बेंगलुरु बेस्ड एक कंपनी के फाउंडर और सीईओ खुशी में झूमते हुए अचानक ऑफिस के भीतर स्कूटर (CEO On Scooter) चलाते हुए नजर आए. उन्हें इस अंदाज में देख वहां पर काम कर रहे कर्मचारी हैरान रह गए. ये कंपनी है नोब्रोकर (NoBroker) और ये सीईओ हैं अमित कुमार अग्रवाल. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे कंपनी की एक टीम की तिमाही सफलता का इस तरह से जश्न मना रहे थे.
CEO ने खुद शेयर किया वीडियो
नोब्रोकर फाउंडर अमित कुमार अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर अपने अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. इस Viral Video में दिख रहा है कि ऑफिस में अपनी जगह पर बैठे कंप्यूटर पर काम कर रहे कर्मचारी अचानक खड़े हो गए और उनके बीच में CEO अमित कुमार अग्रवाल खुशी में झूमते हुए कार्यालय में ही लाल रंग के स्कूटर से धूम रहे हैं. अपने सीईओ को इस तरह देख कुछ कर्मचारी हैरान नजर आए, तो कुछ तालियां बजाते हुए दिख रहे हैं.
I had a very important job that day. Ride a Scooty.
— Amit Kumar Agarwal (@AmitKumarA) July 21, 2026
Our Packers & Movers team was celebrating their amazing quarter, and while there were plenty of rewards waiting to be handed out, one reward had a little more horsepower than the rest.
When people invest their time, effort… pic.twitter.com/VrlZbCIdBx
ऑफिस में स्कूटी से पहुंचने की ये वजह
नोब्रोकर फाउंडर ने अपने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसका लंबा-चौड़ा कैप्शन लिखा. इसमें उन्होंने ऐसा करने के पीछे की वजह का खुलासा किया. उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, इस तरह उन्होंने अपने फॉलोअर्स को यह दिखाया कि कैसे कंपनी की पैकर्स एंड मूवर्स टीम ने अपने सबसे बेहतरीन तिमाही प्रदर्शन किया. टीम की इस सफलता का जश्न मनाने के लिए ही नोब्रोकर कार्यालय में स्कूटी सीईओ स्कूटी चलाते टीम के पास पहुंचे और विजेता कर्मचारी को ये स्कूटी सौंपी.
सीईओ ने पोस्ट में कही ये बड़ी बात
नोब्रोकर सीईओ ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि यह अवसर सिर्फ एक अवार्ड वितरण से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण था, क्योंकि कर्मचारियों ने उन टारगेट्स को प्राप्त करने के लिए महीनों की कड़ी मेहनत, समय और ऊर्जा का निवेश किया था, जो शुरुआत में उन्हें पहुंच से बाहर लग रहे थे और अब उस लक्ष्य को पा लिया है.
'Thank You' कहने का अलग अंदाज
NoBroker के सीईओ ने कहा कि 'थैंक-यू' कहने का सबसे अच्छा तरीका कोई फॉर्मल सेरेमनी नहीं है, बल्कि उसे हासिल करने में अहम योगदान देने वाले उन लोगों के लिए थोड़ा मजाकिया अंदाज में सामने आना भी है, जिन्होंने हर दिन शानदार काम किया. अग्रवाल ने अपनी एक्स पोस्ट के अंत में लिखा, 'और हां, स्कूटर असली विनर को सौंप दिया गया है, लेकिन उससे पहले मैंने उस पर थोड़ी मस्ती भी की.'