नटराजन चंद्रशेखरन
नटराजन चंद्रशेखरन (Natarajan Chandrasekaran) टाटा संस के अध्यक्ष हैं (Chairman of Tata Sons). वह मुख्य परिचालन अधिकारी (COO of TCS) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के कार्यकारी निदेशक थे, जहां 2009 में वे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO of TCS) बने. वह टाटा मोटर्स और टाटा ग्लोबल बेवरेजेज (Chairman of Tata Motor Motors and TGB) के अध्यक्ष भी थे. वह टाटा समूह के प्रमुख बनने वाले पहले गैर-पारसी और पेशेवर कार्यकारी अधिकारी बने (First Non-Parsi and Professional Executive to Head the Tata Group). 18 दिसंबर 2019 को, नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने चंद्रशेखरन की टाटा संस में बतौर अध्यक्ष नियुक्ति को अवैध माना और साइरस मिस्त्री को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में बहाल किया था. जनवरी 2020 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने NCLAT के आदेश को खारिज कर दिया था. जनवरी 2022 में, बावा को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया (Padma Bhushan).
चंद्रशेखरन का जन्म 2 जून 1963 भारत के तमिलनाडु में नमक्कल के पास मोहनूर में हुआ था (Natarajan Chandrasekaran Age). उन्होंने मोहनूर के एक तमिल सरकारी स्कूल में पढ़ाई की. बाद में, उन्होंने तमिलनाडु में कोयंबटूर प्रौद्योगिकी संस्थान से विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने 1986 में क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) की (Natarajan Chandrasekaran Education).
चंद्रशेखरन 1987 में टीसीएस में शामिल हुए और 6 अक्टूबर 2009 को सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला. उनके नेतृत्व में टीसीएस ने 2015-16 में 16.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समेकित राजस्व अर्जित किया. TCS 556,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ, भारत में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा नियोक्ता है. 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के बाजार पूंजीकरण के साथ टीसीएस 2015-16 में भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई. 2015 में टीसीएस को आईटी सेवाओं में दुनिया की सबसे शक्तिशाली ब्रांड के रूप में दर्जा दिया गया था. 2015 में ही उसे 24 देशों में शीर्ष नियोक्ता संस्थान द्वारा वैश्विक शीर्ष नियोक्ता के रूप में मान्यता दी गई थी (N Chandrasekaran Career at TCS).
वह अपनी पत्नी ललिता के साथ मुंबई में रहते हैं (Natarajan Chandrasekaran Wife). एन चंद्रशेखरन एक शौकीन फोटोग्राफर, संगीत प्रेमी और लंबी दूरी के धावक हैं, जिन्होंने एम्स्टर्डम, बोस्टन, शिकागो, बर्लिन, मुंबई, न्यूयॉर्क और टोक्यो में मैराथन पूरा किया है (Long-distance Runner).
टाटा ग्रुप के भीतर टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच चल रही खींचतान पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी चिंता जताई है. उन्होंने दोनों पक्षों से जल्द बातचीत कर विवाद सुलझाने की अपील की है. वित्त मंत्री का कहना है कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है और इस तरह के मतभेद सार्वजनिक नहीं होने चाहिए.
Marco Rubio ने बुधवार को अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी से मुंबई में मुलाकात की. इसके बाद वे टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से भी मिले. इन दोनों से मुलाकात करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री मुकेश अंबानी की रिलायंस रिफाइनरी का दौरा करने के लिए जामनगर निकल गए.
टाटा ग्रुप के अंदर चेयरमैन पद को लेकर खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, जबकि टाटा संस ने इसे नियमों और कानून के मुताबिक लिया गया फैसला बताया है.
टाटा सन्स (Tata Sons) में एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है. चंद्रशेखरन की पत्नी ललिता और बेटे प्रणव एक कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिसे टीवीएस मोटर ने तमिलनाडु में 17 एकड़ जमीन लीज पर दी है. खास बात यह है कि टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन के पांच साल के नए कार्यकाल के पक्ष में वोट किया था
TATA Sons IPO Listing Controversy: टाटा सन्स की लिस्टिंग को लेकर टाटा ग्रुप में खींचतान बढ़ती दिख रही है. एक तरफ RBI के नियमों के चलते कंपनी शेयर बाजार में उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इसके पक्ष में नहीं हैं. अब टाटा सन्स को कई हिस्सों में बांटने यानी ‘स्प्लिट’ का विकल्प भी चर्चा में है.
