उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस ने अवैध तमंचे बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया है. असमोली थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव में चल रही इस फैक्ट्री पर पुलिस ने छापेमारी कर 42 अधबने और दो तैयार तमंचे बरामद किए हैं. इसके अलावा हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में उपकरण भी पुलिस के हाथ लगे हैं. मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी इकरार हीरापुर गांव का रहने वाला है. वह दिन में बजरफुट बेचने का काम करता था और रात होते ही अवैध तमंचे बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था. पुलिस का कहना है कि वह दिन में अपना काम करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो और रात के समय अवैध तमंचे तैयार किए जाते थे.
दरअसल, असमोली थाना पुलिस को हीरापुर गांव में अवैध तमंचे बनाने की फैक्ट्री चलाए जाने की जानकारी मिली थी. इसके बाद एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी की. असमोली थाना प्रभारी सुधीर पवार, इंस्पेक्टर क्राइम संजीव गिरी और सब इंस्पेक्टर अनुज चौहान ने टीम के साथ जाल बिछाया.
पुलिस टीम ने हीरापुर गांव में संचालित फैक्ट्री पर छापेमारी की. मौके पर घेराबंदी कर पुलिस ने कार्रवाई की तो अंदर अवैध तमंचे बनाने का काम चलने की बात सामने आई. पुलिस ने मौके से ही इकरार को गिरफ्तार कर लिया. फैक्ट्री की तलाशी के दौरान 315 बोर के दो तैयार तमंचे और 42 अधबने तमंचे बरामद किए गए.
हीरापुर गांव में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
पुलिस ने हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं. वहीं, फैक्ट्री संचालित करने में शामिल दूसरा आरोपी मोहम्मद ताहिर पुलिस की कार्रवाई के दौरान फरार हो गया. अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है. गिरफ्तार आरोपी इकरार से पुलिस ने पूछताछ की. पूछताछ में सामने आया कि अवैध तमंचे बनाने वाली यह फैक्ट्री पिछले करीब तीन महीने से संचालित की जा रही थी. इस दौरान यहां तैयार किए गए करीब 30 तमंचे बाजार में बेचे जा चुके हैं.
यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की चिंता और बढ़ गई है. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अवैध तमंचे खरीदने वालों तक पहुंचने के लिए पुलिस की एक टीम गठित की है. अब पुलिस उन लोगों को ट्रेस कर रही है, जिन्होंने इस फैक्ट्री से तमंचे खरीदे थे. पुलिस का लक्ष्य इन लोगों तक पहुंचकर बेचे गए अवैध हथियारों को बरामद करना है.
अजीज को बताया गया असली मास्टरमाइंड
पूछताछ में पुलिस को अवैध तमंचा फैक्ट्री के पीछे एक और नाम की जानकारी मिली है. पुलिस के मुताबिक, संभल का रहने वाला अजीज इस पूरे मामले का असली मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. आरोप है कि उसी ने इकरार और फरार आरोपी मोहम्मद ताहिर को अवैध तमंचे बनाने की ट्रेनिंग दी थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. फैक्ट्री से तमंचे तैयार करने के बाद उन्हें बाजार में बेचने की बात सामने आई है. पुलिस उन लोगों की पहचान करने में लगी है, जिन्हें ये हथियार बेचे गए थे.
गिरफ्तार आरोपी इकरार की कहानी भी इस मामले में खास है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह दिन में बजरफुट बेचने का काम करता था. इसके बाद रात होते ही वह अवैध तमंचे बनाने वाली फैक्ट्री में पहुंच जाता था. पुलिस के मुताबिक, दिन में सामान्य काम करने का मकसद लोगों को शक से दूर रखना था. रात में फैक्ट्री में तमंचे तैयार किए जाते थे और फिर उन्हें बाजार में सप्लाई किया जाता था. इस तरह इकरार दिन में बजरफुट बेचने और रात में अवैध हथियार बनाने का काम कर रहा था.
फरार आरोपी पर इनाम और गैंगस्टर एक्ट की तैयारी
अवैध तमंचा फैक्ट्री के खुलासे के बाद संभल पुलिस अब आरोपियों पर और सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है. फरार आरोपी मोहम्मद ताहिर पर जल्द ही इनाम घोषित किए जाने की बात कही गई है. वहीं गिरफ्तार आरोपी इकरार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ ही अवैध हथियारों की खरीद और बिक्री से जुड़े लोगों तक पहुंचने में जुटी है.
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में करीब 30 लोगों को अवैध तमंचे बेचे जाने की जानकारी सामने आई है. अब पुलिस इन सभी लोगों को ट्रेस करने की कोशिश कर रही है. पुलिस इन लोगों तक पहुंचकर अवैध तमंचे बरामद करने की कार्रवाई करेगी. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में असमोली थाना पुलिस को अवैध तमंचे बनाने की फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी मिली थी. छापेमारी के दौरान 42 अधबने और दो तैयार तमंचे बरामद किए गए. इसके साथ ही तमंचे बनाने के उपकरण भी मिले हैं.
एसपी के मुताबिक, इकरार को मौके से गिरफ्तार किया गया है, जबकि मोहम्मद ताहिर फरार है. पूछताछ में पता चला कि फैक्ट्री पिछले तीन महीने से चल रही थी और अब तक करीब 30 तमंचे तैयार करके बेचे जा चुके हैं. पुलिस के अनुसार, अजीज नाम के व्यक्ति ने इकरार और ताहिर को तमंचे बनाने की ट्रेनिंग दी थी. अब पुलिस उन लोगों को ट्रेस कर रही है, जिन्हें ये तमंचे बेचे गए हैं. पुलिस इन हथियारों को भी बरामद करने की कोशिश करेगी.
15 अगस्त को इस्तेमाल की बात गलत
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पुलिस हाई अलर्ट पर है और सभी पुलिस विंग को अलर्ट पर रखा गया है. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि इन अवैध तमंचों का इस्तेमाल 15 अगस्त को किया जाना था, ऐसा कहना बिल्कुल गलत होगा. पुलिस अब इस मामले में फैक्ट्री से जुड़े सभी लोगों तक पहुंचने, फरार आरोपी को गिरफ्तार करने और बाजार में बेचे गए अवैध तमंचों को बरामद करने की कार्रवाई में जुटी है. इस कार्रवाई के बाद अवैध हथियारों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है.