टाटा समूह
टाटा समूह (Tata Group) एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह (Indian Multinational Conglomerate) है जिसका मुख्यालय मुंबई, भारत में है (Tata Group Headquarters). यह भारत की सबसे बड़ी और सबसे अधिक लाभदायक कंपनियों में से एक है. यह 150 से अधिक देशों में उत्पादों और सेवाओं के साथ भारत का सबसे बड़ा समूह है. यह विश्व के छह महाद्वीपों के 100 देशों में संचालन करता है (Tata Group Area Served). टाटा समूह एशिया का 5वां सबसे मूल्यवान कॉर्पोरेट है. रतन टाटा (Ratan Tata) इस ग्रुप के चेयरमैन एमरिटस हैं (Tata Group Chairman Emeritus), जबकि नटराजन चंद्रशेखरन (Natarajan Chandrasekaran) इसके चेयरमैन हैं (Tata Group Chairman).
टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी (Tata Group Founded by Jamshedji Tata). इस समूह ने कई वैश्विक कंपनियों को खरीदने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की. यह भारत के सबसे बड़े और सबसे पुराने औद्योगिक समूहों में से एक है. टाटा समूह के अंदर मौजूद तमाम कंपनियां अपने निदेशक मंडलों और शेयरधारकों के मार्गदर्शन में स्वतंत्र रूप से काम करती हैं.
भारत की विकास गाथा में टाटा समूह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. 2018 में, इसने देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 4 प्रतिशत का योगदान दिया और भारत में कुल टैक्सेशन का 2.24% यानी 47,195 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो किसी भी कॉर्पोरेट समूह द्वारा दी गई उच्चतम राशि थी (Tata Group Contribution).
टाटा नैनो, दुनिया की सबसे सस्ती कार, जिसकी कीमत ₹1 लाख रखी गई थी, को 2008 में टाटा मोटर्स ने लॉन्च किया था. टाटा समूह के महत्वपूर्ण सहयोगियों में एयर इंडिया, टाटा केमिकल्स, टाटा कम्युनिकेशंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा एलेक्सी, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा स्टील, जमशेदपुर एफसी, तनिष्क, वोल्टास, टाटा क्लिक, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, टाटा कैपिटल, टाइटन, ट्रेंट, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड, ताजएयर, क्रोमा, और टाटा स्टारबक्स आदि शामिल हैं (Tata Group Products).
2021 तक 103 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुमानित राजस्व के साथ, टाटा समूह न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में सबसे बड़े समूहों में से एक बना हुआ था. टाटा की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के 66% पर परोपकारी ट्रस्ट का नियंत्रण है, जबकि टाटा परिवार एक बहुत छोटा शेयरधारक है (Tata Group Shareholders).
टाटा ग्रुप में 12 नवंबर को बड़ा बदलाव हो सकता है. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा 70 साल के होते ही ट्रेंट, वोल्टास, टाटा स्टील और टाइटन समेत छह कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे. हालांकि, वह टाटा संस के बोर्ड में बने रहेंगे. ऐसे में सवाल है कि नोएल टाटा के हटने से इन कंपनियों के नेतृत्व और टाटा ग्रुप के फैसलों पर क्या असर पड़ेगा?
टाटा ग्रुप अब दूसरे नंबर पर आ गया है, जिसका मंगलवार को कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 25.51 लाख करोड़ रुपये था. वहीं बिजनेस टुडे के AceEquity डेटा से पता चला कि एक दिन पहले अडानी ग्रुप की कुल मार्केट वैल्यू 16.68 लाख करोड़ रुपये थी.
Trent Share Upper Circuit: टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट के शेयर में पैसे लगाने वाले मंगलवार को मालामाल हो गए. खुलने के साथ ही इस टाटा स्टॉक ने गदर मचाना शुरू कर दिया और अपर सर्किट हिट किया.
Noel Tata New Plan: टाटा सन्स में टाटा ट्रस्ट्स की 66% हिस्सेदारी हिस्सेदारी है, अब टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के बोर्ड को एक पुनर्गठन प्रस्ताव सौंपा है, जिसके तहत ग्रुप की दो गैर-लिस्टेड कंपनियों का विलय सीधे टाटा संस में किया जाएगा.
टाटा ग्रुप के अंदर चेयरमैन पद को लेकर खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है. टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, जबकि टाटा संस ने इसे नियमों और कानून के मुताबिक लिया गया फैसला बताया है.
टाटा मोटर्स जल्द ही एक नई कार लॉन्च करने वाली है. कंपनी के पोर्टफोलियो में अगली कार एक सेडान होने वाली है. कंपनी मारुति सुजुकी डिजायर और हुंडई ऑरा के कंपटीशन में अपनी टिगोर को अपडेट करने वाली है. टाटा इस कार का नाम बदलकर एरिस कर सकती है. इसके डिजाइन और इंटीरियर में हमें कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
टाटा सन्स (Tata Sons) में एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया मोड़ सामने आया है. चंद्रशेखरन की पत्नी ललिता और बेटे प्रणव एक कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिसे टीवीएस मोटर ने तमिलनाडु में 17 एकड़ जमीन लीज पर दी है. खास बात यह है कि टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन के पांच साल के नए कार्यकाल के पक्ष में वोट किया था
सरकार चीनी निवेश पर ऑटो कंपनियों को पीएलआई स्कीम के तहत इंसेंटिव का लाभ दे सकती है. यह इंसेंटिव कंपनियों को उनकी मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट के लिए दिया जाता है, ताकि कंपनियों को एक सपोर्ट मिल सके.