एन चंद्रशेखरन के दोबार नियुक्ति को नोएल टाटा चैलेंज कर सकते हैं, क्योंकि टाटा ट्रस्ट का कहना है कि ट्रस्ट के दोनों डायरेक्टरों का सपोर्ट जरूरी है, लेकिन एक डायरेक्टर ने इसका विरोध किया है. ऐसे में यह सही नहीं माना जा सकता है.
टाटा संस के दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक शापूरजी पलोनजी ग्रुप के प्रमुख शापूरजी पलोनजी मिस्त्री ने IPO लाने के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ये फैसला किसी एक पक्ष की जीत या दूसरे की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
टाटा संस (Tata Sons) की IPO लिस्टिंग को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. कंपनी के बोर्ड ने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है, लेकिन टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) ने इस पर सहमति नहीं दी है. ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी लिस्टिंग में जल्दबाजी के बजाय पहले दूसरे विकल्प तलाशने की बात कही है.
नोएल टाटा को छोड़कर बाकी सभी बोर्ड के सदस्यों ने एकतरफा वोट एन. चंद्रशेखरन के पक्ष में किया है. नोएल टाटा का मानना है कि जब चंद्रशेखरन ने खुद पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी, तो बोर्ड को नया उत्तराधिकारी खोजना चाहिए था.
यह बातचीत एन चंद्रशेखरन द्वारा फरवरी में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटने के फैसले से पहले की बताई जा रही है. नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन के बीच कई मुद्दों पर मतभेद थे, और पिछले कुछ वर्षों से गतिरोध बढ़ रहा था.
चंद्रशेखरन के इस्तीफा के बाद टाटा संस के चेयरमैन की तलाश शुरू हो चुकी है. चेयरमैन के चुनाव के लिए 5 सदस्यों की समिति बनाई जाएगी और फिर किसी एक नाम पर मुहर लगेगी.
एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जिसने टाटा ग्रुप में विवाद का एक नया चैप्टर खुल गया. आखिर चंद्रशेखरन ने अचानक से इस्तीफा क्यों दिया? एक दशक पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ था... आइए जानते हैं इसकी इनसाइड स्टोरी.
Tata Group के अंदर आखिर क्या चल रहा है? N. Chandrasekaran ने Tata Sons के चेयरमैन पद से तत्काल इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने फरवरी 2027 के बाद अपने कार्यकाल के विस्तार से इनकार कर दिया है.. इसी बीच Sir Ratan Tata Trust के Vice Chairman Vijay Singh के इस्तीफे ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह 20 फरवरी 2027 तक मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे. चंद्रशेखरन ने टाटा ट्रस्ट और टाटा संस बोर्ड से अपना उत्तराधिकारी चुनने को कहा है.
Tata Sons Chairman Step Down: रतन टाटा के भरोसेमंद माने जाने वाले एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने टाटा ग्रुप में एक इंटर्न के तौर पर 1987 से शुरुआत करते हुए 40 साल बिताए हैं.
टाटा ग्रुप के शेयर में भारी गिरावट देखी जा रही है, क्योंकि टाटा संस के चेयरमैन पद से एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद सबसे ज्यादा गिरावट टीसीएस के शेयरों में आई है.
N Chandrasekaran Resign: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी की एजीएम से पहले उन्होंने ये पड़ा कदम उठाया है.
जब बात देश के सबसे महंगे और पॉश पते की होती है, तो पूरी दुनिया की नजरें दक्षिण मुंबई के अल्टामाउंट रोड और वहां स्थित मुकेश अंबानी के गगनचुंबी आशियाने 'एंटीलिया' पर टिक जाती हैं.
TCS AGM 2026: टीसीएस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया कि बड़े पैमाने पर की जाने वाली भर्तियों की रफ्तार थोड़ी कम हो जाएगी. अब AI एजेंट्स इंसानी कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेंगे.
टाटा समूह ने उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने ताज, विवांता और सिलेक्शन्स ब्रांड के साथ 30 नए होटलों के निर्माण की योजना प्रस्तुत की, जिसमें 1900 लक्जरी कमरे शामिल होंगे.
Tata Group में आंतरिक मतभेदों का मामला अब सरकार तक पहुंच चुका है और इसे लेकर बड़ी बैठक हुई है. इसमें ग्रुप के टॉप मैनेजमेंट को बिना किसी टकराव के किसी भी तरह मामले को सुलझाने के लिए कहा गया है.