नोएल नवल टाटा रतन टाटा के सौतेले भाई हैं (Noel Tata). 11 अक्टूबर 2024 को रतन टाटा की मृत्यु के बाद, नोएल को टाटा ट्रस्ट्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. जिनके पास टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस में 66% हिस्सेदारी है. साथ ही समूह के अधिकांश शेयर भी हैं.
नोएल टाटा नवल टाटा और सिमोन टाटा के बेटे हैं. वे जिमी टाटा के सौतेले भाई हैं. नोएल टाटा ने ससेक्स विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और फ्रांस में INSEAD बिजनेस स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी कार्यक्रम में भाग लिया.
उनकी शादी आलू मिस्त्री से हुई है, जो पल्लोनजी मिस्त्री की बेटी हैं. पल्लोनजी मिस्त्री टाटा संस (टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी) में सबसे बड़े शेयरधारक थे. नोएल टाटा के तीन बच्चे हैं, लिआह, माया और नेविल.
सबसे बड़ी बेटी, लिआह टाटा ने मैड्रिड में IE बिजनेस स्कूल से मार्केटिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की. वे टाटा हॉस्पिटैलिटी शाखा, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड में उपाध्यक्ष हैं.
दूसरी बेटी, माया टाटा ने लंदन में बेयस बिजनेस स्कूल और वारविक विश्वविद्यालय में अपनी शिक्षा शुरू की. माया ने टाटा कैपिटल में विश्लेषक के रूप में काम किया और टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट की बोर्ड सदस्य हैं.
बेटा, नेविल टाटा, जो बेयस बिजनेस स्कूल का पूर्व छात्र है, ने अपना करियर टाटा की मुख्य खुदरा शाखा, ट्रेंट लिमिटेड के साथ शुरू किया. बाद में ज़ूडियो संचालन का नेतृत्व किया और वर्तमान में स्टार बाजार का नेतृत्व कर रहे हैं. वह एक आयरिश नागरिक है.
Tatas boardroom tussle: श्रीनिवासन ने चैरिटी कमिश्नर से अपील की है कि टाटा ट्रस्ट्स के प्रशासन की तुरंत जांच शुरू की जाए और आवश्यकता पड़ने पर दोषी ट्रस्टियों को निलंबित या बर्खास्त किया जाए.
Noel Tata New Plan: टाटा सन्स में टाटा ट्रस्ट्स की 66% हिस्सेदारी हिस्सेदारी है, अब टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के बोर्ड को एक पुनर्गठन प्रस्ताव सौंपा है, जिसके तहत ग्रुप की दो गैर-लिस्टेड कंपनियों का विलय सीधे टाटा संस में किया जाएगा.
टाटा ग्रुप के अंदर चेयरमैन पद को लेकर खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, जबकि टाटा संस ने इसे नियमों और कानून के मुताबिक लिया गया फैसला बताया है.
टाटा सन्स (Tata Sons) में एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है. चंद्रशेखरन की पत्नी ललिता और बेटे प्रणव एक कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिसे टीवीएस मोटर ने तमिलनाडु में 17 एकड़ जमीन लीज पर दी है. खास बात यह है कि टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन के पांच साल के नए कार्यकाल के पक्ष में वोट किया था
TATA Sons IPO Listing Controversy: टाटा सन्स की लिस्टिंग को लेकर टाटा ग्रुप में खींचतान बढ़ती दिख रही है. एक तरफ RBI के नियमों के चलते कंपनी शेयर बाजार में उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इसके पक्ष में नहीं हैं. अब टाटा सन्स को कई हिस्सों में बांटने यानी ‘स्प्लिट’ का विकल्प भी चर्चा में है.
एन चंद्रशेखरन के दोबार नियुक्ति को नोएल टाटा चैलेंज कर सकते हैं, क्योंकि टाटा ट्रस्ट का कहना है कि ट्रस्ट के दोनों डायरेक्टरों का सपोर्ट जरूरी है, लेकिन एक डायरेक्टर ने इसका विरोध किया है. ऐसे में यह सही नहीं माना जा सकता है.
