पिछले छह महीने से टाटा ग्रुप के बीच चल रहे विवाद को लेकर बुधवार को एक नया मोड़ आ गया, जब टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह आगे अपना कार्यकाल नहीं बढ़ाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि ग्रुप के कई परिवर्तनकारी योजनाएं अंतिम चरण में अटके हुए हैं और लीडरशिप को लेकर स्पष्टता बहुत जरूरी है. चंद्रशेखरन चेयरमैन के पद पर 20 फरवरी 2027 तक अपने कार्यकाल को पूरा करेंगे. इसके बाद नया चेयरमैन TATA Sons को आगे बढ़ाएगा.
अचानक से चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद फिर से एक दशक पुराने विवाद की याद दिला दी है, जब साइरस मिस्त्री को अचानक से निकाल दिया गया था. उस समय ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. बाद में टाटा के हक में फैसला आया. उस विवाद ने टाटा ग्रुप के लिए कई सवाल छोड़ गया था.
अब एक बार फिर सबसे बड़ा सवाल है कि टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा? जो टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के बीच हो रहे मतभेद को खत्म करे. साथ टीसीएस, एअर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसे कारोबारों में आए संकट से उबार सके. इसके अलावा, लंबे समय तक टाटा संस का नेतृत्व कर सके?
कैसे होगा टाटा संस के चेयमैन का चुनाव?
टाटा संस के नियमों के अनुसार, चेयरमैन का चयन 5 सदस्यीय समिति द्वारा किया जाता है. तीन सदस्यों को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा संयुक्त रूप से मनोनीत किया जाता है. एक सदस्य को टाटा संस बोर्ड द्वारा और पांचवां सदस्य बोर्ड द्वारा चुना गया एक स्वतंत्र सदस्य होता है. फिर ये सभी सदस्य मिलकर टाटा संस के चेयरमैन का चुनाव करते हैं.
नोएल टाटा क्यों नहीं बन सकते चेयरमैन?
चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद नोएल टाटा अंतरिम अध्यक्ष बन सकते थे. जैसे साइरस मिस्त्री के अचानक निकलने के बाद रतन टाटा ने अंतरिम अध्यक्ष का पद संभाला था. हालांकि, चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है. ऐसे में हो सकता है कि नए चेयरमैन के चुनाव के लिए यह पर्याप्त समय हो.
वहीं एक सवाल यह भी उठ रहे हैं कि नोएल टाटा क्यों नहीं टाटा संस के चेयरमैन बन सकते हैं? इसका सबसे बड़ा कारण साल 2022 में टाटा संस का संशोधित नियम है. जिसमें यह कहा गया है कि टाटा ट्रस्ट का अध्यक्ष रहते हुए, टाटा संस का चेयरमैन नहीं बन सकते हैं. रतन टाटा दोनों पदों पर रहने वाले अंतिम व्यक्ति थे.
किस-किस का नाम चल रहा है?
टाटा ग्रुप के एक बयान के अनुसार, चंद्रशेखरन के उत्तराधिकार के चयन का प्रॉसेस भी शुरू हो चुका है. इस पद के लिए जिन नामों की चर्चा चल रही है, उनमें टाटा स्टील के मैनेजमेंट डायरेक्टर (MD) 61 साल के टीवी नरेंद्रन का नाम भी शामिल है.
टाटा समूह के एक अनुभवी सदस्य, नरेंद्रन 1988 में समूह में शामिल हुए थे और उन्होंने अपना पूरा करियर टाटा स्टील में बिताया है और 2013 से कंपनी की लीडरशिप रोल निभा रहे हैं. टाटा संस के निदेशक और टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा, टाटा स्टील के उपाध्यक्ष हैं. इनके अलावा, मीडिया में जिन और नामों का जिक्र है, उनमें नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा और माया टाटा का नाम भी सामने आ रहा है.