TATA Sons IPO Listing Controversy: टाटा सन्स की लिस्टिंग को लेकर टाटा ग्रुप में खींचतान बढ़ती दिख रही है. एक तरफ RBI के नियमों के चलते कंपनी शेयर बाजार में उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इसके पक्ष में नहीं हैं. अब टाटा सन्स को कई हिस्सों में बांटने यानी ‘स्प्लिट’ का विकल्प भी चर्चा में है.
एन चंद्रशेखरन के दोबार नियुक्ति को नोएल टाटा चैलेंज कर सकते हैं, क्योंकि टाटा ट्रस्ट का कहना है कि ट्रस्ट के दोनों डायरेक्टरों का सपोर्ट जरूरी है, लेकिन एक डायरेक्टर ने इसका विरोध किया है. ऐसे में यह सही नहीं माना जा सकता है.
नोएल टाटा ने टाटा संस के बोर्ड से आरबीआई और टाटा संस के बीच हुए पिछले ढाई सालों में बातचीत का ब्यौरा मांगा है. उन्होंने यह भी कहा है कि आरबीआई ने कभी नहीं कहा है कि टाटा संस की लिस्टिंग होनी चाहिए.
टाटा संस (Tata Sons) की IPO लिस्टिंग को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है. कंपनी के बोर्ड ने लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है, लेकिन टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) ने इस पर सहमति नहीं दी है. ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी लिस्टिंग में जल्दबाजी के बजाय पहले दूसरे विकल्प तलाशने की बात कही है.
एन चंद्रशेखरन को फिर से टाटा संस के चेयरमैन पद के लिए चुना गया है. सभी बोर्ड मेंबर ने चंद्रशेखरन के अगले पांच साल तक इस पद पर बने रहने के लिए वोट किया है. सिर्फ नोएल टाटा ने इनके खिलाफ वोट किया है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस की लिस्टिंग के मामले में अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है. सेंट्रल बैंक ने बॉम्बे हाई कोर्ट में कैविएट दायर की है, वहीं हाल में टाटा संस की रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी भी खारिज की गई थी.
Tata Sons IPO Update: टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्ट होने से बचने की कोशिश को झटका लगा है और आरबीआई की ओर से NBFC के तौर पर उसकी रजिस्ट्रेशन सरेंडर की अर्जी ठुकराए जाने के बाद अब Tata Sons IPO लाना अनिवार्य हो गया है.
टाटा एक नई कार लाने की तैयारी में लगी हुई है. ये कार दमदार फीचर्स के साथ आएगी. हम बात कर रहे हैं टाटा टिगोर फेसलिफ्ट की. इस कार का डिजाइन काफी हद तक टाटा टियागो फेसलिफ्ट जैसा होने वाला है. कार के इंजन में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है. ICE वर्जन के साथ ही टाटा इस कार के ईवी वर्जन को भी अपडेट करेगी.
टाटा ग्रुप की एक कंपनी को केन्या से कारोबार समेटने के लिए कहा गया है. वहां के राष्ट्रपति विलियम रूटो का कहना है कि टाटा की इस कंपनी के होने या नहीं होने का देश को कोई फायदा नहीं है.
एअर इंडिया की मुश्किलें अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं. भारी घाटे के बीच एयरलाइन ने अपने प्रमोटर्स टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब $1.5 बिलियन की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है. फंडिंग की यह मांग अब सिंगापुर की संसद में भी चर्चा का मुद्दा बन गई है.
एअर इंडिया के टर्नअराउंड प्लान के बीच एयरलाइन को बड़ी पूंजी की जरूरत पड़ रही है. कंपनी ने अपने मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब $1.5 बिलियन की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है. एयरलाइन को इस रकम की तत्काल जरूरत है और फंडिंग किस्तों में भी मिल सकती है. यह मांग ऐसे समय आई है, जब एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड $2.33 बिलियन का संयुक्त घाटा दर्ज किया है.
भारत में एयर कंडीशनर की बढ़ती मांग के बीच अब कंप्रेसर और दूसरे अहम कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन पर जोर बढ़ रहा है. टाटा ग्रुप की वोल्टास और एटमबर्ग इनोवेशन ने रूम एसी के लिए कंप्रेसर और अन्य पार्ट्स बनाने, सप्लाई करने और डेवलप करने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर की बाइंडिंग टर्म शीट साइन की है.
12 अगस्त को टाटा संस के चेयरमैन पद से एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया था और आज उसकी एनुअल जनरल मीटिंग होने वाली है. हालांकि उससे पहले ही एक बड़ी रुकावट आई है.