकारी साझा की. उन्होंने ऑपरेशन की सफलता का वर्णन करते हुए कहा कि नौ में से सात ठिकाने नष्ट कर दिए गए हैं. साथ ही ऑपरेशन महादेव के दौरान तीन आतंकियों को भी खत्म किया गया\. देखें बड़ी खबरें.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हजारों स्वार्म ड्रोन्स से हमले का खतरा है. सेना 15-20 शक्तिबान रेजिमेंट्स बना रही है, जिनमें स्वार्म ड्रोन्स, लॉयटरिंग म्यूनिशन्स और लॉन्ग-रेंज UAVs होंगे. ट्रैक (पता लगाना), टारगेट (निशाना) और तबाही (नष्ट करना) की रणनीति से सेना पूरी तरह तैयार है.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. जम्मू-कश्मीर संवेदनशील है लेकिन नियंत्रण में है. ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है. पाकिस्तान की किसी भी गलती का सख्त जवाब दिया जाएगा. 90% गोला-बारूद स्वदेशी हो चुके हैं. ब्रह्मोस, ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन पर फोकस है. मणिपुर स्थिर है. महिलाओं की भर्ती सेना में बढ़ेगी.
IMA के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के बाद, जब 491 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट भारतीय सेना में कमीशन होकर अधिकारी बने, तो माहौल गर्व और उत्साह से भरा हुआ था. खुद थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी इसमें शामिल हुए. उन्होंने युवा ऑफिसर्स के साथ 12 सेकंड में 18 पुश-अप्स लगाए.
भारतीय सेना ने 120 किमी रेंज वाली गाइडेड पिनाका रॉकेट्स खरीदने का 2500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया है. डीआरडीओ द्वारा विकसित ये रॉकेट मौजूदा लॉन्चर से चलेंगे. जल्द डीएसी से मंजूरी की उम्मीद है. यह कदम सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता बढ़ाएगा और स्वदेशी हथियारों को मजबूत करेगा.
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चाणक्य डिफेंस डायलॉग में चेतावनी दी कि दुनिया में लंबे समय से चला आ रहा शांति काल खत्म हो रहा है. 50 से ज्यादा वैश्विक संघर्षों के कारण हालात बेहद अस्थिर हो चुके हैं. उन्होंने आत्मनिर्भरता, इनोवेशन, इकोसिस्टम सुधार और मिलिट्री-सिविल फ्यूजन को सेना के भविष्य के लिए जरूरी बताया.
भारतीय नौसेना में मुंबई में पहला स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर जहाज INS माहे शामिल हो गया. कोचीन शिपयार्ड में बना यह छोटा लेकिन खतरनाक जहाज दुश्मन पनडुब्बियों को सोनार से पकड़ेगा और टॉरपीडो से मार गिराएगा. माहे क्लास के 8 जहाजों में पहला माहे तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा.