भारत के स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में बसा एक छोटा-सा लेकिन बेहद सुंदर और मनमोहक शहर है पहलगाम (Pahalgam). यह स्थान जम्मू और कश्मीर राज्य के अनंतनाग जिले में स्थित है. यह समुद्र तल से लगभग 7,200 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है. यहां की वादियां, बर्फ से ढके पहाड़, कल-कल करती नदियां और हरे-भरे चरागाह मन को सुकून देते हैं.
यहां की लिद्दर नदी पहलगाम की जीवनरेखा है. यह नदी अपने ठंडे और साफ पानी के लिए मशहूर है. यहां लोग रिवर राफ्टिंग का मजा लेते हैं. वहीं बात करें बेताब वैली की तो इस घाटी का नाम फिल्म "बेताब" के नाम पर रखा गया, जिसकी शूटिंग यहां हुई थी. यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी सपने से कम नहीं. वहीं अरु वैली ट्रेकिंग के लिए लोकप्रिय है और यहां से कोलाहोई ग्लेशियर तक भी जाया जा सकता है. यहां स्थित चंदनवारी अमरनाथ यात्रा का प्रारंभिक बिंदु यही है. यहां गर्मियों में भी यहां बर्फ देख सकते हैं.
कश्मीरी दम आलू, रिस्टा, गुश्ताबा, और कहवा जैसी चीजें यहां के खाने में प्रमुख हैं. पहलगाम में कई छोटे-बड़े रेस्टोरेंट और ढाबे हैं जहां आप पारंपरिक कश्मीरी खानपान का स्वाद ले सकते हैं.
पहलगाम सालभर सुंदर रहता है, लेकिनबर्फबारी का आनंद लेने के लिए दिसंबर से मार्च के बीच का समय बेस्ट रहता है.
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल ऑपरेशन सिंदूर, तेजस विवाद और स्क्वॉड्रन कमी की चेतावनी से याद रखा जाएगा. उन्होंने तेज खरीद, स्वदेशी क्षमता और जॉइंटनेस पर जोर दिया. 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे.
पाकिस्तान में रबी सीजन में सिंचाई के लिए 22 प्रतिशत पानी की कमी का अनुमान है. पंजाब और सिंध प्रांत प्रभावित होंगे. पाकिस्तानी संस्था ने कम भंडारण और देरी वाले प्रोजेक्ट्स को जिम्मेदार ठहराया. भारत पर आरोप गलत हैं क्योंकि नदियां अब भी बह रही हैं.
सर्दियों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं है. भारत में कई खूबसूरत जगहें हैं, जो सर्दियों में बर्फ की सफेद चादर से ढक जाती हैं. अगर आप विंटर वेकेशन में स्नोफॉल और शांत पहाड़ियों का अनुभव करना चाहते हैं, तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें.
कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने जन्मदिन पर सोशल मीडिया पोस्ट में पहलगाम आतंकी हमले के बाद अपने दर्द को याद किया. ऐशान्या ने लिखा कि पति के जाने के बाद वह मर जाना चाहती थीं. उन्होंने कहा कि आज भी उस घटना का सदमा उनके साथ है, सवालों के जवाब नहीं मिले, फिर भी अब भगवान को माफ करती हूं.
BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की है. BRICS देशों का साफ कहना है कि चाहे मकसद, जगह या उसे अंजाम देने वाले कोई भी हों लेकिन आतंकवाद स्वीकार नहीं किया जा सकता.
ऑपरेशन सिंदूर में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे. 1 जनवरी 2025 को पदभार संभाला. मई 2025 में पहलगाम हमले के जवाब में सटीक हमलों से आतंकी ठिकाने व पाक ठिकाने नष्ट कर पाकिस्तान को हराया.
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने एक पॉडकास्ट में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान PAK वायुसेना को पहुंचाए गए नुकसान का खुलासा किया. 5 फाइटर्स, एईडब्ल्यूएंडसी, रडार समेत कई टारगेट नष्ट हुए थे. महिला पायलटों की भूमिका पर भी बात की.
पूर्व CDS अनिल चौहान के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर में सरगोधा के आसपास रडार खोजते हुए भारतीय सुसाइड ड्रोन का ईंधन खत्म हुआ था. इसलिए किराना हिल्स से टकराया और धमाका हुआ. यह जानबूझकर किया गया हमला नहीं था.
पाकिस्तानी मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि सिंधु जल संधि निलंबन के बाद भारत पानी को हथियार बना सकता है. उन्होंने दक्षिण एशिया में भारत की केंद्रीय भूमिका को अहम बताया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत को महत्वपूर्ण माना.
पोलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का खुलकर समर्थन किया है. भारत में पोलैंड के राजदूत पियोट्र एंटोनी स्विताल्स्की ने कहा कि उनका देश आतंकवाद का शिकार रहा है, इसलिए वह आतंकियों के खिलाफ भारत के कदम का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि भारत को आतंकियों के खिलाफ जहां भी वे हों, कार्रवाई करने का अधिकार है.
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई ने 7 मई के हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिक्रिया को बेहद धीमा पाया. पायलट के अनुसार 22 मिनट का विंडो खुला रहा, जिससे मिशन पूरा कर विमान सुरक्षित लौट आए.
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की चर्चा छाई रही, लेकिन असली हीरो सुखोई-30MKI था. दो रैंपेज ALBM सटीक हमले के लिए, दो अस्त्र मिसाइल आसमान साफ करने और दो R-73 मिसाइलें नजदीकी लड़ाई के लिए.
ऑपरेशन महादेव से लेकर शाहजाद भट्टी नेटवर्क तक, एक साल में सेना ने जम्मू-कश्मीर में 34 बड़े ऑपरेशन चलाए. चिनार और व्हाइट नाइट कोर ने घुसपैठ रोकी, ठिकाने तोड़े और आतंकियों को खत्म किया.
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग ISPR ने लंबा बयान जारी कर भारत पर इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान ने ‘मरका-ए-हक’ और भारतीय विमानों को मार गिराने जैसे अपने पुराने दावों को दोहराते हुए डॉक्यूमेंट्री की कहानी को खारिज किया है.
पहलगाम की जिस बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने गोलियां बरसाई थीं वहीं अब पक्की सड़क का काम शुरू हो गया है. बैसरन को सड़क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.
डिस्कवरी की नई डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने आतंकियों को लेकर क्या संदेश दिया था और ऑपरेशन सिंदूर कैसे तैयार हुआ.
ऑपरेशन सिंदूर में रिटायर्ड पीएएफ अधिकारी खालिद चिश्ती ने माना कि पाकिस्तान ने F-16 फ्लीट जमीन पर रखी क्योंकि राफेल की मेटियोर मिसाइल, AMRAAM से लंबी रेंज वाली थी. रेंज और फर्स्ट-शॉट एडवांटेज ने हवाई लड़ाई तय की.
एक संसदीय समिति ने जम्मू कश्मीर के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट सौंपी है. इसमें CCTV कवरेज बढ़ाने, हाईटेक निगरानी और नियमित ऑडिट करने की बात कही गई है.
रिटायर्ड CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई 2025 को पाकिस्तान ने सुबह युद्धविराम मांगा, लेकिन भारत ने जानबूझकर दोपहर तक इंतजार कराया क्योंकि कार्रवाई बाकी थी. लक्ष्य निर्णायक जीत हासिल करना था.
पहलगाम आतंकी हमले के करीब एक साल बाद कश्मीर में फिर आतंकियों ने हमला किया है. अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद घाटी में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया.
एनआईए ने पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर पाकिस्तान की साजिश और उसकी भूमिका का विस्तार से जिक्र किया है.