टाटा संस के दूसरे सबसे बड़े शेयरधारक शापूरजी पलोनजी ग्रुप के प्रमुख शापूरजी पलोनजी मिस्त्री ने IPO लाने के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ये फैसला किसी एक पक्ष की जीत या दूसरे की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
नोएल टाटा ने टाटा संस के बोर्ड से आरबीआई और टाटा संस के बीच हुए पिछले ढाई सालों में बातचीत का ब्यौरा मांगा है. उन्होंने यह भी कहा है कि आरबीआई ने कभी नहीं कहा है कि टाटा संस की लिस्टिंग होनी चाहिए.
टाटा संस (Tata Sons) की IPO लिस्टिंग को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. कंपनी के बोर्ड ने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है, लेकिन टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) ने इस पर सहमति नहीं दी है. ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी लिस्टिंग में जल्दबाजी के बजाय पहले दूसरे विकल्प तलाशने की बात कही है.
नोएल टाटा को छोड़कर बाकी सभी बोर्ड के सदस्यों ने एकतरफा वोट एन. चंद्रशेखरन के पक्ष में किया है. नोएल टाटा का मानना है कि जब चंद्रशेखरन ने खुद पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी, तो बोर्ड को नया उत्तराधिकारी खोजना चाहिए था.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस की लिस्टिंग के मामले में अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है. सेंट्रल बैंक ने बॉम्बे हाई कोर्ट में कैविएट दायर की है, वहीं हाल में टाटा संस की रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी भी खारिज की गई थी.
इस फैसले से टाटा संस के शेयर ट्रांसफर से जुड़ा यह पुराना विवाद अब खत्म हो गया है. मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा के नेतृत्व को बड़ी कानूनी राहत भी मिली है.
12 अगस्त को टाटा संस के चेयरमैन पद से एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया था और आज उसकी एनुअल जनरल मीटिंग होने वाली है. हालांकि उससे पहले ही एक बड़ी रुकावट आई है.
यह बातचीत एन चंद्रशेखरन द्वारा फरवरी में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटने के फैसले से पहले की बताई जा रही है. नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन के बीच कई मुद्दों पर मतभेद थे, और पिछले कुछ वर्षों से गतिरोध बढ़ रहा था.
चंद्रशेखरन के इस्तीफा के बाद टाटा संस के चेयरमैन की तलाश शुरू हो चुकी है. चेयरमैन के चुनाव के लिए 5 सदस्यों की समिति बनाई जाएगी और फिर किसी एक नाम पर मुहर लगेगी.
एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जिसने टाटा ग्रुप में विवाद का एक नया चैप्टर खुल गया. आखिर चंद्रशेखरन ने अचानक से इस्तीफा क्यों दिया? एक दशक पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ था... आइए जानते हैं इसकी इनसाइड स्टोरी.
Tata Group के अंदर आखिर क्या चल रहा है? N. Chandrasekaran ने Tata Sons के चेयरमैन पद से तत्काल इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने फरवरी 2027 के बाद अपने कार्यकाल के विस्तार से इनकार कर दिया है.. इसी बीच Sir Ratan Tata Trust के Vice Chairman Vijay Singh के इस्तीफे ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह 20 फरवरी 2027 तक मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे. चंद्रशेखरन ने टाटा ट्रस्ट और टाटा संस बोर्ड से अपना उत्तराधिकारी चुनने को कहा है.
Maya Tata New Role: टाटा ग्रुप में अब तक Tata Digital kकी कमान संभालने वालीं दिवंगत Ratan Tata की भतीजी माया टाटा नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं और वे कथित तौर पर ट्रेंट के वेस्टसाइड से जुड़ने वाली हैं.
नोएल टाटा की बेटी माया टाटा को अब एक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. वह टाटा डिजिटल से बाहर निकलने पर भी विचार कर रही हैं. अभी तक वे हजारों करोड़ का बिजनेस संभालती हैं.
रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा का निधन हो गया है. 95 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. उनका जन्म जिनेवा, स्विट्जरलैंड में हुआ था.